
खंड 44
एलएलपी करार (रूपरेखा)
सीमित दायित्व भागीदारी (एलएलपी) का निगमन होते ही उसके साझेदारों के बीच करार का मसौदा बनाने के लिए इसका उपयोग करें।
हस्ताक्षर से पहले जानें
- एलएलपी करार एमसीए पोर्टल पर एलएलपी प्रपत्र 3 (Form 3) में रजिस्ट्रार के पास दाखिल किया जाता है। कॉर्पोरेट कार्य मंत्रालय के अनुसार पहला करार निगमन के 30 दिन के भीतर और कोई भी बदलाव बदलाव के 30 दिन के भीतर दाखिल करना होता है। देर से दाखिल करने पर अतिरिक्त शुल्क लगता है।
- सीमित दायित्व भागीदारी अधिनियम, 2008 की धारा 23 के अनुसार साझेदारों के अधिकार और कर्तव्य करार से तय होते हैं। यदि करार किसी विषय पर कुछ नहीं कहता, तो अधिनियम की पहली अनुसूची लागू होती है (जैसे लाभ का बराबर बँटवारा और साझेदारों को कोई पारिश्रमिक नहीं)।
- एलएलपी में कम से कम दो साझेदार (धारा 6) और कम से कम दो ऐसे नामित साझेदार होने चाहिए जो व्यक्ति हों, और उनमें से कम से कम एक भारत का निवासी हो (धारा 7)।
- निगमन से पहले किया गया लिखित करार एलएलपी पर तभी लागू होता है, जब निगमन के बाद सभी साझेदार उसकी पुष्टि करें (धारा 23(3))।
- एलएलपी करार पर स्टाम्प शुल्क राज्य लेता है। प्रपत्र 3 दाखिल करने से पहले इसे चुकाएँ और दर अपने राज्य के स्टाम्प विभाग से जाँच लें।
- यह केवल रूपरेखा है। इसे किसी कंपनी सचिव, चार्टर्ड अकाउंटेंट या वकील से जँचवाएँ, विशेषकर त्यागपत्र पर भुगतान, निष्कासन और साझेदारों के पारिश्रमिक वाले खंड।