§1यह बिज़नेस क्या है

CRCA चादर काटकर डीप-ड्रॉइंग प्रेस से ऊपर और नीचे के कवर बनाए जाते हैं, जिनमें छेद, वेल्डिंग और पेंट होता है। बाज़ार से ख़रीदे पुर्ज़े (कॉन्टैक्टर, 24 घंटे का टाइमर, MCB, सिलेक्टर स्विच, पुश बटन, इंडिकेटर लैंप, टर्मिनल ब्लॉक) सर्किट डायग्राम के अनुसार लगाकर जोड़े जाते हैं, और मौसम से बचाने के लिए रबर गैस्केट लगती है। हर यूनिट IS 13947 (भाग 2) के अनुसार जाँचकर मैनुअल के साथ पैक होती है। इससे सम्मेलन और सेमिनार हॉल में लाइट, पंखे और AC खुले छूटने से बचते हैं।

क्षमता: हर साल 1,800 पैनल, ₹1.71 करोड़ के (₹9,500 प्रति नग)।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

बिजली इंजीनियर या पैनल बनाने वाला जो सरकारी दफ़्तरों, संस्थाओं और बिजली ठेकेदारों को बेच सके।

किसके लिए नहीं

जिसके पास बिजली का प्रशिक्षण या संस्थागत ख़रीदारों तक पहुँच न हो।

फ़ायदे

  • हॉल, दफ़्तरों और संस्थाओं में बिजली बचती है
  • ख़रीदे पुर्ज़ों से जोड़ना; मशीनिंग कम
  • छोटी स्थायी पूँजी (₹3.73 लाख)
  • इन्हीं हुनर से दूसरे कंट्रोल पैनल भी बनते हैं

नुकसान

  • कार्यशील पूँजी स्थायी पूँजी की दस गुना
  • स्मार्ट स्विच और बिल्डिंग ऑटोमेशन से मुक़ाबला
  • संस्थाओं से ऑर्डर एक साथ आते हैं; बिक्री असमान
  • मार्जिन ख़रीदे टाइमर और कॉन्टैक्टर के दाम पर टिका

कौन-से हुनर चाहिए

  • सर्किट डायग्राम पढ़ना और पैनल वायरिंग
  • चादर धातु का काम
  • IS 13947 के अनुसार जाँच
  • ठेकेदारों और संस्थाओं को बिक्री

कठिनाई 3/5 क्यों: जोड़ना सरल है, पर कार्यशील पूँजी भारी और बिक्री संस्थाओं को।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • सरकारी और निजी दफ़्तर
  • सम्मेलन और सेमिनार हॉल
  • संस्थाएँ और होटल

कैसे बिकता है

  • बिजली ठेकेदार
  • सीधी सप्लाई और टेंडर

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल इसे उन हॉलों के लिए बिजली बचाने वाला उत्पाद बताती है जहाँ लाइट-पंखे खुले छूट जाते हैं।
  • जाँच सरकारी जाँच केंद्रों (ETDC, ERTL, RTC) पर हो सकती है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
डीप-ड्रॉइंग प्रेस, 20 टन, 2 HP1₹75,000
हीटिंग चैंबर1₹52,000
स्पॉट वेल्डिंग मशीन, 3 kVA1₹30,000
पैडल वाली गिलोटिन शियरिंग मशीन, 1200 mm1₹22,000
कंप्रेसर सहित न्यूमैटिक रिवेटिंग मशीन1₹21,000
स्प्रे-पेंट यूनिट सहित एयर कंप्रेसर1₹14,000
पिकलिंग प्लांट, बेंच ड्रिल, बेंच ग्राइंडर, हैंड शियर1 each₹21,000
जाँच: मेगर, 2.5 kV HV टेस्टर, अर्थ-लीकेज टेस्टर, क्लैंप मीटर, वाटमीटर, ऑटो-ट्रांसफ़ॉर्मर, मल्टीमीटर, टेस्ट बेंच1 lot₹40,000

स्रोत: DC-MSME project profile — Automatic Switches for Electrical Gadgets (2003)

  • 24 घंटे के टाइमरहर महीने 150, ₹2,900 = ₹4.35 लाख
  • कॉन्टैक्टरहर महीने 450, ₹800 = ₹3.60 लाख
  • MCB, 32 A और 16 Aहर महीने 300, ₹600 = ₹1.80 लाख
  • पुश बटन, सिलेक्टर स्विच, टर्मिनल ब्लॉक, इंडिकेटर लैंप₹1.05 लाख महीना
  • CRCA चादर 18/20 SWGहर महीने 500 kg, ₹21/kg = ₹10,500
  • रबर बीडिंग, नॉकआउट, हार्डवेयर, रिवेट, पेंट, पैकिंग₹25,000 महीना

स्रोत: DC-MSME project profile — Automatic Switches for Electrical Gadgets (2003)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST
  3. स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
  4. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (पेंटिंग और पिकलिंग)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹40.45 लाख की परियोजना PMEGP (₹50 लाख तक), CGTMSE और Stand-Up India में आती है; छोटी शुरुआत MUDRA से हो सकती है।

§7पैसा

निवेश का आधार: DC-MSME प्रोफ़ाइल: मशीनें ₹2.35 लाख (20 टन डीप-ड्रॉइंग प्रेस ₹75,000, हीटिंग चैंबर ₹52,000, स्पॉट वेल्डर ₹30,000, गिलोटिन शियर ₹22,000, न्यूमैटिक रिवेटर ₹21,000 आदि) + जाँच उपकरण ₹40,000 + बिजली फ़िटिंग ₹27,500 + फ़र्नीचर ₹25,000 + औज़ार और डाई ₹30,000 + शुरुआती ख़र्च ₹15,000 = स्थायी पूँजी ₹3.73 लाख; 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹36.73 लाख; छपा कुल ₹40.45 लाख। शेड किराए का।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹36.73 लाख; ज़्यादातर ख़रीदे पुर्ज़ों में (₹11.16 लाख महीना, जिसमें 24 घंटे के टाइमर ₹4.35 लाख और कॉन्टैक्टर ₹3.60 लाख)।

दाम 2002–03 के हैं — मशीन, कच्चे माल और मज़दूरी का ख़र्च अब काफ़ी ज़्यादा होगा।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

8537.101,000 V तक के बिजली स्विचिंग या कंट्रोल उपकरण वाले बोर्ड, पैनल आदि

निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India

  • माल भेजने से पहले DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों की ITC(HS) लाइन पक्की कर लें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • कॉन्टैक्टर और टाइमर के दाम बढ़ना
  • स्मार्ट और सेंसर वाले कंट्रोल की ओर झुकाव
  • सरकारी ख़रीदारों से देर से भुगतान
  • ख़राब पुर्ज़ों से वारंटी में माल लौटना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: लाइट-पंखों के लिए स्वचालित टाइमर स्विच पैनल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

लाइट-पंखों के लिए स्वचालित टाइमर स्विच पैनल शुरू करना है?

DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. DC-MSME project profile — Automatic Switches for Electrical Gadgets (2003)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।