§1यह बिज़नेस क्या है
रिपोर्ट की इकाई सात उत्पाद बनाती है: अशोकारिष्ट, लक्ष्मीविलास रस, भास्कर लवण, सितोपलादि चूर्ण, च्यवनप्राश, मृतसंजीवनी और गंधकादि मलहम। अरिष्ट और आसव के लिए जड़ी-बूटियाँ बर्तनों में भिगोकर ख़मीर उठाई जाती हैं, चूर्ण के लिए 80 मेश तक पीसी जाती हैं, अवलेह के लिए चीनी या गुड़ के साथ पकाई जाती हैं, और रस औषधियों के लिए शुद्ध खनिजों के साथ मिलाई जाती हैं — सब आयुर्वेदिक फ़ॉर्मुलरी के अनुसार। बिक्री आयुर्वेदिक वैद्यों, दवा दुकानों और डीलरों को होती है।
क्षमता: सालाना: अशोकारिष्ट 3,000 बोतल, लक्ष्मीविलास रस 200 kg, भास्कर लवण 6,000 kg, सितोपलादि चूर्ण 3,000 kg, च्यवनप्राश 3,000 kg, मृतसंजीवनी 3,000 लीटर, गंधकादि मलहम 150 kg; एक पाली।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
योग्य आयुर्वेद चिकित्सक या फ़ार्मासिस्ट, जिसकी वैद्यों और दवा दुकानों तक पहुँच हो।
किसके लिए नहीं
जिसके पास आयुर्वेद-योग्य तकनीकी व्यक्ति न हो — लाइसेंस के लिए यह ज़रूरी है।
फ़ायदे
- आयुर्वेदिक दवाओं की बढ़ती पसंद, जैसा रिपोर्ट बताती है
- बर्तनों, चक्कियों और भराई मशीनों के एक ही सेट से कई उत्पाद
- ज़्यादातर जड़ी-बूटी, खनिज, चीनी और शहद भारत में मिलते हैं
नुकसान
- रिपोर्ट में पतला लाभ — ₹38.50 लाख की बिक्री पर ₹2.50 लाख, ब्रेक-ईवन लगभग 70%
- AYUSH निर्माण लाइसेंस और GMP वाली जगह ज़रूरी
- पारा और खनिज वाली रस औषधियों में सावधानी से शोधन और जाँच ज़रूरी
कौन-से हुनर चाहिए
- शास्त्रीय आयुर्वेदिक निर्माण विधियाँ
- कच्ची जड़ी-बूटियों की पहचान और गुणवत्ता जाँच
- वैद्यों और दवा दुकानों को बेचना
कठिनाई 4/5 क्यों: कई उत्पादों और पतले मार्जिन वाला लाइसेंसी दवा निर्माण।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- आयुर्वेदिक वैद्य और क्लिनिक
- दवा दुकानें और आयुर्वेदिक स्टोर
कैसे बिकता है
- डीलर और वितरक
- वैद्यों से मिलने वाला बिक्री प्रतिनिधि (रिपोर्ट में शामिल)
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार आयुर्वेदिक दवाएँ देश और विदेश में लोकप्रिय हो रही हैं।
- गुणवत्ता के लिए रिपोर्ट भारतीय चिकित्सा फ़ार्माकोपिया प्रयोगशाला, ग़ाज़ियाबाद का नाम देती है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| MS बर्तन, 1,500 kg | 1 | ₹15,000 |
| MS बर्तन, 750 kg | 1 | ₹10,000 |
| फ़र्मेंटर, 500 लीटर | 1 | ₹40,000 |
| छलनी वाला डिसइंटीग्रेटर, 7.5 HP | 1 | ₹30,000 |
| माइक्रो पल्वराइज़र | 1 | ₹10,000 |
| गोली बनाने की मशीन | 1 | ₹15,000 |
| बोतल भरने की मशीन | 1 | ₹5,000 |
| मोटर वाला स्टेनलेस स्टील मिश्रण बर्तन, 200 लीटर | 1 | ₹20,000 |
| बिजली से गर्म होने वाली आसवन इकाई, 500 लीटर | 1 | ₹25,000 |
| पानी शोधन संयंत्र, 100 लीटर | 1 | ₹40,000 |
| 12 ट्रे वाला एयर ओवन | 1 | ₹25,000 |
| बोतल धोने की मशीन | 1 | ₹15,000 |
| बोतल ड्रायर | 1 | ₹10,000 |
| जाँच उपकरण और अन्य सामान | एकमुश्त | ₹20,000 |
स्रोत: DC-MSME project profile — Ayurvedic Medicine Formulations (2003)
