§1यह बिज़नेस क्या है

दूध उबालकर साइट्रिक एसिड या नींबू के रस से फाड़ा जाता है; पानी निकालकर छेना मिलता है (17% उपज मानी गई)। छेने को गूँधकर छोटी गोलियाँ बनाई जाती हैं, 60° ब्रिक्स की चाशनी में पकाई जाती हैं और ख़ुशबू वाली 50° ब्रिक्स की चाशनी में डाली जाती हैं। हर कीटाणु-रहित A-2½ डिब्बे में 22–25 रसगुल्ले भरकर ऊपर से चाशनी डाली जाती है, सील करके दबाव में पकाया और फिर ठंडा किया जाता है। डिब्बाबंदी से ढुलाई आसान होती है और माल निर्यात भी होता है।

क्षमता: साल में 6,00,000 A-2½ डिब्बे, मूल्य ₹3.18 करोड़ (₹53 प्रति डिब्बा); एक पाली।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

मिठाई बनाने वाला या डेयरी चलाने वाला, जिसका दूध पक्का हो और वितरकों या निर्यातकों से जान-पहचान हो।

किसके लिए नहीं

जिसके पास भरोसेमंद दूध स्रोत या डिब्बाबंदी की जानकारी न हो।

फ़ायदे

  • लोकप्रिय मिठाई, ख़ासकर पश्चिम बंगाल, बिहार और उत्तर भारत में
  • डिब्बे से लंबी शेल्फ़ लाइफ़ और आसान ढुलाई
  • विदेश में बसे भारतीयों से निर्यात माँग, जैसा रिपोर्ट बताती है

नुकसान

  • ताज़े दूध की लगातार आपूर्ति चाहिए — रिपोर्ट में 1,10,000 kg महीना
  • दूध, चीनी और डिब्बों के लिए बड़ी कार्यशील पूँजी
  • डिब्बाबंदी बिल्कुल सही न हो तो डिब्बे ख़राब होते हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • छेना बनाना और रसगुल्ला पकाना
  • डिब्बाबंदी, सिलाई और रिटॉर्ट में पकाना
  • खाद्य सुरक्षा और साफ़-सफ़ाई

कठिनाई 4/5 क्यों: ताज़े दूध की व्यवस्था, डिब्बाबंदी का अनुशासन और बड़ी कार्यशील पूँजी।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • घर-परिवार और उपहार ख़रीदार
  • विदेश में रहने वाले भारतीय (निर्यात)

कैसे बिकता है

  • वितरक, मिठाई की दुकानें और सुपरमार्केट
  • भारतीय खाद्य पदार्थों के निर्यातक

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार दक्षिण भारत में भी रसगुल्ले की लोकप्रियता बढ़ रही है।
  • IS 4079:1967 डिब्बाबंद रसगुल्ले का वैकल्पिक मानक है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
स्टेनलेस स्टील टैंक, 1,000 लीटर6₹1,50,000
स्टेनलेस स्टील भाप-जैकेट वाला झुकने वाला टैंक, 50 गैलन4₹2,00,000
प्लेट हीट एक्सचेंजर1 सेट₹60,000
बॉयलर1₹1,25,000
दूध तौलने का तराज़ू1₹10,000
गूँधने की मशीन2₹1,00,000
पानी शोधन संयंत्र1₹50,000
एल्युमिनियम ऊपरी सतह वाली काम की मेज़ें6₹36,000
डायल थर्मामीटर, प्रेशर गेज और सुरक्षा वाल्व वाले कैनिंग रिटॉर्ट2₹50,000
रिटॉर्ट के क्रेट6₹48,000
डिब्बा रीफ़ॉर्मर1₹50,000
बदलने वाली प्लेट सहित फ़्लैंजर1₹52,000
फ़्लैंज रेक्टिफ़ायर1₹20,000
अर्ध-स्वचालित डिब्बा सीलर1₹85,000
डिब्बा एम्बॉसिंग मशीन1₹15,000
जाँच उपकरणएकमुश्त₹50,000

स्रोत: DC-MSME project profile — Canned Rosogolla (2003)

  • ताज़ा दूधरिपोर्ट में 1,10,000 kg महीना, ₹11 प्रति kg
  • चीनी17,000 kg महीना, ₹15 प्रति kg
  • ख़ाली A-2½ डिब्बे50,000 महीना, ₹14 प्रति डिब्बा
  • साइट्रिक एसिड, लेबल और गत्ते के डिब्बेलेबल 50,000, ₹1 प्रति; गत्ते के डिब्बे 2,200, ₹18 प्रति

स्रोत: DC-MSME project profile — Canned Rosogolla (2003)

Building Business Bazaar में सप्लायर

B. Sen Berry and Company · Delhi →SSP Limited · Faridabad →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. FSSAI लाइसेंस (टर्नओवर के हिसाब से राज्य या केंद्रीय)
  4. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड का अनापत्ति प्रमाणपत्र, जैसा रिपोर्ट सलाह देती है
  5. पैक माल के लिए विधिक माप-विज्ञान पंजीकरण
  6. बॉयलर अधिनियम के तहत बॉयलर पंजीकरण

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMFME (छोटे खाद्य प्रसंस्करण के लिए कर्ज़ से जुड़ी सब्सिडी) लागू; ₹59.86 लाख का प्रोजेक्ट PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ऊपर; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE; SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया।

§7पैसा

निवेश का आधार: स्थायी पूँजी ₹13.33 लाख (मशीनरी और उपकरण ₹11.21 लाख + बिजली फ़िटिंग ₹1.12 लाख + फ़र्नीचर ₹50,000 + शुरुआती ख़र्च ₹50,000) + 2 महीने की कार्यशील पूँजी ₹46.53 लाख = ₹59.86 लाख। भवन किराए का (₹10,000 महीना)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 2 महीने की कार्यशील पूँजी ₹46.53 लाख; अकेला दूध ₹12.10 लाख महीना और ख़ाली डिब्बे ₹7.00 लाख।

दाम 2003 के हैं — मशीन, कच्चे माल और बिक्री के दाम अब काफ़ी ज़्यादा होंगे।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

2106.90ऐसे खाद्य पदार्थ जो कहीं और नहीं गिने गए, अन्य

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority)

  • माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • APEDA में पंजीकरण (RCMC) कराएँ और आयात करने वाले देश के दुग्ध उत्पाद नियम जाँचें।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • दूध के दाम और आपूर्ति में उतार-चढ़ाव
  • ग़लत प्रोसेसिंग से फूले या रिसते डिब्बे
  • जमे हुए मिठाई ब्रांडों से मुक़ाबला

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: डिब्बाबंद रसगुल्ला की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

डिब्बाबंद रसगुल्ला शुरू करना है?

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DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. DC-MSME project profile — Canned Rosogolla (2003)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।