§1यह बिज़नेस क्या है

बाँस को काटकर, साफ़ करके, सुखाकर (सीज़न करके), रेगमाल से चिकना करके, नाप से काटकर कील और गोंद से जोड़ा जाता है; बेंत बाँधने और सीट बुनने में लगता है। कुर्सी वाली रिपोर्ट नक़्क़ाशी के औज़ारों से अकेली कुर्सियाँ बनाती है; फ़र्नीचर वाली रिपोर्ट 4 कुर्सी और 1 मेज़ के सेट बनाती है। ख़रीदार घर, होटल, रिज़ॉर्ट, दफ़्तर और फ़र्नीचर की दुकानें हैं।

क्षमता: कुर्सी यूनिट: रोज़ 200 कुर्सियाँ (10 घंटे की पाली), पहले साल 50%। फ़र्नीचर सेट यूनिट: रोज़ 10 सेट (4 कुर्सी + 1 मेज़), साल में 3,000 सेट।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

बढ़ई या बाँस कारीगर जिसके फ़र्नीचर दुकानों, होटलों या रिज़ॉर्ट से संपर्क हों।

किसके लिए नहीं

जो बाँस की आपूर्ति से दूर है या जिसमें डिज़ाइन की समझ नहीं है।

फ़ायदे

  • लकड़ी के विकल्प के रूप में पर्यावरण-अनुकूल फ़र्नीचर की माँग है
  • मशीनों का ख़र्च कम (₹3.50–6.20 लाख)
  • रिपोर्ट के अनुसार बाँस मौसम से ज़्यादा फूलता-सिकुड़ता नहीं
  • होटल, रिज़ॉर्ट और बाहर के इस्तेमाल के लिए ठीक

नुकसान

  • दाम में सामग्री का हिस्सा बड़ा — मार्जिन मध्यम
  • टिकाऊ बनाने के लिए अच्छी सुखाई और उपचार चाहिए
  • डिज़ाइन और फ़िनिश से दाम तय होता है
  • भारी-भरकम सामान की ढुलाई महँगी

कौन-से हुनर चाहिए

  • बाँस की सुखाई और उपचार
  • बढ़ईगिरी और बेंत की बुनाई
  • फ़र्नीचर डिज़ाइन और फ़िनिशिंग
  • दुकानों और होटल-रिज़ॉर्ट को बिक्री

कठिनाई 2/5 क्यों: मशीनें सस्ती और बढ़ईगिरी जानी-पहचानी; उपचार की गुणवत्ता और डिज़ाइन पर ध्यान चाहिए।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • परिवार
  • होटल, रिज़ॉर्ट और मनोरंजन स्थल
  • दफ़्तर
  • फ़र्नीचर की दुकानें

कैसे बिकता है

  • फ़र्नीचर डीलर और शोरूम
  • होटलों और दफ़्तरों से सीधे ऑर्डर
  • शिल्प मेले और ऑनलाइन

जानने लायक

  • फ़र्नीचर रिपोर्ट के अनुसार दुनिया का बाँस फ़र्नीचर बाज़ार 2018 में USD 10.09 अरब था और 2019 से 2025 तक 5.2% CAGR से बढ़ने का अनुमान है।
  • कुर्सी वाली रिपोर्ट पूर्वोत्तर राज्यों को बाँस शिल्प के लिए मशहूर बताती है और कहती है कि बेंत से बुने सोफ़े और कुर्सियाँ लोकप्रिय हैं।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
बैंड सॉ (कुर्सी यूनिट)1₹2,85,500
ड्रिल मशीन (कुर्सी यूनिट)1₹44,000
नक़्क़ाशी के हाथ के औज़ार: चिप कार्विंग चाकू, बढ़ई की छेनी, U-, V- और चम्मच गॉज, पाम टूल (हर एक 10)60₹11,000
बढ़ई की आरी (कुर्सी यूनिट)1₹9,500
क्रॉसकट मशीन (फ़र्नीचर यूनिट)1₹26,000
बैंड सॉ मशीन (फ़र्नीचर यूनिट)1₹1,95,000
लकड़ी सुखाने (सीज़निंग) का प्लांट (फ़र्नीचर यूनिट)1₹1,85,000
बाँस काटने (स्लाइसर) की मशीन (फ़र्नीचर यूनिट)1₹85,000
कील गन (फ़र्नीचर यूनिट)1₹12,000
गोंद फैलाने की मशीन (फ़र्नीचर यूनिट)1₹85,000
बढ़ई के दूसरे औज़ार (फ़र्नीचर यूनिट)एकमुश्त₹32,000

