§1यह बिज़नेस क्या है
काँच-परत वाली टंकियों में अम्लीय कॉपर सल्फ़ेट घोल से ताँबा एल्युमिनियम कैथोड पर बारीक पाउडर के रूप में जमता है। पाउडर खुरचकर निकाला जाता है, सेंट्रीफ़्यूज करके कॉपर सल्फ़ेट धोया जाता है, 60–100 °C पर सुखाकर आकार के हिसाब से छाना जाता है। ख़रीदार सिंटर्ड पुर्ज़े बनाते हैं — छिद्रदार बेयरिंग, फ़िल्टर, गैस डिफ़्यूज़र, वेल्डिंग रॉड, बाइमेटल पट्टी और बिजली के पुर्ज़े।
क्षमता: रोज़ 250 किलो, पूरी क्षमता पर साल में 75,000 किलो; पहले साल 35% से बढ़कर 55% उपयोग।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
रसायन या धातु-विज्ञान का स्नातक जिसके पाउडर-धातुकर्म उद्योग में संपर्क हों।
किसके लिए नहीं
जिसे रसायन संभालने की जानकारी न हो या जिसके पास बड़ी कार्यशील पूँजी न हो।
फ़ायदे
- रिपोर्ट के अनुसार देश में उत्पादन लगभग 7,000 टन सालाना, माँग लगभग 15,000 टन
- छोटे निर्माता कम — भरने लायक़ कमी
- औद्योगिक ख़रीदार थोक में और बार-बार ऑर्डर देते हैं
नुकसान
- बहुत पतला मार्जिन (रिपोर्ट में सकल 7.7–9.3%)
- अम्ल और कचरे को बहुत सावधानी से संभालना पड़ता है
- कच्चे माल का भारी बिल — पूरी क्षमता पर अकेले कॉपर सल्फ़ेट ₹312 लाख सालाना
कौन-से हुनर चाहिए
- इलेक्ट्रोलिसिस पर नियंत्रण (करंट, अम्ल की ताक़त, कण का आकार)
- शुद्धता और कण आकार की लैब जाँच
- उद्योगों को बिक्री
कठिनाई 4/5 क्यों: रासायनिक प्रक्रिया, सख़्त गुणवत्ता और कच्चे माल पर बहुत बड़ा ख़र्च।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- सिंटर्ड पुर्ज़े बनाने वाले: छिद्रदार बेयरिंग, फ़िल्टर, गैस डिफ़्यूज़र
- वेल्डिंग रॉड बनाने वाले
- बिजली के पुर्ज़े और बाइमेटल पट्टी बनाने वाले
कैसे बिकता है
- औद्योगिक ख़रीदारों को सीधी सप्लाई
- धातु पाउडर के व्यापारी
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार देश में उत्पादन लगभग 7,000 टन सालाना और माँग लगभग 15,000 टन।
- रिपोर्ट में विमान, अंतरिक्ष यान और बंदूक़ के पुर्ज़े भी उपयोग में गिनाए गए हैं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| अम्ल-रोधी काँच-परत वाली टंकियाँ, 2.5 × 2.5 × 2.5 फ़ुट | 6 | ₹90,000 (₹15,000 each) |
| सेंट्रीफ़्यूज मशीन | 1 | ₹1,50,000 |
| हवा घुमाने वाला बिजली का ओवन (60–100 °C) | 1 | ₹2,45,000 |
| रोटरी सिलिंड्रिकल स्क्रीनिंग मशीन | 1 | ₹1,75,000 |
| M.S. पानी की टंकी, भंडारण बिन आदि | 1 | ₹1,50,000 |
| तौल मशीन (500 किलो) और अन्य औज़ार | — | ₹2,00,000 |
| गुणवत्ता जाँच लैब उपकरण | — | ₹1,50,000 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Copper Powder (prepared by Udyami/Samadhan)
- कॉपर सल्फ़ेट, 99% औद्योगिक ग्रेडपूरी क्षमता पर साल में 200 टन, ₹1,56,000 प्रति टन
- एल्युमिनियम और सीसे की चादरसाल में ₹20 लाख
- अन्य उपभोग्य सामानसाल में ₹8 लाख
- पैकिंग सामग्री
स्रोत: PMEGP sample project report — Copper Powder (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Batliboi and Co · Kolkata →DCM Chemical Works · Delhi →Rank and Company · Delhi →Bhuwaneswari Co · Secunderabad →Dharinsi Morarji Chemical Co. Ltd · Mumbai →Industrial Chemical Works · Vellore →R.N Shaw’s Sons · Delhi →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (रिपोर्ट में NOC लिखा है)
- प्रक्रिया में ज़रूरत हो तो SPCB से ख़तरनाक कचरा प्राधिकरण
- राज्य के नियम के अनुसार फ़ैक्टरी लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMEGP (रिपोर्ट PMEGP का नमूना है), ₹20 लाख तक के कर्ज़ के लिए MUDRA और बिना गिरवी गारंटी के लिए CGTMSE लागू।
§7पैसा
निवेश का आधार: मशीनरी ₹11.60 लाख, फ़र्नीचर ₹1.40 लाख, कार्यशील पूँजी ₹5.56 लाख = ₹18.56 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹5.56 लाख, जिसमें बैंक से ₹5.00 लाख। सबसे बड़ा ख़र्च कच्चा माल — पहले साल ₹119 लाख।
रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India
- 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ताँबे के दाम ऊपर-नीचे
- अम्ल का रिसाव और गंदे पानी के नियम
- कण का आकार ग़लत होने पर माल वापसी
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: ताँबे का पाउडर (इलेक्ट्रोलिटिक) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
ताँबे का पाउडर (इलेक्ट्रोलिटिक) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
