§1यह बिज़नेस क्या है

फूल, पत्ते और पौधों के हिस्से सूखे मौसम में तोड़े, साफ़ किए जाते हैं, फिर हवा, धूप, दबाकर या सिलिका जेल, बोरेक्स या रेत में दबाकर सुखाए जाते हैं ताकि आकार बना रहे। ब्लीचिंग और सल्फ़रिंग से रंग बचाया या बदला जाता है ताकि डाई लगाई जा सके। सूखी सामग्री ग्रीटिंग कार्ड, पॉटपुरी, हाथ के बने काग़ज़, लैंपशेड, मोमबत्ती स्टैंड, फ़ोटो फ़्रेम, तोहफ़ों और शरीर की देखभाल वाले उत्पादों में लगती है। रिपोर्ट के अनुसार भारत के फूल निर्यात का दो-तिहाई से ज़्यादा हिस्सा सूखे फूलों का है।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

पहाड़, जंगल या बाग़बानी वाले इलाक़े का व्यक्ति, जिसे हस्तशिल्प की समझ हो और निर्यातकों से पहचान हो।

किसके लिए नहीं

जिसकी पौधों की सामग्री या हस्तशिल्प ख़रीदारों तक पहुँच न हो।

फ़ायदे

  • निर्यात वाला उत्पाद (रिपोर्ट के अनुसार फूल निर्यात का बड़ा हिस्सा)
  • खेत और जंगल की सस्ती सामग्री — घास, फलियाँ, शंकु, पत्तियाँ
  • ताज़े फूलों के मुक़ाबले लंबी उम्र
  • एक ही कच्चे माल से कई हस्तशिल्प उत्पाद

नुकसान

  • ब्लीचिंग मशीन महँगी (₹8 लाख)
  • ब्लीचिंग और रंगाई में रसायन सँभालना
  • तैयार उत्पादों के लिए डिज़ाइन का हुनर चाहिए
  • निर्यात ख़रीदार एक जैसी गुणवत्ता चाहते हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • सुखाने और दबाकर रखने के तरीक़े
  • ब्लीचिंग और रंगाई
  • तैयार हस्तशिल्प का डिज़ाइन
  • निर्यातकों और गिफ़्ट ख़रीदारों से सौदा

कठिनाई 3/5 क्यों: प्रक्रिया सीखी जा सकती है; डिज़ाइन, गुणवत्ता और निर्यात बिक्री में समय लगता है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • तोहफ़े और हस्तशिल्प बनाने वाले
  • ग्रीटिंग कार्ड, हाथ के बने काग़ज़ और लैंपशेड बनाने वाले
  • शरीर की देखभाल और पॉटपुरी बनाने वाले
  • फूल उत्पादों के निर्यातक

कैसे बिकता है

  • निर्यातकों को सप्लाई
  • हस्तशिल्प और गिफ़्ट दुकानें
  • तैयार सजावटी सामान की सीधी बिक्री

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार कुल फूल निर्यात का दो-तिहाई से ज़्यादा सूखे फूलों का है।
  • सूखे फूल साल भर हर मौक़े पर पसंद किए जाते हैं (रिपोर्ट)।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
फूल और डंठल साफ़ करने की मशीन1₹20,000
स्टील ड्राइंग (सुखाने की) मशीन1₹3.00 lakh
ब्लीचिंग मशीन1₹8.00 lakh
फूल पैकिंग मशीन1₹3.00 lakh

स्रोत: PMEGP sample project report — Dry Flowers (prepared by Udyami/Samadhan)

  • कपास के छिलके, चीड़ के शंकु और फूल, सूखी मिर्च, सूखी लौकी, घासरिपोर्ट में नाम दिए हैं
  • हरसिंगार (ट्री जैस्मिन), एवरलास्टिंग फूल, शतावरी के पत्ते, फ़र्न के पत्तेरिपोर्ट में नाम दिए हैं
  • सिलिका जेल, बोरेक्स या सफ़ेद रेत; ब्लीच, गंधक और रंगदबाकर सुखाने, सुरक्षित रखने और रंगने के लिए

स्रोत: PMEGP sample project report — Dry Flowers (prepared by Udyami/Samadhan)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam)
  2. GST
  3. फ़ायर सेफ़्टी और राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC
  4. ट्रेड लाइसेंस
  5. फ़ैक्टरी लाइसेंस (रिपोर्ट के अनुसार वैकल्पिक)
  6. BIS प्रमाणन (रिपोर्ट में लिखा)
  7. ज़रूरत हो तो ब्रांड का ट्रेडमार्क

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹22.02 लाख की परियोजना के लिए PMEGP, MUDRA और CGTMSE; फूलों की कटाई-बाद सहायता के लिए NHB की बाग़बानी योजनाएँ देखें।

§7पैसा

निवेश का आधार: Samadhan रिपोर्ट: प्लांट और मशीनरी ₹14.20 लाख + अन्य संपत्ति ₹1.00 लाख + कार्यशील पूँजी ₹6.82 लाख = ₹22.02 लाख; जगह किराए की, लागत में नहीं।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹6.82 लाख (बैंक ₹6.14 लाख); पहले साल कच्चा माल ₹56.10 लाख।

नमूना रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर पता करें।

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§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

0603.90सजावट के लिए कटे फूल और कलियाँ — सूखी, रंगी, ब्लीच की या अन्य तरह से तैयार (ताज़ी नहीं)0604.90सजावट के लिए पत्ते, टहनियाँ, पौधों के अन्य हिस्से, घास, काई — ताज़े नहीं

निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA

  • HS कोड WCO की HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • नमी से स्टॉक ख़राब होना
  • रसायनों की सुरक्षा
  • सजावट के चलन में बदलाव
  • निर्यातकों से भुगतान में देरी

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: सूखे फूल (ड्राई फ़्लावर) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

सूखे फूल (ड्राई फ़्लावर) शुरू करना है?

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Dry Flowers (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।