§1यह बिज़नेस क्या है
स्टील और एल्युमिनियम की छड़ों को मोड़कर रैकेट का सिर बनाया जाता है, काटा जाता है, तार के लिए छेद किए जाते हैं और रंगा जाता है; ग्रोमेट, तार और ग्रिप टेप लगाकर पैक किया जाता है। रिपोर्ट में बच्चों, स्कूलों और शौक़िया खिलाड़ियों के आम रैकेट की सेमी-ऑटोमैटिक लाइन है। ख़रीदार हैं खेल की दुकानें, थोक व्यापारी और स्कूल।
क्षमता: रोज़ 400–500 रैकेट (सेमी-ऑटोमैटिक प्लांट); पहले साल 35% क्षमता।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
धातु के काम का अनुभव और खेल-सामान व्यापार में संपर्क रखने वाला।
किसके लिए नहीं
जो पेशेवर स्तर के कार्बन रैकेट बनाना चाहता हो।
फ़ायदे
- बैडमिंटन घरों, स्कूलों और पार्कों में लोकप्रिय
- धातु के फ़्रेम सरल मशीनों से बनते हैं (मोड़ना, काटना, छेद, रंग)
- कच्चा माल आसानी से मिलता है
- रिपोर्ट में पहले साल ₹1 करोड़ से ज़्यादा बिक्री
नुकसान
- बड़े ब्रांड और सस्ता आयात हावी
- बिक्री ख़र्च बिक्री का लगभग 10%
- शुरुआती सालों में लाभ पतला
- कार्बन-फ़ाइबर रैकेट के लिए बहुत महँगी तकनीक चाहिए
कौन-से हुनर चाहिए
- ट्यूब मोड़ना और छेद करना
- रंगाई और फ़िनिशिंग
- तार बुनना और गुणवत्ता जाँच
- खेल की दुकानों तक वितरण
कठिनाई 3/5 क्यों: बनाना सरल है; ब्रांड और आयात से मुक़ाबला कठिन है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- खेल के सामान की दुकानें
- स्कूल और कोचिंग केंद्र
- थोक व्यापारी और ऑनलाइन ग्राहक
कैसे बिकता है
- खेल सामान के थोक बाज़ार
- स्कूलों और क्लबों को सीधी सप्लाई
- ऑनलाइन बाज़ार
जानने लायक
- रिपोर्ट में पहले साल 35% क्षमता पर बिक्री ₹101.50 लाख।
- रिपोर्ट में BWF की फ़्रेम सीमा (680 mm लंबा, 230 mm चौड़ा) दी है — क्लबों को बेचें तो इसका पालन करें।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| मोड़ने की मशीन | — | — |
| काटने की मशीन | — | — |
| ड्रिलिंग मशीन | — | — |
| पेंटिंग मशीन | — | — |
स्रोत: UP MSME 1-Connect project profile — Badminton Manufacturing Unit (2024)
- स्टील और एल्युमिनियम की छड़ेंफ़्रेम, शाफ़्ट और हैंडल के लिए
- तार (स्ट्रिंग)
- प्लास्टिक बटन / ग्रोमेट
- ग्रिप टेप और पैकिंग सामग्री
स्रोत: UP MSME 1-Connect project profile — Badminton Manufacturing Unit (2024)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Process cum Product Development Centre (PPDC), Meerut · Meerut →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam)
- GST
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (रंगाई)
- ट्रेड लाइसेंस
- ब्रांड का ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
₹26.04 लाख PMEGP (विनिर्माण ₹50 लाख तक) और CGTMSE में फ़िट; SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India।
§7पैसा
निवेश का आधार: रिपोर्ट में परियोजना लागत ₹26.04 लाख: मशीनरी ₹17.50 लाख, फ़र्नीचर ₹1.00 लाख, अन्य संपत्ति ₹1.00 लाख, कार्यशील पूँजी ₹6.54 लाख; ज़मीन-भवन अपना या पट्टे पर। वित्त: अपना ₹2.60 लाख, टर्म लोन ₹17.55 लाख, कार्यशील पूँजी कर्ज़ ₹5.89 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹6.54 लाख, जिसमें कर्ज़ ₹5.89 लाख।
रिपोर्ट 2024।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: SGEPC (Sports Goods Export Promotion Council)
- बैडमिंटन रैकेट का 8-अंकीय कोड DGFT ITC-HS सूची में पक्का करें।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- आयात से दाम का मुक़ाबला
- स्टील और एल्युमिनियम के दाम में उतार-चढ़ाव
- पुराने डिज़ाइन का माल न बिकना
- कुछ ही वितरकों पर निर्भरता
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: बैडमिंटन रैकेट निर्माण की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
बैडमिंटन रैकेट निर्माण शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