- जड़ी-बूटियाँ और पौधों के भाग, पशु-स्रोत द्रव्य, खनिजभारत में उपलब्ध; चीनी, शहद और काँच की बोतलों सहित रिपोर्ट में लगभग ₹1,75,000 महीना
- चीनी, गुड़ और शहदअरिष्ट, अवलेह और च्यवनप्राश के लिए
- काँच की बोतलें और पैकिंगमहीने के कच्चे माल के बजट में शामिल
स्रोत: DC-MSME project profile — Ayurvedic Medicine Formulations (2003)
Building Business Bazaar में सप्लायर
CHOKSI LABORATORIES LIMITED · Verna →PARISHIL LABORATORIES PRIVATE LIMITED · Ahmedabad →AURIGA RESEARCH PRIVATE LIMITED · Solan →AGRO TECH AROMATICS PVT. LTD. · Bari Brahmana →BANGALORE ANALYTICAL RESEARCH CENTER PRIVATE LIMITED · Bengaluru →WATERLAB ANALYTICAL LABORATORY AND RESEARCH CENTRE LLP · Ramanattukara →UTKAL PHARMACEUTICAL MANUFACTURERS ASSOCIATION, LABORATORY DIVISION · Bhubaneswar →SYNTHIYA RESEARCH LABS PRIVATE LIMITED · Villianur →SOPHISTICATED ANALYTICAL INSTRUMENTS LABORATORIES SOCIETY · Patiala →CSIR-INDIAN INSTITUTE OF CHEMICAL TECHNOLOGY · Hyderabad →UNIGLOBE ANALYTICA PRIVATE LIMITED · Noida →MULTANI PHARMACEUTICALS LIMITED (ANALYTICAL DIVISION) · Roorkee →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- औषधि और प्रसाधन सामग्री अधिनियम के तहत राज्य लाइसेंस प्राधिकारी से AYUSH निर्माण लाइसेंस
- आयुर्वेदिक दवाओं के लिए GMP (अनुसूची T)
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाणपत्र (रिपोर्ट की समय-सारणी में शामिल)
- जहाँ राज्य माँगे, अरिष्ट-आसव में स्वयं बनने वाली शराब के लिए आबकारी अनुमति
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
PMEGP लागू (₹21.34 लाख का प्रोजेक्ट); MUDRA ₹20 लाख तक; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE; SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया।
§7पैसा
निवेश का आधार: स्थायी पूँजी ₹13.19 लाख (ज़मीन और भवन ₹8.40 लाख + मशीनरी और उपकरण ₹4.79 लाख, बिजली फ़िटिंग, फ़र्नीचर और शुरुआती ख़र्च सहित) + 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹8.15 लाख = ₹21.34 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹8.15 लाख; जड़ी-बूटी, खनिज, चीनी, शहद और बोतलें ₹1.75 लाख महीना।
दाम 2003 के हैं — मशीन, कच्चे माल और बिक्री के दाम अब काफ़ी ज़्यादा होंगे।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: Pharmexcil (Pharmaceuticals Export Promotion Council of India)
- माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- आयात करने वाले देश अक्सर उत्पाद पंजीकरण और भारी धातुओं की जाँच रिपोर्ट माँगते हैं।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- मिलावटी या ग़लत पहचानी जड़ी-बूटियाँ
- निरीक्षण में लाइसेंस या GMP की कमी
- बड़े आयुर्वेदिक ब्रांडों से मुक़ाबला
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: आयुर्वेदिक शास्त्रीय दवा इकाई (अरिष्ट, चूर्ण, अवलेह) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
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¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
