§1यह बिज़नेस क्या है

आटे और पानी को डो मिक्सर में गूँधा जाता है, फिर चपाती मशीन में डाला जाता है जो रोटी बेलकर गर्म प्लेट पर सेंकती है। 1 kg आटे से लगभग 35 चपाती बनती हैं। ख़रीदार हैं फ़ैक्टरी और दफ़्तर की कैंटीन, हॉस्टल, अस्पताल, कैटरर और होटल जिन्हें थोक में रोटी चाहिए।

क्षमता: हर घंटे 800 चपाती, रोज़ 4,800, साल में 11,52,000; पहले साल 50% पर 5,76,000।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

जो शुरू करने से पहले कैंटीन, हॉस्टल या कैटरर से समझौता कर सके।

किसके लिए नहीं

जो डिलीवरी नेटवर्क के बिना दुकानों पर खुदरा पैक बेचने की सोचे।

फ़ायदे

  • रोटी रोज़ खाई जाती है — थोक ख़रीदार हमेशा रहते हैं
  • कम जगह और 3 kW कनेक्शन
  • कच्चा माल सिर्फ़ आटा और पानी
  • सकल मार्जिन ऊँचा — बिक्री का लगभग आधा

नुकसान

  • ताज़ी चपाती कुछ घंटों में पहुँचानी पड़ती है
  • कुछ बड़े ठेकों पर निर्भरता
  • खाद्य सुरक्षा के लिए कड़ी साफ़-सफ़ाई
  • प्रति नग दाम कम

कौन-से हुनर चाहिए

  • आटे की सही गुँधाई और मशीन चलाना
  • रसोई की साफ़-सफ़ाई
  • कैंटीनों से ठेके पर बिक्री
  • डिलीवरी की योजना

कठिनाई 2/5 क्यों: मशीन आसान है; असली काम थोक ऑर्डर पाना और बनाए रखना है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • फ़ैक्टरी और दफ़्तर की कैंटीन
  • हॉस्टल और अस्पताल
  • कैटरर, होटल और रेस्तराँ

कैसे बिकता है

  • रोज़ की सप्लाई के ठेके
  • बड़ी रसोइयों को सीधी डिलीवरी

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार भारत के लगभग 70% लोग रोज़ चपाती खाते हैं और शहरी जीवन के साथ तैयार खाने की माँग बढ़ रही है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
डो मिक्सर (आटा गूँधने की मशीन)—₹30,000
चपाती बनाने की मशीन—₹3,00,000

स्रोत: PMEGP sample project report — Chapati Making Machine (prepared by Udyami/Samadhan)

  • गेहूँ का आटारिपोर्ट में ₹25–30 प्रति kg; पूरी क्षमता पर साल में 32,914 kg आटा
  • पानी और नमक (ज़रूरत हो तो)

स्रोत: PMEGP sample project report — Chapati Making Machine (prepared by Udyami/Samadhan)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI लाइसेंस
  2. GST
  3. ज़रूरत के हिसाब से फ़ायर और प्रदूषण पंजीकरण
  4. ब्रांड का ट्रेडमार्क

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP का नमूना प्रोजेक्ट (रिपोर्ट में 25% KVIC मार्जिन मनी, ₹1,09,750); इस आकार पर PMFME और MUDRA लागू।

§7पैसा

निवेश का आधार: Samadhan रिपोर्ट: 'एक नज़र में' लागत ₹4.39 लाख; विस्तृत तालिका का जोड़ ₹5.51 लाख — मशीनरी ₹3.89 लाख + फ़र्नीचर ₹0.50 लाख + कार्यशील पूँजी ₹1.11 लाख। वित्त: टर्म लोन ₹3.95 लाख, कार्यशील पूँजी सीमा ₹1.00 लाख, अपना हिस्सा ₹0.55 लाख। जगह किराए की।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹1.11 लाख, बैंक सीमा ₹1.00 लाख।

रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम पता करें।

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§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

1905.90ब्रेड, पेस्ट्री, केक, बिस्कुट और अन्य बेकरी सामान — अन्य

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • ताज़ी चपाती स्थानीय उत्पाद है; निर्यात आमतौर पर फ़्रोज़न या रेडी-टू-ईट पैक में होता है।
  • 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • किसी बड़ी कैंटीन का ठेका छूटना
  • गेहूँ का दाम बढ़ना
  • डिलीवरी के दिन मशीन ख़राब होना
  • खाद्य सुरक्षा की शिकायतें

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: चपाती बनाने की इकाई (मशीन से रोटी) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Chapati Making Machine (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।