§1यह बिज़नेस क्या है

प्राकृतिक और कृत्रिम रबर को भराव और रसायनों के साथ दो-रोल मिल पर मिलाया जाता है, लंबी कच्ची ट्यूब के रूप में एक्सट्रूड किया जाता है, नाप से काटा जाता है, वाल्व लगाया जाता है और सिरे जोड़े जाते हैं। ट्यूब को अंदर हवा के दबाव के साथ साँचे में पकाया (वल्कनाइज़ किया) जाता है और रिसाव जाँचा जाता है। फ़्लैप मिले हुए रबर को दबाकर ढाले जाते हैं। रिपोर्ट में ख़रीदार के नाप पर साल में 1,50,000 ट्यूब और 1,00,000 फ़्लैप बनते हैं — बदलने वाले बाज़ार के लिए और बड़ी टायर कंपनियों की सहायक इकाई के रूप में।

क्षमता: साल में 1,50,000 ट्यूब (₹50 प्रति नग) और 1,00,000 फ़्लैप (₹25 प्रति नग) = ₹1.00 करोड़; एक पाली।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

रबर या टायर कारोबार का व्यक्ति, जिसकी डीलरों से जान-पहचान हो।

किसके लिए नहीं

जिसे रबर मिलाने की जानकारी न हो — ख़राब मिश्रण से ट्यूब फटती है और माल लौटता है।

फ़ायदे

  • हर गाड़ी के टायर को ट्यूब या फ़्लैप चाहिए, और वे घिसते हैं
  • ज़्यादा मज़दूरों वाला काम, गाँव-कस्बों के लिए उपयुक्त, जैसा रिपोर्ट बताती है
  • बड़ी टायर कंपनियों की सहायक इकाई बन सकती है

नुकसान

  • प्राकृतिक रबर के दाम का उतार-चढ़ाव मार्जिन हिलाता है
  • ट्यूबलेस टायरों से कारों में ट्यूब की माँग घट रही है
  • गाड़ियों की ट्यूब के लिए BIS प्रमाणन ज़रूरी है

कौन-से हुनर चाहिए

  • रबर का मिश्रण तैयार करना
  • एक्सट्रूज़न, जोड़ना और पकाना (वल्कनाइज़िंग)
  • रिसाव, कठोरता और खिंचाव की जाँच

कठिनाई 3/5 क्यों: जानी-पहचानी प्रक्रिया, पर रबर के दाम और BIS जाँच पर ध्यान ज़रूरी।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • बदलने वाले बाज़ार के टायर-ट्यूब डीलर
  • बड़ी टायर कंपनियाँ (सहायक इकाई के रूप में)

कैसे बिकता है

  • ऑटो स्पेयर-पार्ट्स थोक व्यापारी
  • पंक्चर और टायर मरम्मत की दुकानें

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार कस्बों और गाँवों में गाड़ियाँ सबसे लोकप्रिय साधन हैं, इसलिए ट्यूब की माँग बढ़ेगी।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
रबर मिक्सिंग मिल 14" × 36", 20 HP मोटर2₹5,00,000
ट्यूब एक्सट्रूज़न इकाई, 6" व्यास, 10 HP1₹75,000
हाइड्रोलिक वाली ट्यूब मोल्डिंग इकाइयाँ4₹4,00,000
वाल्व कसने की मशीन1₹10,000
वाल्व नट पंचिंग मशीन1₹15,000
हवा निकालने की मशीन1₹40,000
15 HP मोटर वाला एयर कंप्रेसर1₹40,000
हाइड्रोलिक पंप वाली फ़्लैप मोल्डिंग इकाइयाँ2₹1,50,000
बॉयलर, 150 kg/घंटा, 150 psi1₹2,50,000
तौल मशीन और औज़ार2₹40,000
ट्रांसफ़ॉर्मर और सामान1₹1,00,000

स्रोत: DC-MSME project profile — Auto Tubes and Flaps (2003)

  • स्मोक्ड प्राकृतिक रबररिपोर्ट में 8,000 kg महीना, ₹40 प्रति kg
  • कृत्रिम रबर2,000 kg महीना, ₹80 प्रति kg
  • कार्बन ब्लैक1,000 kg महीना, ₹20 प्रति kg
  • ज़िंक ऑक्साइड300 kg महीना, ₹70 प्रति kg
  • चाइना क्ले, स्टीयरिक एसिड, गंधक, प्रोसेसिंग तेल, एक्सेलरेटरकम मात्रा, सब देसी
  • ट्यूब वाल्व14,000 महीना

स्रोत: DC-MSME project profile — Auto Tubes and Flaps (2003)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. गाड़ियों के टायर और ट्यूब के गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) के तहत BIS प्रमाणन — ताज़ा सूची BIS से देखें
  4. जहाँ राज्य माँगे, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना और संचालन की सहमति
  5. बॉयलर अधिनियम के तहत बॉयलर पंजीकरण
  6. मज़दूरों की संख्या फ़ैक्ट्री अधिनियम की सीमा पार करे तो फ़ैक्ट्री लाइसेंस

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP लागू (₹38.31 लाख, विनिर्माण की ₹50 लाख सीमा के अंदर); MUDRA ₹20 लाख तक; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE; SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया।

§7पैसा

निवेश का आधार: मशीनरी और उपकरण ₹18.61 लाख (बॉयलर, जाँच उपकरण, बिजली फ़िटिंग ₹1.49 लाख, ट्रांसफ़ॉर्मर ₹1.00 लाख सहित) + 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹19.70 लाख = ₹38.31 लाख। भवन किराए का (₹10,000 महीना)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹19.70 लाख; रबर और रसायन ₹5.64 लाख महीना।

दाम 2003 के हैं — मशीन, कच्चे माल और बिक्री के दाम अब काफ़ी ज़्यादा होंगे।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

4013रबर की भीतरी ट्यूब4012.90टायर फ़्लैप और अन्य (रीट्रेडेड या पुराने टायर; ठोस टायर, ट्रेड और फ़्लैप के अंतर्गत)

निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet

  • माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • रबर उत्पादों की निर्यात संवर्धन परिषद अभी जाँची नहीं गई है।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • रबर के दाम में अचानक उछाल
  • फटने या रिसाव की शिकायतें
  • बॉयलर और मिल से दुर्घटना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: ऑटो ट्यूब और फ़्लैप की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. DC-MSME project profile — Auto Tubes and Flaps (2003)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।