§1यह बिज़नेस क्या है
रेक्टिफ़ायर इलेक्ट्रोप्लेटिंग, इलेक्ट्रोलिटिक काम और भंडारण बैटरियाँ चार्ज करने के लिए AC को DC में बदलता है। प्रोफ़ाइल का मॉडल 12 V / 150 A हवा से ठंडा होने वाला सेट है: E-और-I स्टैम्पिंग का कोर दबाया जाता है, प्राइमरी में 10 गेज इनैमल तांबे के तार के 132 फेरे और सेकेंडरी में 10 फेरे लपेटे जाते हैं, ज़्यादा करंट वाले डायोड एल्युमिनियम बस-बार पर लगते हैं, और वेरिएक, स्विच, इंडिकेटर लैंप, एमीटर और वोल्टमीटर चादर धातु के कैबिनेट में लगाए जाते हैं। हर सेट बिक्री से पहले जाँचा जाता है।
क्षमता: हर साल 600 रेक्टिफ़ायर सेट (12 V / 150 A), ₹15,300 प्रति नग के हिसाब से ₹91.80 लाख के।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
बिजली तकनीशियन या ट्रांसफ़ॉर्मर वाइंडर जिसके इलेक्ट्रोप्लेटिंग और बैटरी व्यापार में संपर्क हों।
किसके लिए नहीं
जिसे ट्रांसफ़ॉर्मर या पावर इलेक्ट्रॉनिक्स का अनुभव नहीं।
फ़ायदे
- हर प्लेटिंग दुकान और बैटरी चार्जिंग वाले को DC सप्लाई चाहिए
- छोटी स्थायी पूँजी (₹2.85 लाख)
- कई रेटिंग में बन सकता है (6 V/10 A से 24 V/500 A)
- बिक्री के बाद मरम्मत और रीवाइंडिंग का काम
नुकसान
- कोई ख़ास BIS मानक नहीं, ख़रीदार ब्रांड और पुराने काम से परखते हैं
- तांबा, स्टील स्टैम्पिंग और डायोड लागत का बड़ा हिस्सा
- स्विच-मोड (SMPS) रेक्टिफ़ायर ट्रांसफ़ॉर्मर सेटों की जगह ले रहे हैं
- बड़ी कार्यशील पूँजी (₹19.54 लाख)
कौन-से हुनर चाहिए
- ट्रांसफ़ॉर्मर डिज़ाइन और वाइंडिंग
- डायोड और बस-बार असेंबली
- जाँच और कैलिब्रेशन
- प्लेटिंग वालों और बैटरी दुकानों को बिक्री
कठिनाई 3/5 क्यों: ट्रांसफ़ॉर्मर डिज़ाइन का हुनर और स्थिर औद्योगिक ख़रीदार चाहिए।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- इलेक्ट्रोप्लेटिंग दुकानें
- बैटरी चार्जिंग और मरम्मत की दुकानें
- इलेक्ट्रोलिटिक प्रक्रिया वाली इकाइयाँ
कैसे बिकता है
- प्लेटिंग वालों और बैटरी दुकानों को सीधी बिक्री
- बिजली और औद्योगिक सामान के डीलर
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल उद्योग और बैटरी उपयोग बढ़ने के साथ माँग बढ़ने की उम्मीद करती है।
- रेक्टिफ़ायर का कोई ख़ास BIS मानक नहीं; पुर्ज़े IS 3700 के अनुसार (प्रोफ़ाइल)।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| पावर प्रेस, 30 टन | 1 | ₹80,000 |
| गिलोटिन शियरिंग मशीन, 1200 mm | 1 | ₹20,000 |
| सुखाने का ओवन, 6' × 6' × 6' | 1 | ₹20,000 |
| ड्रिलिंग मशीन, 1" क्षमता | 1 | ₹15,000 |
| स्प्रे गन सहित एयर कंप्रेसर | 1 | ₹15,000 |
| आर्क वेल्डिंग सेट 200 A, फ़्लाई प्रेस नं. 6, बेंच ग्राइंडर, फ़्लेक्सिबल शाफ़्ट ग्राइंडर, वाइंडिंग मशीन | 1 each | ₹30,000 |
| टेस्ट पैनल, 5 kV HV टेस्टर, 500 V मेगर | 1 each | ₹18,000 |
| डाई और फ़िक्सचर | 1 lot | ₹25,000 |
स्रोत: DC-MSME project profile — Rectifier D.C. (2003)
- E और I कोर स्टैम्पिंग (12 वर्ग इंच)₹1,10,000 महीना
- इनैमल तांबे का तार, 10 गेजहर महीने 600 kg, ₹180/kg = ₹1,08,000
- डायोड, 150 A / 100 Vहर महीने 200, ₹500 = ₹1,00,000
- डिमरस्टैट, 10 A सिंगल फ़ेज़हर महीने 50, ₹1,800 = ₹90,000
- MS एंगल और CRC स्टील चादर₹60,000 महीना
- एमीटर और वोल्टमीटरहर महीने 50-50 = ₹50,000
- इन्सुलेशन, एल्युमिनियम बस-बार, स्विच, लैंप, पीतल हार्डवेयर, पेंट, नाम-पट्टी₹71,250 महीना
स्रोत: DC-MSME project profile — Rectifier D.C. (2003)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Prem Engg. Works · Delhi →Manjeet Engineering Works · Delhi →Sivamani and Co · Coimbatore →Toshniwal Bros · Mumbai →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
₹22.39 लाख की परियोजना PMEGP, CGTMSE और Stand-Up India में आती है; MUDRA (₹20 लाख तक) इसका ज़्यादातर हिस्सा कवर करता है।
§7पैसा
निवेश का आधार: DC-MSME प्रोफ़ाइल: स्थायी पूँजी ₹2.85 लाख (30 टन पावर प्रेस ₹80,000, गिलोटिन शियर ₹20,000, सुखाने का ओवन ₹20,000, ड्रिलिंग मशीन ₹15,000, एयर कंप्रेसर ₹15,000, डाई और फ़िक्सचर ₹25,000, दफ़्तर का फ़र्नीचर ₹25,000, बिजली फ़िटिंग ₹18,000, वेल्डिंग सेट, ग्राइंडर, फ़्लाई प्रेस, वाइंडिंग मशीन और टेस्टर); 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹19.54 लाख; कुल ₹22.39 लाख। भवन किराए का।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹19.54 लाख; महीने का ख़र्च ₹6.51 लाख, जिसमें 50 सेटों के पुर्ज़े ₹5.89 लाख (कोर स्टैम्पिंग ₹1.10 लाख, तांबे का तार ₹1.08 लाख, डायोड ₹1.00 लाख, डिमरस्टैट ₹90,000)।
दाम 2002–03 के हैं — मशीन, कच्चे माल और मज़दूरी का ख़र्च अब काफ़ी ज़्यादा होगा।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India
- माल भेजने से पहले DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों की ITC(HS) लाइन पक्की कर लें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- SMPS रेक्टिफ़ायर की ओर बदलाव
- तांबे के दाम बढ़ना
- ज़्यादा गरम होकर ख़राबी और वारंटी दावे
- छोटे ख़रीदारों से देर से भुगतान
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: इलेक्ट्रोप्लेटिंग और बैटरी चार्जिंग के लिए DC रेक्टिफ़ायर की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
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¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
