§1यह बिज़नेस क्या है
EC-ग्रेड ताँबे की नली नाप से काटी जाती है, पावर प्रेस में डाई से दबाई जाती है, मशीन पर काटी और चूड़ी बनाई जाती है, फिर टिन प्लेटिंग, बफ़िंग, जाँच और पैकिंग होती है। लग केबल के सिरे पर दबाकर या टाँका लगाकर जोड़ा जाता है और टर्मिनल पर बोल्ट से कसा जाता है, इसलिए जहाँ भी बिजली है वहाँ इसका उपयोग है। रिपोर्ट के अनुसार संबंधित मानक IS:8309 – 1993 (2008 में पुनः पुष्ट) है।
क्षमता: रोज़ 500 लग, पूरी क्षमता पर साल में 1,50,000 (8 घंटे, 300 दिन); पहले साल 65%।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
प्रेस शॉप का हुनर रखने वाला, जिसका बिजली ठेकेदारों, पैनल बनाने वालों या बिजली बोर्डों में संपर्क हो।
किसके लिए नहीं
जो ताँबे के भंडार का पैसा न जुटा सके या प्लेटिंग न सँभाल सके।
फ़ायदे
- मशीनों की लागत कम (₹3.80 लाख)
- विद्युतीकरण और उद्योग से लगातार माँग
- रिपोर्ट में सकल मार्जिन लगभग 32–35%
- उन्हीं प्रेसों पर थिम्बल और कनेक्टर भी बन सकते हैं
नुकसान
- ताँबे के दाम का उतार-चढ़ाव सीधे लागत पर असर डालता है
- टिन प्लेटिंग के लिए प्रदूषण नियंत्रण चाहिए
- बिजली बोर्ड वेंडर मंज़ूरी वाले टेंडर से ख़रीदते हैं
- नमूना रिपोर्ट में नक़ल की ग़लतियाँ हैं (उसमें क्रीम और औषधि लाइसेंस लिखा है); नई रिपोर्ट बनवाएँ
कौन-से हुनर चाहिए
- पावर प्रेस और डाई का काम
- प्लेटिंग और फ़िनिशिंग
- IS:8309 के अनुसार जाँच
- वेंडर पंजीकरण और टेंडर
कठिनाई 2/5 क्यों: सस्ती मशीनें और सरल प्रेस प्रक्रिया; ताँबे की लागत और टेंडर पर नज़र रखनी पड़ती है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- राज्य बिजली बोर्ड और वितरण कंपनियाँ
- प्लांट और मशीनें लगाने वाले उद्योग
- बिजली पैनल और बिजली उपकरण बनाने वाले
- बिजली ठेकेदार
कैसे बिकता है
- सरकारी और बिजली कंपनियों के टेंडर
- बिजली के थोक व्यापारी
- पैनल बनाने वालों को सीधी आपूर्ति
जानने लायक
- रिपोर्ट पहले साल ₹50.94 लाख और पाँचवें साल ₹75.46 लाख की बिक्री मानती है।
- पूरी क्षमता पर साल के ₹33.90 लाख के कच्चे माल में अकेले ताँबा ₹31.50 लाख का है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| पावर प्रेस, 1 HP, 10 टन | 1 | ₹25,000 |
| पावर प्रेस, 2 HP, 20 टन | 1 | ₹38,000 |
| पावर प्रेस, 3 HP, 35 टन | 1 | ₹50,000 |
| खराद, 1 HP, 6 फ़ुट बेड | 1 | ₹38,000 |
| चूड़ी बनाने की मशीन, 3½ फ़ुट | 2 | ₹50,000 (₹25,000 each) |
| सरफ़ेस ग्राइंडर, 1 HP (7" × 14") | 1 | ₹45,000 |
| बेंच ग्राइंडर, ½ HP | 1 | ₹4,000 |
| हैंड प्रेस | 1 | ₹3,700 |
| पोर्टेबल ड्रिलिंग मशीनें (1" और ¾") | 2 | ₹14,000 |
| टिनिंग प्लांट: इलेक्ट्रोप्लेटिंग बैरल टंकी 3' × 3' × 5' | 1 | ₹18,000 |
| रेक्टिफ़ायर, 200 A | 1 | ₹25,000 |
| मोटर सहित ड्रायर | 1 | ₹9,000 |
| बिजली का काम और स्थापना | — | ₹30,000 |
| औज़ार और डाई | — | ₹40,000 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Cable Connectors (Lugs) (prepared by Udyami/Samadhan)
- EC-ग्रेड ताँबे की नली, अलग-अलग नापपूरी क्षमता पर साल में 18,000 kg, ₹175 प्रति kg
- पीतल की पट्टीसाल में ₹2,40,000 (एकमुश्त)
- प्लेटिंग के लिए टिन और पैकिंग सामग्रीउपभोग्य सामान
स्रोत: PMEGP sample project report — Cable Connectors (Lugs) (prepared by Udyami/Samadhan)
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- प्रदूषण NOC (रिपोर्ट DIC स्तर से कहती है; प्लेटिंग के लिए आमतौर पर राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति चाहिए)
- ख़रीदार या टेंडर माँगें तो IS:8309 के लिए BIS प्रमाणन
- ब्रांड का ट्रेडमार्क (ज़रूरत हो तो)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
रिपोर्ट PMEGP का नमूना है (अपना अंशदान सामान्य 10%, विशेष 5%)। MUDRA और CGTMSE कर्ज़ में मदद कर सकते हैं।
§7पैसा
निवेश का आधार: भवन और निर्माण (2,000 वर्ग फ़ुट) ₹3.50 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹3.80 लाख + फ़र्नीचर ₹0.75 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹0.35 लाख + कार्यशील पूँजी ₹5.81 लाख = ₹14.21 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹5.81 लाख, जिसमें बैंक वित्त ₹5.23 लाख; 30 दिन का ताँबे का भंडार।
रिपोर्ट पर वर्ष नहीं छपा — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India
- कस्टम ब्रोकर से ITC(HS) पंक्ति पक्की करें; ताँबे के लग ताँबे की वस्तुओं में भी गिने जा सकते हैं।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ताँबे का दाम बढ़ना
- टेंडर मंज़ूरी छिन जाना
- प्लेटिंग के गंदे पानी के नियम
- दाम की होड़
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: केबल लग (केबल सॉकेट) निर्माण की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
केबल लग (केबल सॉकेट) निर्माण शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
