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खंड 37

अरविंद ने मुफ़्त नेत्र-शल्यक्रिया को आत्मनिर्भर कैसे बनाया

कोई अस्पताल ग़रीबों का मुफ़्त इलाज करते हुए भी आर्थिक रूप से मज़बूत कैसे रहे?

केस
सफलता
वर्ष
1976-2019
502,536
ऑपरेशन और लेज़र प्रक्रियाएँ · 2018-19
267,453
सशुल्क विभाग के ऑपरेशन · 2018-19
92,510
जाँच शिविरों से मुफ़्त ऑपरेशन · 2018-19
4,408,980
बाह्य-रोगी (OPD) · 2018-19
  1. 01

    हालात

    अरविंद की शुरुआत 1976 में मदुरै में हुई। मोतियाबिंद से अंधापन उन ग़रीब मरीज़ों में आम था जो ऑपरेशन का ख़र्च नहीं उठा सकते थे।

  2. 02

    फ़ैसला

    अरविंद एक ही डॉक्टरों और एक ही मानकों के साथ सशुल्क और निःशुल्क विभाग साथ-साथ चलाता है, और बहुत बड़ी संख्या व तय प्रक्रियाओं से हर ऑपरेशन की लागत कम रखता है। पैसे देने वाले मरीज़ों की फ़ीस से उन लोगों का मुफ़्त या बहुत रियायती इलाज होता है जो भुगतान नहीं कर सकते। निःशुल्क मरीज़ गाँवों में जाँच शिविरों के ज़रिये पहुँचते हैं।

  3. 03

    नतीजा

    2018-19 में अरविंद में 44,08,980 बाह्य-रोगी (OPD) आए और 5,02,536 ऑपरेशन व लेज़र प्रक्रियाएँ हुईं। इनमें 2,67,453 सशुल्क विभाग में, 1,42,573 निःशुल्क अस्पताल में सीधे आए रियायती मरीज़ों की, और 92,510 जाँच शिविरों से आए मरीज़ों की मुफ़्त हुईं।

स्रोत (3)
  1. Annual Report 2018-19 · 2019
  2. Aravind Eye Care System (Health International, issue 11)
  3. With an assembly line approach, an Indian hospital chain performs 250,000 eye surgeries a year

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