स्रोत: PMEGP sample project report — Bamboo Chair DPR (prepared by Udyami/Samadhan) · PMEGP sample project report — Bamboo Furniture (prepared by Udyami/Samadhan)

  • बाँसस्थानीय विक्रेताओं से ख़रीदा जाता है
  • बेंत (छड़ी, मोटा बेंत, पट्टी, गोला)बाँधने और सीट बुनने के लिए
  • गोंद, कील और तेलखपत का सामान
  • 4 कुर्सी और 1 मेज़ के सेट का सामग्री ख़र्च₹3,000–3,800 प्रति सेट

स्रोत: PMEGP sample project report — Bamboo Furniture (prepared by Udyami/Samadhan) · PMEGP sample project report — Bamboo Chair DPR (prepared by Udyami/Samadhan)

कच्चे माल के डेटाबेस में

बाँस (डंडे और खपच्चियाँ) →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. GST पंजीकरण (फ़र्नीचर रिपोर्ट में लिखा)
  2. उद्यम (Udyam) पंजीकरण (रिपोर्ट में उद्योग आधार लिखा है, जिसकी जगह अब उद्यम है)
  3. ट्रेडमार्क (वैकल्पिक, रिपोर्ट में लिखा)
  4. जहाँ राज्य अब भी माँगे वहाँ बाँस के लिए वन ढुलाई परमिट
  5. स्थानीय निकाय से व्यापार लाइसेंस

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP (दोनों रिपोर्ट इसी के लिए बनी हैं), ₹20 लाख तक MUDRA और बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: कुर्सी यूनिट: निर्माण कार्य ₹6.00 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹3.50 लाख + फ़र्नीचर ₹1.00 लाख + कार्यशील पूँजी ₹3.72 लाख = ₹14.22 लाख। फ़र्नीचर सेट यूनिट: भवन / शेड (1,000 वर्ग फ़ुट) ₹5.00 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹6.20 लाख + फ़र्नीचर ₹1.00 लाख + कार्यशील पूँजी ₹4.44 लाख = ₹16.64 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कुर्सी यूनिट ₹3.72 लाख (बैंक ₹3.34 लाख); फ़र्नीचर सेट यूनिट ₹4.44 लाख (बैंक ₹4.00 लाख)। दोनों में लगभग 10 दिन का बाँस और 10–15 दिन का तैयार माल।

इन रिपोर्टों पर साल नहीं छपा है — मशीनों और कच्चे माल के आज के दाम पता करें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात परिषद / बोर्ड: EPCH (Export Promotion Council for Handicrafts)

  • प्रोजेक्ट रिपोर्ट में HS कोड नहीं छपा है; निर्यात से पहले DGFT की वेबसाइट या कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन पता करें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • कीड़े या फफूँद से नुक़सान
  • बाँस की आपूर्ति और दाम
  • ढुलाई में टूट-फूट
  • प्लास्टिक और धातु के फ़र्नीचर से मुक़ाबला

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: बाँस का फ़र्नीचर और कुर्सियाँ की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (GST पंजीकरण (फ़र्नीचर रिपोर्ट में लिखा), उद्यम (Udyam) पंजीकरण (रिपोर्ट में उद्योग आधार लिखा है, जिसकी जगह अब उद्यम है)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

बाँस का फ़र्नीचर और कुर्सियाँ शुरू करना है?

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Bamboo Chair DPR (prepared by Udyami/Samadhan)
  2. PMEGP sample project report — Bamboo Furniture (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।