§1यह बिज़नेस क्या है

धोए हुए काजू-सेब कुचलकर दबाए जाते हैं; रस 2–3 दिन ख़मीर उठाता है। 50 लीटर ख़मीर वाले रस से 40% अल्कोहल वाली 35 लीटर अरक बनती है। अरक को ख़मीर वाले रस (1:2) के साथ फिर आसवित करके फ़ेनी बनती है। रिपोर्ट के अनुसार एक लीटर अरक के लिए 12–15 kg और एक लीटर फ़ेनी के लिए 30–35 kg काजू-सेब लगते हैं। मौसम न होने पर नारियल ताड़ी आसवित की जाती है। केंद्र और राज्य सरकार के लाइसेंस ज़रूरी हैं।

क्षमता: साल में 65,000 बोतल, ₹130 प्रति बोतल = ₹84.50 लाख; एक पाली।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

गोवा, कोंकण, केरल या कर्नाटक का काजू या नारियल उत्पादक या प्रोसेसर, जो आबकारी लाइसेंस ले सके।

किसके लिए नहीं

जिस राज्य में ऐसी शराब बनाने का लाइसेंस नहीं मिलता, वहाँ का कोई भी व्यक्ति।

फ़ायदे

  • उन काजू-सेबों का उपयोग जो ज़्यादातर बेकार जाते हैं, जैसा रिपोर्ट बताती है
  • नारियल ताड़ी से मौसम के बाहर भी आसवन चलता है
  • फ़ेनी गोवा का जाना-माना उत्पाद है और निर्यात में रुचि है

नुकसान

  • शराब लाइसेंस और आबकारी नियम सख़्त हैं और राज्य के हिसाब से बदलते हैं
  • काजू-सेब मौसमी है और जल्दी ख़राब होता है
  • कई सरकारी कर्ज़ योजनाएँ शराब को बाहर रखती हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • ख़मीर उठाने और आसवन पर नियंत्रण
  • आबकारी का हिसाब-किताब
  • बोतल भरना और सील करना

कठिनाई 4/5 क्यों: आबकारी लाइसेंस और मौसमी, जल्दी ख़राब होने वाला कच्चा माल।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • लाइसेंसी शराब थोक और फुटकर विक्रेता
  • लाइसेंस वाले राज्यों के बार, होटल और पर्यटक

कैसे बिकता है

  • राज्य आबकारी के नियंत्रण वाला वितरण
  • लाइसेंसी निर्यातकों के ज़रिए निर्यात

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार भारत में लगभग 22 लाख टन काजू-सेब उपलब्ध हैं, जो गोवा के बाहर ज़्यादातर बेकार जाते हैं।
  • रिपोर्ट काजू फ़ेनी को गोवा में विदेशी मुद्रा कमाने वाला बताती है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
आसवन यंत्र, 750 kg, कंडेंसर सहित2₹3,00,000
भाप जनरेटर (कोयला या लकड़ी से)1₹1,00,000
स्टेनलेस स्टील रस भंडारण टैंक, 500 लीटर3₹90,000
ट्यूबुलर हीट एक्सचेंजर1₹50,000
टैंक सहित बोतल धोने की मशीन3₹48,000
3 HP मोटर वाली फल चक्की1₹40,000
लकड़ी के ख़मीर टैंक15₹30,000
पिल्फ़र-प्रूफ़ ढक्कन सील मशीन2₹24,000
स्टेनलेस स्टील रस पंप1₹24,000
HDPE ड्रम, 200 लीटर3₹24,000
हाइड्रोलिक प्रेस1₹20,000
प्लेटफ़ॉर्म तराज़ू, 300 kg1₹12,000

स्रोत: DC-MSME project profile — Coconut/Cashew Feni (2003)

  • काजू-सेबरिपोर्ट में 100 टन महीना, ₹2,000 प्रति टन
  • नारियल ताड़ी / नारियल पानी100 टन महीना, ₹2,000 प्रति टन
  • गुड़5 टन महीना, ₹12,000 प्रति टन
  • 750 ml बोतलें (पुरानी), ढक्कन, लेबल, गत्ते के डिब्बे13,000 बोतल महीना, ₹2 प्रति बोतल
  • ख़मीर और रसायन₹10,000 महीना

स्रोत: DC-MSME project profile — Coconut/Cashew Feni (2003)

कच्चे माल के डेटाबेस में

कच्चा काजू (RCN) →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. शराब आसवित करने और बोतल भरने का राज्य आबकारी लाइसेंस
  4. शराब के लिए केंद्र और राज्य सरकार के लाइसेंस, जैसा रिपोर्ट कहती है
  5. FSSAI लाइसेंस (टर्नओवर के हिसाब से राज्य या केंद्रीय)
  6. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना और संचालन की सहमति

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

अपने बैंक से पता करें: CGTMSE बिना गिरवी कर्ज़ दे सकता है, पर कई योजनाएँ (PMEGP की निषेध सूची सहित) नशीले पदार्थों को बाहर रखती हैं।

§7पैसा

निवेश का आधार: स्थायी पूँजी ₹9.90 लाख (भवन तैयारी ₹65,000 + मशीनरी और उपकरण ₹9.05 लाख, जिसमें 750 kg के दो आसवन यंत्र ₹3.00 लाख + शुरुआती ख़र्च) + 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹17.47 लाख = ₹27.37 लाख। भवन किराए का (₹8,000 महीना)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹17.47 लाख; काजू-सेब, नारियल ताड़ी, गुड़ और बोतलें ₹5.19 लाख महीना।

दाम 2003 के हैं — मशीन, कच्चे माल और बिक्री के दाम अब काफ़ी ज़्यादा होंगे।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

2208.9080% से कम आयतन अल्कोहल वाला अविकृत एथिल अल्कोहल; शराब, लिकर और अन्य मादक पेय: अन्य

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA (Agricultural and Processed Food Products Export Development Authority)

  • माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • शराब निर्यात के लिए आसवनी से माल निकालने की राज्य आबकारी अनुमति भी चाहिए।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • लाइसेंस से इनकार या रद्द होना
  • ख़मीर से पहले रस ख़राब होना
  • आबकारी शुल्क और दाम नियंत्रण से मार्जिन घटना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: काजू और नारियल फ़ेनी आसवनी की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. DC-MSME project profile — Coconut/Cashew Feni (2003)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।