§1किसके लिए
- नए MSME
- नए बड़े उद्यम (केवल ज़मीन और भवन)
- बड़ा विस्तार करने वाली इकाइयाँ (FCI में 25%+ बढ़ोतरी)
- निजी औद्योगिक ढाँचा विकसित करने वाले (30+ एकड़)
काम की है अगर
मार्च 2027 से पहले त्रिपुरा में लगने वाले बाँस, रबर, कृषि, चाय, अगर, पैकेजिंग के MSME।
समय न लगाएँ अगर
नकारात्मक सूची वाले काम और ज़्यादातर सेवा व्यापार।
§2पात्रता
- सूक्ष्म, लघु, मध्यम या बड़ा उद्यम जो 1 अप्रैल 2022 से 31 मार्च 2027 के बीच त्रिपुरा में व्यावसायिक उत्पादन शुरू करे (निजी, सहकारी, स्वयं सहायता समूह, संयुक्त क्षेत्र, राज्य सरकार की कंपनियाँ)
- GM, DIC (ज़िला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक) से प्रोत्साहन पात्रता प्रमाणपत्र: औद्योगिक लाइसेंस/LoI/IEM/SIA नंबर या Udyam पंजीकरण की पावती; लाइसेंस वाले सामान के लिए ज़रूरी मंज़ूरियाँ; इकाई में व्यावसायिक उत्पादन चालू हो
- अनुलग्नक-I की नकारात्मक सूची में न हो (जैसे ज़्यादातर सेवाएँ, सिवाय ₹10 करोड़+ के होटल, ₹1 करोड़ के जाँच केंद्र, ₹3 करोड़+ की पर्यटन गतिविधियाँ, 25 बिस्तर वाले ₹3 करोड़+ के अस्पताल, मशीन से चाय मिश्रण; साधारण ईंट/पत्थर की गिट्टी; बिजली वितरण; हलर चावल मिल; खाद/केंचुआ खाद मिलाना; रबर लकड़ी के अलावा लकड़ी का फ़र्नीचर या ₹40 लाख+ का मशीनी काम छोड़कर; अधिसूचित रबर-लकड़ी क्षेत्रों के बाहर आरा मिल; तंबाकू; पान मसाला; <20 माइक्रॉन के कैरी बैग; रिफ़ाइनरी उत्पाद; शराब; केवल पैकिंग/लेबल लगाना)
- 1 अप्रैल 2022 से पहले उत्पादन में आ चुकी इकाइयाँ TIIPIS 2017 के तहत ही रहेंगी
- उसी काम के लिए भारत सरकार या NEC की किसी योजना से मिला प्रोत्साहन राशि से घटा दिया जाएगा (धारा 6.4)
- नकद भुगतान नहीं गिना जाता; सरकारी एजेंसियों/वित्तीय संस्थाओं का बकाया न चुकाने वाली इकाइयों को सब्सिडी नहीं; इकाई चालू होनी चाहिए
§3लाभ
- MSME: स्थायी पूँजी निवेश का 30%, सीमा ₹100 लाख; प्राथमिक क्षेत्र 40%, सीमा ₹125 लाख
- ST/SC/दिव्यांग (40%+)/महिला मालिक, या जिन साझेदारियों में 50% ऐसे साझेदार हों: उसी सीमा में 5% और
- बड़ी इकाइयाँ: ज़मीन और भवन पर 30%/40%, सीमा ₹200 लाख
- निजी ढाँचा विकसित करने वाले: ज़मीन छोड़कर 30%, सीमा ₹500 लाख, ज़मीन कम से कम 30 एकड़
- बड़ा विस्तार: उन्हीं दरों पर एक बार, कुल ₹100/125 लाख की सीमा में
§4नियम — सहायता का तरीका
- FCI = ज़मीन, भवन, TIDC शेड प्रीमियम, नई मशीनरी (औज़ार, ढुलाई, रास्ते का बीमा, बिजली का सामान सहित); पुरानी/दूसरी जगह से लाई मशीनरी शामिल नहीं; घरों के चारों ओर की दीवार शामिल नहीं
- ₹1 करोड़ से ऊपर मशीनरी निवेश पर मशीनरी सब्सिडी भारत सरकार की DPIIT प्रोत्साहन योजना में माँगनी होगी; फिर TIIPIS केवल ज़मीन/भवन पर देगी
- एक ही किस्त; इकाई चालू होनी चाहिए
- व्यावसायिक उत्पादन के एक साल के अंदर दावा
- विकसित करने वाले की सब्सिडी काम पूरा होने पर ही, जब 30% जगह भर जाए और आवंटित इकाइयों में से 30% चालू हों
§5दस्तावेज़
जो दस्तावेज़ तैयार हो जाए, उस पर निशान लगाते जाएँ।
स्थायी पूँजी निवेश का ब्योरा (Annex-I)
§6आवेदन कैसे करें
- 1
प्रोत्साहन पात्रता प्रमाणपत्र (Proforma I श्रृंखला) के लिए SWAAGAT पोर्टल पर ज़िले के GM, DIC को ऑनलाइन आवेदन करें
- 2
फिर हर प्रोत्साहन का दावा SWAAGAT पर तय प्रोफ़ॉर्मा में, सूची के दस्तावेज़ों के साथ भरें
- 3
GM, DIC और दस्तावेज़ माँग सकते हैं
§7फ़ायदे और नुकसान
फ़ायदे
- प्राथमिक क्षेत्र की दर 40%, ₹1.25 करोड़ तक (TIIPIS 2022 धारा 7)
- ज़मीन और भवन शामिल, जिन्हें पूर्वोत्तर की केंद्रीय योजनाएँ अक्सर छोड़ देती हैं
नुकसान
- ₹1 करोड़ से ज़्यादा मशीनरी वाली इकाइयों को मशीनरी के लिए केंद्र की योजना में जाना होगा (धारा 7.2)
- योजना की अवधि 31 मार्च 2027 को खत्म
→मिलती-जुलती योजनाएँ
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¶स्रोत
- Tripura Industrial Investment Promotion Incentive Scheme (TIIPIS), 2022 - notification May 2022 (copy hosted by Dept of Chemicals & Petrochemicals, GoI)
- Operational Guidelines for claiming subsidies under TIIPIS 2022 - Dept of Industries & Commerce, Tripura, June 2022
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