§1यह बिज़नेस क्या है
एक बड़ा ठंडा गोदाम जिसमें आलू (या फल-सब्ज़ी) महीनों तक रखे जाते हैं; किसान और व्यापारी प्रति किलो किराया देते हैं। यह किराए का मॉडल है — माल उनका, किराया आपका। आलू के लिए यह 8 महीने भरा और 4 महीने खाली रहता है।
क्षमता: 2,000 टन, एक तापमान ज़ोन, आलू।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
आलू बेल्ट में ज़मीन और ₹1.5 करोड़+ का इंतज़ाम रखने वाला, जिसकी व्यापारियों और किसानों में साख हो।
किसके लिए नहीं
पहली बार का छोटा उद्यमी — पूंजी और तकनीकी जोखिम दोनों बड़े हैं।
फ़ायदे
- UP सबसे बड़ा आलू उत्पादक है — मांग पक्की
- किराए का मॉडल — माल के भाव का जोखिम किसान का
- लंबे समय तक चलने वाली संपत्ति
- NHB/MIDH में बड़ी सब्सिडी
नुकसान
- बहुत बड़ी पूंजी
- बिजली का खर्च, और बिजली कटने पर माल सड़ने का जोखिम
- 4 महीने खाली
- कई इलाकों में ज़रूरत से ज़्यादा कोल्ड स्टोरेज — किराए पर दबाव
कौन-से हुनर चाहिए
- रेफ्रिजरेशन की समझ
- भंडारण प्रबंधन
- किसानों और व्यापारियों से सौदा
- बिजली और बैकअप की योजना
कठिनाई 5/5 क्यों: करोड़ों की पूंजी, तकनीकी सिस्टम और बिजली का जोखिम।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- आलू किसान
- व्यापारी और थोक विक्रेता
- अगली फ़सल के लिए बीज आलू रखने वाले किसान
कैसे बिकता है
- रखे गए माल पर पूरे सीज़न का किराया प्रति किलो
जानने लायक
- बिहार का मॉडल DPR (2,000 MT) 8 महीने के आलू सीज़न का ₹2.85 प्रति किलो किराया लेता है; बाकी 4 महीने स्टोर ज़्यादातर ख़ाली रहता है।
- कोल्ड स्टोरेज की कमी से 15% से ज़्यादा आलू बर्बाद होता है (बिहार मॉडल DPR)।
- प्लांट और मशीनरी ₹34.45 लाख है, 5% ढुलाई और 7% बीमा जोड़कर ₹38.58 लाख (बिहार मॉडल DPR)।
- NHB के लागत मानक: एक तापमान वाला साधारण (टाइप 1) कोल्ड स्टोर 5,000 MT तक ₹8,000 प्रति MT; कई तापमान वाला (टाइप 2) ₹10,000 प्रति MT।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| रेफ़्रिजरेशन यूनिट, इन्सुलेशन, हवा घुमाने के उपकरण, तापमान और नमी की निगरानी, पैलेट रैक, वेंटिलेशन और आग बुझाने की व्यवस्था (एकमुश्त) | 1 | ₹10.00 लाख |
| साइलेंट डीज़ल जनरेटर सेट, 320 kVA, 3-फ़ेज़ | 1 | ₹16.00 लाख |
| ट्रांसफ़ॉर्मर, 630 kVA, 11/0.433 kV, तेल से ठंडा (IS-2026) | 1 | ₹8.30 लाख |
| पानी का पंप मोटर, 1.5 HP शैलो-वेल जेट पंप | 1 | ₹10,000 |
| PVC गार्डन होज़ पाइप, 30 मिमी | 50 किलो | ₹4,650 |
स्रोत: Directorate of Horticulture, Govt of Bihar – Model DPR: Cold Storage Type-I, 2000 MT (Potato) (2023)
- किसानों और व्यापारियों का रखा आलू (कोई कच्चा माल नहीं खरीदा जाता)माल उत्तर प्रदेश, पश्चिम बंगाल और स्थानीय खेतों से आता है; किसान बीज आलू भी रखते हैं
स्रोत: Directorate of Horticulture, Govt of Bihar – Model DPR: Cold Storage Type-I, 2000 MT (Potato) (2023)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Bombay Ammonia · Delhi →Guru Nanak Refrigeration Corporation · Delhi →Sunder Singh and Sons · Delhi →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- UP कोल्ड स्टोरेज पंजीकरण/लाइसेंस (उद्यान विभाग)
- FSSAI (भंडारण)
- फ़ायर NOC
- बिजली सुरक्षा / लिफ़्ट निरीक्षण
- फ़ैक्टरी लाइसेंस
- UPPCB सहमति (अमोनिया/रेफ्रिजरेंट)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- NHBCentralचालू35% बैक-एंडेड सब्सिडी
- AIFCentralअस्पष्ट3% ब्याज छूट, ₹2 करोड़ तक
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
NHB/MIDH पूंजी सब्सिडी (बैंक कर्ज़ से जुड़ी, सामान्य क्षेत्र में 35%); AIF में ₹2 करोड़ तक के कर्ज़ पर 3% ब्याज छूट — कोल्ड स्टोरेज सीधे पात्र; कर्ज़ के लिए CGTMSE/Stand-Up India।
§7पैसा
निवेश का आधार: न्यूनतम = बिहार उद्यान निदेशालय के मॉडल DPR की कुल परियोजना लागत ₹1,31,24,188 (सिविल ₹85.85 लाख, साइट विकास ₹3.12 लाख, प्लांट और मशीनरी ₹38.58 लाख, फ़र्नीचर ₹1.69 लाख, शुरुआती खर्च ₹2.00 लाख; कार्यशील पूंजी शामिल नहीं)। अधिकतम = MIDH/NHB लागत मानक ₹8,000/टन × 2,000 टन = ₹1.60 करोड़ (यही मानक उसी DPR और NHB लागत मानकों में दिया गया है)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): DPR में कार्यशील पूंजी शून्य — किराए का मॉडल; बिजली और स्टाफ़ का खर्च ~₹32 लाख/साल।
DPR 2023 (BCD SOR 2022 दरें); NHB मानक दस्तावेज़ 2015। DPR में रेफ्रिजरेशन की लागत कम दिखाई गई है — असली कोटेशन लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- कोल्ड स्टोर सामान नहीं, जगह किराये पर देता है; निर्यात उस माल का होता है जो ग्राहक इसमें रखते हैं।
- ताज़ा आलू APEDA के फल और सब्ज़ी समूह में आता है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- बिजली जाना और माल खराब होना
- इलाके में ज़रूरत से ज़्यादा क्षमता
- किराए की दर पर दबाव
- ऊँचा स्थायी खर्च
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: कोल्ड स्टोरेज (आलू, 2000 टन) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (UP कोल्ड स्टोरेज पंजीकरण/लाइसेंस (उद्यान विभाग), FSSAI (भंडारण)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
कोल्ड स्टोरेज (आलू, 2000 टन) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
- Directorate of Horticulture, Govt of Bihar – Model DPR: Cold Storage Type-I, 2000 MT (Potato) (2023)
- National Horticulture Board – Cost Norms and Pattern of Assistance (MIDH, XII Plan) (2015)
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
