§1यह बिज़नेस क्या है

माल्ट जौ को साफ़ किया जाता है (चुंबक, सेपरेटर, एस्पिरेटर, डी-स्टोनर), भारी पल्वराइज़र में पीसा जाता है, सही बारीकी तक छाना जाता है, नमी जाँची जाती है और 1 किलो के पैकेट में भरा जाता है। जौ का आटा चपटी रोटी, बच्चों के आहार, ख़ास खाद्य उत्पादों और ब्रेड के मिश्रित आटे में लगता है। DPR किराए की जगह में 120 किलो प्रति घंटे की लाइन मानती है।

क्षमता: 120 किलो आटा प्रति घंटा, 8 घंटे की एक पाली, 300 दिन = 2,88,000 किलो सालाना; DPR पहले साल 50% (1,44,000 किलो) से शुरू करके पाँचवें साल 70% तक जाती है।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

जौ उगाने वाले इलाक़े का अनाज व्यापारी या आटा मिल मालिक, जो दुकानों, बेकरी और खाद्य निर्माताओं को सेहतमंद आटे बेच सके।

किसके लिए नहीं

जो जल्दी मुनाफ़ा चाहता हो या जिसके पास इस ख़ास आटे के ख़रीदार तैयार न हों।

फ़ायदे

  • जौ का आटा सेहतमंद आटे के रूप में बिकता है — DPR में B-कॉम्प्लेक्स विटामिन और खनिज बताए गए हैं
  • सीधी-सादी सूखी पिसाई लाइन: क्लीनर, पल्वराइज़र, छलनी और पैकिंग मशीन
  • जौ उत्तर प्रदेश, राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब और हिमाचल में उगती है
  • DPR PMFME के लिए बनी है — इसकी वित्त योजना में ₹10 लाख तक 35% सब्सिडी

नुकसान

  • गेहूँ के आटे की तुलना में छोटा, ख़ास बाज़ार
  • पहले साल बहुत पतला मुनाफ़ा (₹95.76 लाख की बिक्री पर ₹1.28 लाख)
  • अनाज सबसे बड़ा ख़र्च — पहले साल ₹54.72 लाख की जौ
  • आटे को सूखा रखना ज़रूरी; नमी से ख़राब होता है

कौन-से हुनर चाहिए

  • अनाज की ग्रेडिंग और नमी जाँच
  • पल्वराइज़र और छलनी की सेटिंग
  • किराना, बेकरी और हेल्थ स्टोर को बेचना
  • स्टॉक और नक़दी का हिसाब

कठिनाई 2/5 क्यों: पिसाई सरल है, पर इस ख़ास आटे की माँग ख़ुद बनानी पड़ती है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • किराना और ग्रोसरी दुकानें
  • बेकरी (ब्रेड के मिश्रित आटे)
  • बच्चों के आहार और ख़ास खाद्य निर्माता
  • हेल्थ-फ़ूड स्टोर

कैसे बिकता है

  • थोक व्यापारी और वितरक
  • खाद्य निर्माताओं को सीधी आपूर्ति
  • ऑनलाइन और आधुनिक रिटेल

जानने लायक

  • DPR पहले साल 1 किलो का पैकेट ₹70 का मानती है, हर साल ₹4 बढ़ता।
  • DPR के अनुसार जौ का आटा चपटी रोटी, बच्चों के आहार, ख़ास खाद्य उत्पादों और ब्रेड के मिश्रित आटे में लगता है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
साइलो (2.5 टन)2₹2,00,000
कंपन वाला प्री-क्लीनर (400 किलो/घंटा)1₹1,50,000
भारी पल्वराइज़र मिल (450 किलो/घंटा)1₹5,50,000
आटा छलनी मशीन (300 किलो/घंटा)2₹3,80,000
आटा जाँच किट—₹2,00,000
पैकेट भरने और पैक करने की मशीन1₹2,20,000
उतराई बिन, एलिवेटर, कन्वेयर और भंडारण बिन—₹7,40,000

स्रोत: NIFTEM-K project profile — Barley Flour Mill Unit (PMFME model DPR) (2022)

  • माल्ट जौपहले साल ₹38 किलो, हर साल ₹2 बढ़ती; 10 दिन का स्टॉक
  • पैकिंग सामग्री1 किलो पैकेट के लिए खाद्य-योग्य पाउच

स्रोत: NIFTEM-K project profile — Barley Flour Mill Unit (PMFME model DPR) (2022)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI लाइसेंस
  2. उद्यम (Udyam)
  3. GST
  4. स्थानीय निकाय का ट्रेड लाइसेंस
  5. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (आटे की धूल)
  6. पैक सामान के लिए लीगल मेट्रोलॉजी पंजीकरण

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMFME (DPR इसी का मॉडल है, ₹10 लाख तक 35% सब्सिडी), AIF (प्राथमिक प्रसंस्करण), PMEGP और CGTMSE लागू। DPR में बैंक वित्त ₹22.58 लाख (सावधि ऋण ₹14.08 लाख + कार्यशील पूँजी ₹8.50 लाख) है, जो MUDRA की ₹20 लाख सीमा से ज़्यादा है।

§7पैसा

निवेश का आधार: NIFTEM-K की PMFME मॉडल DPR: कुल ₹35.04 लाख = प्लांट और मशीनरी ₹24.40 लाख + अन्य संपत्ति ₹1.20 लाख + कार्यशील पूँजी ₹9.44 लाख। ज़मीन-भवन शामिल नहीं — जगह किराए पर (पहले साल किराया ₹3.60 लाख)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹9.44 लाख (बैंक सीमा ₹8.50 लाख): 10 दिन का अनाज और 15 दिन का आटा स्टॉक में, ख़रीदारों को 15 दिन की उधारी। पहले साल माल्ट जौ ₹38 किलो मानी गई है; 1 किलो का पैकेट ₹70 में बिकता है।

DPR पर वर्ष छपा नहीं है; NIFTEM-K ने इसे जुलाई 2022 में प्रकाशित किया — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

1102.90गेहूँ या मक्के के अलावा अनाज के आटे (जौ का आटा शामिल)

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • निर्यात से पहले ITC(HS) निर्यात नीति में सही 8-अंकीय कोड जाँच लें।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • फ़सल के समय जौ के दामों में उतार-चढ़ाव
  • ख़रीदार जौ के आटे से अनजान हों तो धीमी बिक्री
  • रखे अनाज में कीड़े
  • ब्रांडेड मल्टीग्रेन आटे से मुक़ाबला

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: जौ का आटा मिल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

जौ का आटा मिल शुरू करना है?

DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. NIFTEM-K project profile — Barley Flour Mill Unit (PMFME model DPR) (2022)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।