§1यह बिज़नेस क्या है

स्टेनलेस स्टील के तार को बॉबिन पर लपेटकर बटा जाता है, फिर तय लंबाई में काटा जाता है, एक सिरे को पिघले जस्ते में डुबोया जाता है और दूसरे सिरे पर जस्ते का स्टॉपर ढाला जाता है। केबल दर्जन के हिसाब से छपी पॉलीथीन थैलियों में पैक होकर ऑटो पार्ट्स की दुकानों से मैकेनिकों और सर्विस स्टेशनों तक बिकते हैं।

क्षमता: साल में 60,000 दर्जन केबल (रोज़ 200 दर्जन, 8 घंटे, 300 दिन)।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

जो ऑटो पार्ट्स का व्यापार जानता हो और डीलरों का जाल बना सके।

किसके लिए नहीं

जो कुछ बड़े ख़रीदारों की उम्मीद रखता है; बिक्री कई छोटी दुकानों से होती है।

फ़ायदे

  • हर दोपहिया और तिपहिया को केबल बदलने पड़ते हैं — कभी न ख़त्म होने वाला स्पेयर पार्ट्स बाज़ार
  • मशीनों का ख़र्च कम (₹4.31 लाख)
  • सीधा तरीका जिसे अर्ध-कुशल कामगार चला सकते हैं
  • छोटा, हल्का सामान जो डीलरों तक भेजना आसान है

नुकसान

  • एक नग का दाम कम — बड़ी मात्रा और कई डीलर चाहिए
  • सस्ते बिना ब्रांड वाले केबल से मुक़ाबला
  • स्टेनलेस स्टील तार के दाम बदलने से मार्जिन पर असर
  • डीलर अक्सर उधार पर ख़रीदते हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • तार बटने और डाई-कास्टिंग मशीन चलाना
  • लंबाई और स्टॉपर की मज़बूती की जाँच
  • डीलरों और मैकेनिकों को बिक्री
  • उधार और वसूली का प्रबंधन

कठिनाई 2/5 क्यों: तरीका सीधा और मशीनें सस्ती; मुश्किल काम डीलरों का जाल बनाना है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • मैकेनिक और दोपहिया सर्विस स्टेशन
  • स्कूटर, मोटरसाइकिल, मोपेड और ऑटो-रिक्शा के मालिक

कैसे बिकता है

  • ऑटो पार्ट्स डीलर और दुकानें
  • छपी पॉलीथीन थैलियों में दर्जन के पैक

जानने लायक

  • रिपोर्ट इसे बहुत बड़ा, कभी न ख़त्म होने वाला बदलाव बाज़ार कहती है क्योंकि हर स्कूटर, मोटरसाइकिल, ऑटो-रिक्शा और मोपेड में कंट्रोल केबल बदलने पड़ते हैं।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
तार बटने की मशीन (19 बॉबिन, 1 HP मोटर)4₹1,60,000 (₹40,000 each)
प्रेशर डाई-कास्टिंग मशीन1₹70,000
कंप्रेसर (1 HP मोटर)1₹20,000
साइज़ कटर1₹2,000
फ़्लावर (सिरा बनाने की) मशीन2₹10,000 (₹5,000 each)
हैंड प्रेस1₹3,000
रील वाइंडर1₹4,000
ग्राइंडर1₹5,000
हैंड कटर2₹1,600 (₹800 each)
डाई-कास्टिंग के डाई6₹36,000 (₹6,000 each)
शियरिंग मशीन1₹5,000
छोटे बॉबिन100₹2,500 (₹25 each)
बड़े बॉबिन20₹3,000 (₹150 each)
पॉलीथीन थैली सील करने की मशीन2₹2,000 (₹1,000 each)
जिग, फ़िक्सचर और दूसरे औज़ारएकमुश्त₹35,000
लगाई और कर (20%)—₹71,820 (total plant and machinery ₹4,30,920)

स्रोत: PMEGP sample project report — Automobile Control Cables (prepared by Udyami/Samadhan)

  • स्टेनलेस स्टील तारपूरी क्षमता पर साल में 21,600 किलो, ₹200 प्रति किलो
  • जस्ता मिश्रधातुसाल में 1,800 किलो, ₹185 प्रति किलो (सिरा डुबोने और स्टॉपर के लिए)
  • छपी पॉलीथीन थैलियाँऑर्डर पर बाहर से छपवाई जाती हैं (रिपोर्ट का आधार)

स्रोत: PMEGP sample project report — Automobile Control Cables (prepared by Udyami/Samadhan)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. ऑटो कंट्रोल केबल का BIS मानक (रिपोर्ट IS 1978 बताती है — मौजूदा मानक BIS से पक्का करें)
  4. स्थानीय निकाय से व्यापार लाइसेंस
  5. राज्य प्रदूषण बोर्ड की सहमति (जस्ता पिघलाना और डाई-कास्टिंग)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP (रिपोर्ट इसी के लिए बनी है; अपना हिस्सा सामान्य वर्ग 10%, विशेष वर्ग 5%), ₹20 लाख तक MUDRA, बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: भवन और निर्माण कार्य (2,000 वर्ग फ़ुट) ₹3.50 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹4.31 लाख + फ़र्नीचर ₹0.75 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹0.35 लाख + कार्यशील पूँजी ₹6.59 लाख = ₹15.50 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹6.59 लाख (बैंक से ₹5.93 लाख): 15 दिन का तार और जस्ता और 15 दिन के तैयार केबल।

रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों और कच्चे माल के आज के दाम पता करें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India

  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट में HS कोड नहीं छपा है; निर्यात से पहले DGFT की वेबसाइट या कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन पता करें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • बिना ब्रांड वाले केबल से दाम की होड़
  • स्टेनलेस स्टील तार का दाम बढ़ना
  • इस्तेमाल में केबल टूटने से सुरक्षा की शिकायतें
  • डीलरों से देर से भुगतान

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: ऑटोमोबाइल कंट्रोल केबल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Automobile Control Cables (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।