§1आपको क्या मिलेगा

  • ट्रेडमार्क खोज — नाम पहले से किसी का तो नहीं
  • सही क्लास का चुनाव
  • TM-A आवेदन की फ़ाइलिंग
  • जाँच रिपोर्ट (Examination Report) और आपत्ति का जवाब

§2जानने लायक नियम

  • ™ का इस्तेमाल आवेदन के बाद (या पहले भी) किया जा सकता है; ® सिर्फ़ पंजीकरण मिलने के बाद। पंजीकरण 10 साल के लिए वैध रहता है और नवीनीकृत होता है।

    Trade Marks Act, 1999

§3दस्तावेज़

जो तैयार है, उस पर निशान लगाते जाइए।

§4काम कैसे होगा

  1. 1

    नाम/लोगो की खोज

  2. 2

    क्लास तय और आवेदन फ़ाइलिंग

  3. 3

    जाँच रिपोर्ट का जवाब

  4. 4

    जर्नल में प्रकाशन और 4 महीने की आपत्ति अवधि

  5. 5

    पंजीकरण प्रमाणपत्र

§5सवाल-जवाब

™ और ® में क्या फ़र्क है?

™ बताता है कि आप इस नाम को अपना ब्रांड मानते हैं — इसके लिए पंजीकरण ज़रूरी नहीं। ® सिर्फ़ पंजीकृत ट्रेडमार्क पर लगा सकते हैं; बिना पंजीकरण ® लगाना गलत है।

कितनी क्लास चाहिए?

जितने अलग तरह के उत्पादों/सेवाओं पर ब्रांड लगेगा। हर क्लास की फ़ीस अलग लगती है।

→कोटेशन लें

आपका नंबर सिर्फ़ इस पूछताछ के लिए है। काम शुरू होने से पहले तय कीमत बताई जाएगी — कोई छिपा हुआ चार्ज नहीं।

हमारा हितहमारी सेवाएँ (Services) पैसे लेकर दी जाती हैं। विश्वकोश मुफ़्त है और मुफ़्त रहेगा — सेवा लेना ज़रूरी नहीं है।

स्रोत

  1. Trade Marks Rules, 2017 — First Schedule (IP India)
  2. Trade Marks Act, 1999

18 अक्टूबर 2026 को जाँचा गया। सरकारी फ़ीस और नियम बदलते रहते हैं — आवेदन से पहले पोर्टल पर पक्का करें। कोई गलती दिखी? बताइए.