§1यह बिज़नेस क्या है

डेंटल लैब दंत चिकित्सक की छाप से मॉडल ढालती है, मोम का ढाँचा बनाकर इंडक्शन मशीन में धातु ढालती है, पोर्सिलेन की परत चढ़ाकर भट्ठी में पकाती है, ऐक्रेलिक और लचीले डेन्चर बनाती है और हर टुकड़े को चमकाकर क्लिनिक भेजती है। रिपोर्ट की इकाई ऐक्रेलिक दाँतों के सेट भी बनाती है और डेंटल कुर्सी व एक्स-रे वाला छोटा क्लिनिक चलाती है।

क्षमता: बिक्री पत्रक के मासिक उत्पादन में 28 दाँतों के 300 सेट, छात्रों के 1,000 दाँत सेट, 50 आंशिक डेन्चर, 20 पूरे डेन्चर, 110 क्राउन और ब्रिज और 100 डॉवेल पिन शामिल हैं।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

क्लिनिकों से संपर्क वाला प्रशिक्षित डेंटल तकनीशियन या दंत चिकित्सक।

किसके लिए नहीं

डेंटल तकनीक का प्रशिक्षण न रखने वाला व्यक्ति।

फ़ायदे

  • दंत चिकित्सक ज़्यादातर लैब का काम बाहर कराते हैं
  • हर टुकड़ा ऑर्डर पर बनता है — बिना बिका स्टॉक कम
  • हुनर वाले काम में प्रति नग अच्छा मूल्य
  • कस्बों में डेंटल क्लिनिक बढ़ते जा रहे हैं

नुकसान

  • प्रशिक्षित डेंटल तकनीशियन चाहिए, जो कम मिलते हैं
  • पोर्सिलेन और ढलाई के उपकरण महँगे
  • दोबारा बनाने और ठीक न बैठने से मुनाफ़ा घटता है
  • डिजिटल CAD/CAM वाली बड़ी लैब दाम में टक्कर देती हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • ढलाई और पोर्सिलेन का काम
  • ऐक्रेलिक और लचीले डेन्चर बनाना
  • दाँत का रंग मिलाना
  • दंत चिकित्सकों से व्यवहार

कठिनाई 4/5 क्यों: कम मिलने वाला तकनीकी हुनर और महँगे सटीक उपकरण चाहिए।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • डेंटल क्लिनिक और दंत चिकित्सक
  • डेंटल कॉलेज (छात्रों के दाँत सेट)
  • अस्पतालों के दंत विभाग

कैसे बिकता है

  • क्लिनिकों से सीधे माल लेना-देना
  • डेंटल कॉलेजों से सप्लाई अनुबंध

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार भारत में 5,000 से ज़्यादा डेंटल लैब हैं और डेंटल तकनीशियनों की कमी है।
  • रिपोर्ट यह भी बताती है कि दंत उत्पादों का बड़ा हिस्सा आयात होता है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
पोर्सिलेन भट्ठी1₹3,50,000
लचीला डेन्चर मशीन1₹2,05,000
R.V.G. (रेडियो-विज़ियोग्राफ़ी) यंत्र1₹95,000
3-D मास्टर शेड किट1₹90,000
इंडक्शन ढलाई मशीन1₹85,000
सामान सहित डेंटल कुर्सी1₹45,000
लेज़र वेल्डिंग1₹30,500
सैंड ब्लास्टर1₹30,000
स्पॉट वेल्डिंग, ऑटोक्लेव, एक्स-रे, एपेक्स लोकेटर, इलेक्ट्रो-पॉलिशर, डुप्लिकेटिंग फ़्लास्क, माइक्रो मोटर और हैंडपीस, कंप्रेसर और अन्य32 तरह के, कुल 45 नगसभी उत्पादन मशीनें ₹12,37,700
औज़ार और सहायक सामान48 तरह के 466 नग₹3,66,600

स्रोत: PMEGP sample project report — Artificial Dentures and Allied Items (prepared by Udyami/Samadhan)

  • ऐक्रेलिक हीट-क्योर और कोल्ड-क्योर पाउडर और तरल (सफ़ेद और गुलाबी)रिपोर्ट में ₹87,000 महीना
  • डेंटल स्टोन, डाई स्टोन, प्लास्टर ऑफ़ पेरिस, मोम की शीट, एल्जिनेट₹39,000 महीना
  • विरोनियम धातु, पोर्सिलेन धातु, कास्ट पार्शियल डेन्चर धातु₹25,000, ₹15,000 और ₹35,000 प्रति kg
  • सिलिका-बॉन्डेड इन्वेस्टमेंट सामग्री₹2,400 प्रति kg
  • LPG, ऑक्सीजन, ढलाई मोम और कोयलाढलाई और भट्ठियों का ईंधन

स्रोत: PMEGP sample project report — Artificial Dentures and Allied Items (prepared by Udyami/Samadhan)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam)
  2. GST
  3. राज्य औषधि नियंत्रक से जाँचें कि आपके उत्पादों को चिकित्सा उपकरण नियम, 2017 के तहत पंजीकरण चाहिए या नहीं
  4. डेंटल एक्स-रे के लिए AERB पंजीकरण
  5. क्लिनिक चलाएँ तो जैव-चिकित्सा कचरा अनुमति

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP के लिए बना; CGTMSE बिना गिरवी के कर्ज़ की गारंटी देता है।

§7पैसा

निवेश का आधार: Samadhan रिपोर्ट: प्लांट और मशीनरी ₹16.68 लाख (उत्पादन मशीनें ₹12.38 लाख, बिजली फ़िटिंग ₹0.62 लाख, औज़ार ₹3.67 लाख, हाथ के औज़ार ₹0.02 लाख), फ़र्नीचर ₹0.50 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹0.05 लाख, कार्यशील पूँजी का मार्जिन ₹3.90 लाख = ₹21.13 लाख; जगह किराए की।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): महीने का चालू ख़र्च लगभग ₹3.9 लाख (मज़दूरी ₹0.90 लाख, सामग्री ₹2.13 लाख, बिजली-पानी-ईंधन ₹0.635 लाख, अन्य ₹0.235 लाख); परियोजना लागत में कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹3.90 लाख।

रिपोर्ट पर साल नहीं छपा; उसकी मज़दूरी दरें (₹110–150 प्रति दिन) पुरानी हैं — मशीनों के दाम और मज़दूरी आज के हिसाब से जाँचें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

9021.21नकली दाँत9021.29अन्य दंत फ़िटिंग
  • HS कोड WCO HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना होगा।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • तकनीशियनों का छोड़ जाना
  • क़ीमती धातु और सामग्री महँगी होना
  • दोबारा बनाने का ख़र्च
  • क्लिनिकों से देर से भुगतान

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: डेंटल लैब (नकली दाँत, क्राउन और ब्रिज) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

डेंटल लैब (नकली दाँत, क्राउन और ब्रिज) शुरू करना है?

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DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Artificial Dentures and Allied Items (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।