§1यह बिज़नेस क्या है
पाउडर (सफ़ेद चिप्स, जिगाटू, कोयला) पानी में मिलाकर लेप बनता है और बाँस की सींकों पर हाथ से या स्वचालित मशीन से लपेटा जाता है; कच्ची बत्तियाँ सुखाई जाती हैं। सफ़ेद तेल या डाइएथिल थैलेट में घोली ख़ुशबू में डुबोकर बत्तियाँ थैलियों और डिब्बों में पैक होती हैं। यह मेहनत वाला कुटीर उद्योग है जो गाँवों और क़स्बों में चलता है और निर्यात भी होता है।
क्षमता: रोज़ 60 kg (10 घंटे की पाली); पूरी क्षमता पर साल में 18,000 kg (रिपोर्ट में पहले साल 60% से 90%)।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
गाँव या छोटे क़स्बे का उद्यमी, महिला समूह या परिवारिक कारोबार जो छोटी टीम और स्थानीय बिक्री संभाल सके।
किसके लिए नहीं
जो बिना ब्रांड बनाए जल्दी बड़ा लाभ चाहता हो।
फ़ायदे
- कम निवेश — ₹7.57 लाख
- घरों, मंदिरों और त्योहारों से लगातार माँग
- सीधी तकनीक जो गाँवों में चलती है
- सकल मार्जिन लगभग 28–30%
नुकसान
- भीड़ भरा बाज़ार, बहुत से सस्ते ब्रांड
- दोबारा बेचने वालों को माल देने से मार्जिन व्यापारी ले जाते हैं
- अपना ब्रांड बनाने में मार्केटिंग का पैसा लगता है
- गुणवत्ता ख़ुशबू और कच्ची बत्ती की गुणवत्ता पर टिकी है
कौन-से हुनर चाहिए
- लेप मिलाना और मशीन से बत्ती बनाना
- ख़ुशबू मिलाना
- पैकिंग और ब्रांडिंग
- थोक व्यापारियों और दुकानों को बेचना
कठिनाई 1/5 क्यों: कम पैसा, सीधी मशीनें और जाना-पहचाना उत्पाद।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- घर
- मंदिर और धार्मिक आयोजन
- निर्यातक
कैसे बिकता है
- दोबारा बेचने वाले और थोक व्यापारी
- खुदरा दुकानों से अपना ब्रांड
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार बनने वाली लगभग 75% अगरबत्ती सस्ती, कोयला-आधारित होती है।
- रिपोर्ट में अगरबत्ती को निर्यात वाला उत्पाद बताया गया है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| हाई-स्पीड स्वचालित अगरबत्ती बनाने की मशीन | 1 | ₹1.45 lakh |
| स्वचालित धूपबत्ती बनाने की मशीन | 2 | ₹2.70 lakh |
| पाउडर मिलाने की मशीन | 1 | ₹0.30 lakh |
| अन्य सहायक सामान और औज़ार | — | ₹0.31 lakh |
| पैकिंग, GST आदि | — | ₹0.94 lakh |
स्रोत: PMEGP sample project report — Incense Sticks (Agarbatti) Manufacturing (prepared by Udyami/Samadhan)
- सफ़ेद चिप्सआम मसाला मिश्रण का लगभग 40%
- जिगाटूलगभग 20%
- कोयले का पाउडरलगभग 20%
- ख़ुशबूदार रसायन और आवश्यक तेललगभग 20%; ख़ुशबू को सफ़ेद तेल या डाइएथिल थैलेट में 1:3 घोला जाता है
- बाँस की सींकेंसारा कच्चा माल ₹40 प्रति kg अगरबत्ती
स्रोत: PMEGP sample project report — Incense Sticks (Agarbatti) Manufacturing (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Balaghat Incense Products Cluster · Balaghat →Bamboo Value Addition And Zero-Waste Agarbatti Cluster · Seoni →Bhandaripokhari Agarbatti Cluster · Bhadrak →Bolagarh Indigenous Agarbatti Cluster · Khordha →Imperial Agarbatti Processing · Ahmedabad →Incense Stick And Capmhor Cluster · Ujjain →Koderma Agarbatti Mini Cluster · Koderma →Yadgiri Agarbatti Cluster · Yadgir →Fragrance & Flavour Development Centre (FFDC), Kannauj · Kannauj →MSME Technology Centre, Imphal · Imphal →Bamboo Incense Stick Making Cluster, Kakopathar · Kakopathar →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam)
- GST
- ट्रेड लाइसेंस
- पैक सामान के लिए विधिक माप विज्ञान (Legal Metrology) पंजीकरण
- अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMEGP (रिपोर्ट में KVIC मार्जिन मनी शहरी 15–25%, ग्रामीण 25–35%); ₹7.57 लाख पर MUDRA किशोर लोन लागू; बिना गारंटी कवर के लिए CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹5.70 लाख (हाई-स्पीड स्वचालित अगरबत्ती मशीन ₹1.45 लाख, 2 स्वचालित धूपबत्ती मशीनें ₹2.70 लाख, पाउडर मिक्सर ₹0.30 लाख, सहायक सामान ₹0.31 लाख, पैकिंग/GST ₹0.94 लाख) + फ़र्नीचर ₹0.25 लाख + कार्यशील पूँजी ₹1.62 लाख = ₹7.57 लाख। पैसा: अपना ₹0.76 लाख, टर्म लोन ₹5.36 लाख, कार्यशील पूँजी ₹1.45 लाख। जगह अपनी या पट्टे पर।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹1.62 लाख, जिसमें ₹1.45 लाख बैंक से; 15 दिन का तैयार माल और 30 दिन का कच्चा माल।
रिपोर्ट पर साल छपा नहीं है — मशीनों के आज के दाम पता करें। यह नमूना ऐसी इकाई के लिए है जिसके पास पहले से 5 मशीनें हैं और जो बढ़ रही है।
§8निर्यात की संभावना
रिपोर्ट में HS कोड नहीं छपा; निर्यात से पहले ITC(HS) लाइन DGFT से पक्की करें।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- दाम का मुक़ाबला
- बाँस की सींकों की आपूर्ति और दाम
- नमी वाले मौसम में माल ख़राब होना
- कुछ ही दोबारा बेचने वालों पर निर्भरता
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: अगरबत्ती बनाना की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
अगरबत्ती बनाना शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
- PMEGP sample project report — Incense Sticks (Agarbatti) Manufacturing (prepared by Udyami/Samadhan)
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
