§1यह बिज़नेस क्या है
गाय और भैंस के ताज़ा दूध की वसा तय की जाती है, गरम करके छाना जाता है, स्टेबलाइज़र डालकर होमोजेनाइज़ किया जाता है; फिर बनी हुई कॉफ़ी और चीनी का सिरप मिलाकर बोतल में भरा जाता है, क्राउन ढक्कन लगता है और 85 °C पर 30 मिनट स्टरलाइज़ किया जाता है। यह रेलवे और बस स्टेशन, हवाई अड्डे, कॉलेज कैंटीन, रेस्टोरेंट और पिकनिक स्थलों पर बिकता है। यह चौबीसों घंटे चलने वाला बड़ा प्लांट है।
क्षमता: साल में 24 बोतल × 200 ml के 4,65,000 क्रेट, क़ीमत ₹418.5 लाख; 75% दक्षता, रोज़ 24 घंटे, 300 दिन के आधार पर।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
दुग्ध सहकारी समिति या दूध संग्रह नेटवर्क वाला अनुभवी डेयरी उद्यमी।
किसके लिए नहीं
डेयरी अनुभव या बड़ी पूँजी के बिना पहली बार शुरू करने वाला।
फ़ायदे
- पीने के लिए तैयार कॉफ़ी दूध सफ़र की जगहों और कैंटीन में अच्छा बिकता है
- स्थानीय दूध का इस्तेमाल
- क्रेट में लौटने वाली काँच की बोतलें
नुकसान
- बहुत बड़ा निवेश — PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ऊपर
- हर महीने 1,87,500 लीटर दूध चाहिए
- रिपोर्ट के दाम बहुत पुराने
कौन-से हुनर चाहिए
- दूध की ख़रीद और जाँच
- डेयरी प्लांट चलाना (बॉयलर, होमोजेनाइज़र, बॉटलिंग)
- कोल्ड चेन और वितरण
- खाद्य सुरक्षा और लैब जाँच
कठिनाई 4/5 क्यों: पुराने लागत आँकड़ों और भारी दूध की ज़रूरत वाला, चौबीसों घंटे चलने वाला बड़ा डेयरी प्लांट।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- रेलवे स्टेशन, बस अड्डे और हवाई अड्डे पर यात्री
- कॉलेज के छात्र और कैंटीन
- रेस्टोरेंट और होटल
- पिकनिक स्थलों पर आने वाले लोग
कैसे बिकता है
- स्टेशन और कैंटीन के स्टॉल
- चिलर वाली खुदरा दुकानें
- संस्थाओं को सप्लाई
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार अब तक पीने के लिए तैयार कॉफ़ी दूध मुख्य रूप से कुछ दुग्ध सहकारी समितियाँ ही बेचती रही हैं।
- रिपोर्ट कहती है कि यह पेय हर उम्र के लोगों को पसंद है और बाज़ार पाना बड़ी चुनौती नहीं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| पानी शोधन यूनिट | 1 | ₹50,000 |
| बॉयलर | 1 | ₹1.25 lakh |
| SS टंकी, 1,000 लीटर | 3 | ₹60,000 (₹20,000 each) |
| प्लेट हीट एक्सचेंजर | 1 set | ₹50,000 |
| होमोजेनाइज़र, 2,000 लीटर प्रति घंटा | 1 set | ₹1.50 lakh |
| बॉटलिंग प्लांट, 100 बोतल प्रति मिनट (धुलाई, भराई, क्राउन ढक्कन, स्टरलाइज़र) | 1 set | ₹12.00 lakh |
| जाँच उपकरण | 1 lot | ₹50,000 |
| तौल मशीन | 1 | ₹5,000 |
| स्थापना और बिजली फ़िटिंग (10%) | 1 lot | ₹1.69 lakh |
| लकड़ी के क्रेट में काँच की बोतलें | 8,000 crates | ₹7.20 lakh |
स्रोत: PMEGP sample project report — Coffee Flavoured Milk (prepared by Udyami/Samadhan)
- दूधहर महीने 1,87,500 लीटर, ₹13 प्रति लीटर
- चीनीहर महीने 10,500 kg, ₹14 प्रति kg
- इंस्टेंट कॉफ़ीहर महीने 1,425 kg, ₹110 प्रति kg
- स्टेबलाइज़र (ट्राइसोडियम साइट्रेट)₹10,000 प्रति माह
- क्राउन ढक्कनहर महीने 62 कार्टन, ₹1,200 प्रति कार्टन
स्रोत: PMEGP sample project report — Coffee Flavoured Milk (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
B. Sen Barry and Co · Delhi →Larsen & Toubro Ltd · Mumbai →Mildon and Co · Mumbai →Mistri Sant Singh and Sons · Delhi →Pioneer Mechanical Works · Ambala →Rita Agencies · Chennai →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस
- उद्यम (Udyam)
- GST
- राज्य प्रदूषण बोर्ड की सहमति (डेयरी का गंदा पानी)
- बॉयलर पंजीकरण
- फ़ैक्टरी लाइसेंस
- पैक उत्पादों के लिए विधिक माप-विज्ञान पंजीकरण
§6योजनाएँ और सब्सिडी
₹98.53 लाख का पूरा प्लांट PMEGP की विनिर्माण के लिए ₹50 लाख सीमा से ऊपर है, इसलिए PMEGP के लिए छोटी योजना बनानी होगी; PMFME (डेयरी प्रसंस्करण) और CGTMSE फिर भी लागू हो सकते हैं।
§7पैसा
निवेश का आधार: स्थायी पूँजी ₹39,84,000 (ज़मीन और भवन ₹13,45,000 + मशीनरी, बोतलें, क्रेट और दफ़्तर का सामान ₹26,09,000 + शुरुआती ख़र्च ₹30,000) + 2 महीने की कार्यशील पूँजी ₹58,68,700 = कुल पूँजी निवेश ₹98,52,700। (सूची में दिखे ₹22.96 लाख रिपोर्ट की सालाना स्थायी लागत की लाइन है, परियोजना लागत नहीं।)
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 2 महीने की कार्यशील पूँजी ₹58.69 लाख — अकेले दूध हर महीने ₹24.38 लाख का (₹13 पर 1,87,500 लीटर)।
साल छपा नहीं है और आँकड़े साफ़ तौर पर पुराने हैं (दूध ₹13 प्रति लीटर, वेतन ₹1,000–6,000 प्रति माह, गुणवत्ता 'PFA के अनुसार' जिसकी जगह अब FSSAI है) — हर आँकड़ा आज के दाम पर दोबारा निकालें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- रिपोर्ट में HS कोड नहीं है; फ़्लेवर्ड दूध पेय की सही ITC(HS) लाइन DGFT या कस्टम ब्रोकर से लें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- दूध के दाम और सप्लाई में उतार-चढ़ाव
- माल ख़राब होना और वापस मँगाना
- बोतलें टूटना और क्रेट खोना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: कॉफ़ी फ़्लेवर्ड दूध (बोतलबंद) प्लांट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
कॉफ़ी फ़्लेवर्ड दूध (बोतलबंद) प्लांट शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
