§1यह बिज़नेस क्या है
मिश्रधातु स्टील के टुकड़े काटकर गढ़े जाते हैं, मशीन किए जाते हैं, फिर गियर हॉबिंग मशीन पर दाँते काटे जाते हैं, ताप-उपचार होता है और जाँच से पहले ग्राइंडिंग या लैपिंग से फ़िनिश किया जाता है। इसमें सटीक मशीन टूल और गियर जाँच के उपकरण लगते हैं। ख़रीदार गाड़ी और मशीन बनाने वाले और बदलने वाले पुर्ज़ों का बाज़ार हैं।
क्षमता: नगों में नहीं छपा; योजना पहले साल 35% क्षमता पर और पाँचवें साल 55% पर चलती है।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
मैकेनिकल इंजीनियर या अनुभवी मशीनिस्ट जिसके ऑटो पुर्ज़े ख़रीदने वालों से संपर्क हों।
किसके लिए नहीं
जिसके पास इंजीनियरिंग की पढ़ाई या गुणवत्ता नियंत्रण का अनुभव नहीं है।
फ़ायदे
- हर गाड़ी और ज़्यादातर मशीनों में गियर लगते हैं
- गुणवत्ता साबित होने पर सटीक काम के बार-बार ऑर्डर मिलते हैं
- OEM सप्लायरों और बदलने वाले बाज़ार दोनों को माल दे सकते हैं
- यही मशीनें दूसरे मशीन किए पुर्ज़े भी बना सकती हैं
नुकसान
- कुशल मशीनिस्ट और महँगी सटीक मशीनें चाहिए
- कच्चा माल बिक्री का लगभग दो-तिहाई है, इसलिए शुरू में मार्जिन पतला
- बड़े ख़रीदार सख़्त गुणवत्ता और ऑडिट माँगते हैं
- किराया हर महीने का पक्का ख़र्च है
कौन-से हुनर चाहिए
- गियर हॉबिंग, ग्राइंडिंग और ताप-उपचार
- ड्रॉइंग पढ़ना और गियर की जाँच
- OEM ख़रीदारों के लिए गुणवत्ता प्रणाली
- स्टील और फ़ोर्जिंग अच्छे दाम पर ख़रीदना
कठिनाई 4/5 क्यों: सटीक मशीनिंग, ताप-उपचार और ख़रीदारों की सख़्त गुणवत्ता माँग इसे तकनीकी रूप से कठिन बनाती है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- गाड़ी और ऑटो पुर्ज़े बनाने वाले
- मशीन, क्रेन और निर्माण उपकरण बनाने वाले
- बदलने वाले पुर्ज़ों का बाज़ार
कैसे बिकता है
- OEM सप्लायरों को सीधी आपूर्ति
- ऑटो पार्ट्स और ट्रांसमिशन डीलर
जानने लायक
- रिपोर्ट गियर के इस्तेमाल घड़ी और साइकिल से लेकर गाड़ियों, जहाज़ों, क्रेन, पवन टरबाइन और रेलवे तक गिनाती है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| ब्लैंक / बिलेट काटने की मशीनें | — | — |
| ब्लैंक के लिए इंडक्शन हीटर | — | — |
| न्यूमैटिक और मैकेनिकल फ़ोर्जिंग हथौड़ा | — | — |
| गियर हॉबिंग मशीन | — | — |
| गियर ग्राइंडिंग मशीन | — | — |
| भारी मिलिंग मशीन | — | — |
| इंडक्शन ताप-उपचार यूनिट | — | — |
| शॉट ब्लास्टिंग मशीन | — | — |
| CNC लेथ, लेथ और वर्टिकल लेथ | — | — |
| सिलिंड्रिकल ग्राइंडर और लैपिंग मशीन | — | — |
| रेडियल और पिलर ड्रिलिंग मशीन | — | — |
| CNC 5-अक्ष मापने की मशीन और गियर प्रोफ़ाइल जाँच उपकरण | — | — |
| कुल प्लांट और मशीनरी (अलग-अलग दाम नहीं छपे) | — | ₹16.00 lakh |
स्रोत: PMEGP sample project report — Automobile Gear (prepared by Udyami/Samadhan)
- मिश्रधातु स्टील की छड़ें, बिलेट या फ़ोर्जिंगमज़बूती और कम दाम के कारण गियर की सबसे आम सामग्री
- अलौह मिश्रधातु, ढलवाँ लोहा, पाउडर-धातु ब्लैंक और प्लास्टिककुछ गियरों में इस्तेमाल; ब्लैंक डाई कास्ट, इन्वेस्टमेंट कास्ट या सिंटर किए जा सकते हैं
स्रोत: PMEGP sample project report — Automobile Gear (prepared by Udyami/Samadhan)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- GST
- अग्निशमन NOC
- प्रदूषण नियंत्रण NOC (अगर लागू हो)
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- BIS प्रमाणन
- श्रम लाइसेंस
- ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
PMEGP (रिपोर्ट इसी के लिए बनी है), बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE, ₹20 लाख तक MUDRA।
§7पैसा
निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹16.00 लाख + फ़र्नीचर ₹0.50 लाख + अन्य संपत्ति ₹1.00 लाख + कार्यशील पूँजी ₹7.22 लाख = ₹24.72 लाख; ज़मीन और भवन किराए पर (₹30,000–40,000 महीना)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹7.22 लाख (कार्यशील पूँजी कर्ज़ ₹6.50 लाख)।
रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों और कच्चे माल के आज के दाम पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India
- प्रोजेक्ट रिपोर्ट में HS कोड नहीं छपा है; निर्यात से पहले DGFT की वेबसाइट या कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन पता करें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- दाँतों की बनावट या सख़्ती की ग़लती से माल लौटना
- स्टील का दाम बढ़ना
- कुछ बड़े ख़रीदारों पर निर्भरता
- इलेक्ट्रिक गाड़ियों की ओर बदलाव से गियर की माँग बदलना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: ऑटोमोबाइल गियर निर्माण की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (GST, अग्निशमन NOC), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
ऑटोमोबाइल गियर निर्माण शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
