§1यह बिज़नेस क्या है
पकी हुई आम, शीशम या कटहल की लकड़ी के टुकड़े काटकर लकड़ी के खराद पर ढोल जैसा आकार दिया जाता है और नक़्क़ाशी की जाती है। चमड़े या प्लास्टिक की खाल भिगोकर बाँस के छल्ले पर लपेटी और चढ़ाई जाती है; एक तरफ़ की खाल के अंदर पत्थर का पाउडर, मैदा और इंजन ऑयल का लेप लगाकर सुर बैठाया जाता है। 5–6 मीटर की सूती रस्सी धातु के कड़ों से पिरोकर खाल कसी जाती है और कारीगर हर ढोलक बजाकर जाँचता है। यूपी का अमरोहा इसका मुख्य केंद्र है।
क्षमता: 30 नग रोज़ (रिपोर्ट की मान्यता), पहले साल 50% उपयोग।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
वाद्य यंत्र बनाने वाले परिवार का व्यक्ति या अमरोहा के पास रहने वाला, जो कारीगरों को सँभाल सके।
किसके लिए नहीं
जिसकी कुशल ढोलक कारीगरों तक पहुँच न हो।
फ़ायदे
- बहुत कम निवेश (₹5.89 लाख)
- हर संगीत, कीर्तन, भजन और लोक कार्यक्रम में ज़रूरत
- अमरोहा में कुशल कारीगर मिलते हैं
- आसान औज़ार; भारी मशीनें नहीं
नुकसान
- शादियों और त्योहारों के आसपास ही ज़्यादा बिक्री
- कुशल कारीगरों पर निर्भरता, जो मुश्किल से मिलते हैं
- कई छोटी इकाइयों से दाम का दबाव
- चमड़े की खाल सोच-समझकर ख़रीदनी पड़ती है
कौन-से हुनर चाहिए
- लकड़ी पकाना और खराद पर गढ़ना
- खाल चढ़ाना और सुर मिलाना
- कारीगरों का प्रबंधन
- संगीत की दुकानों को बिक्री
कठिनाई 2/5 क्यों: निवेश कम; हुनर कारीगरों के पास है, इसलिए उन्हें सँभालना ही मुख्य बात है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- संगीतकार, भजन और कीर्तन मंडलियाँ
- शादी, संगीत और त्योहारों के लिए परिवार
- लोक नृत्य दल (भांगड़ा, लावणी)
कैसे बिकता है
- वाद्य यंत्रों की दुकानें और थोक व्यापारी
- मंडलियों और कार्यक्रमों से सीधे ऑर्डर
जानने लायक
- अमरोहा में लकड़ी के ढोल बनाने वाली लगभग 300 छोटी इकाइयाँ हैं, जिनमें 1,000 से ज़्यादा कारीगर काम करते हैं (रिपोर्ट)।
- फ़िजी में भी भजन और कीर्तन में ढोलक बजती है (रिपोर्ट)।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| लकड़ी का खराद | 1 | — |
| ड्रिल मशीन | 1 | — |
| कैंची (चमड़ा काटने के लिए) | 1 lot | — |
| नुकीली छेनी | 1 lot | — |
| हाथ की आरी | 1 lot | — |
| हाथ की रेती | 1 lot | — |
| सारी प्लांट और मशीनरी (रिपोर्ट का कुल) | 1 set | ₹3.75 lakh |
स्रोत: PMEGP sample project report — Dholak Manufacturing Unit (prepared by Udyami/Samadhan)
- ढोल के आकार की लकड़ी — शीशम, आम या कटहलस्थानीय बाज़ार से; इस्तेमाल से पहले पकाई जाती है
- चमड़े या प्लास्टिक की चादरेंखाल और झिल्ली के लिए
- धातु के कड़े, चाबियाँ, सॉकेट और हुककसने और सुर मिलाने के लिए
- सूती रस्सी (हर ढोलक में 5–6 m) और बाँस की पट्टियाँरस्सी से खाल कसती है; बाँस से छल्ले बनते हैं
- हरिका पत्थर पाउडर, मैदा और इंजन ऑयलसुर के लिए खाल पर लगाया जाने वाला लेप
स्रोत: PMEGP sample project report — Dholak Manufacturing Unit (prepared by Udyami/Samadhan)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam)
- GST
- ट्रेड लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CM YUVAUPचालू₹5 लाख तक, बिना ब्याज
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMEGP और MUDRA लागू; ₹5.89 लाख पर यह यूपी की CM-YUVA सीमा के क़रीब है; बिना गारंटी कवर के लिए CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: Samadhan रिपोर्ट: प्लांट और मशीनरी ₹3.75 लाख + अन्य संपत्ति ₹0.25 लाख + कार्यशील पूँजी ₹1.89 लाख = ₹5.89 लाख; ज़मीन और शेड अपना/किराए का।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹1.89 लाख (बैंक ₹1.70 लाख) — 15 दिन का कच्चा माल, 10 दिन का तैयार माल, 15 दिन का उधार।
नमूना रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet
- HS कोड WCO की HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ठीक से न पकी लकड़ी में दरार
- कारीगरों की कमी
- मौसमी माँग में गिरावट
- चमड़े की ख़रीद के नियम
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: ढोलक बनाने की इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
ढोलक बनाने की इकाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
