§1यह बिज़नेस क्या है

MS चादर और चैनल से स्टील का चैंबर बनाया जाता है, पहले ताप-रोधन के लिए फ़ायर-क्ले ईंटों की और फिर रिफ़्रैक्टरी ईंटों की परत लगाई जाती है। कैंथल रेज़िस्टेंस तार परत के खाँचों में बिछाया जाता है, टर्मिनल बाहर निकालकर इन्सुलेट किए जाते हैं, और थर्मोस्टैट व थर्मोकपल वाला कंट्रोल पैनल लगाया जाता है। हर भट्ठी ग्राहक के आकार और तापमान के अनुसार बनती है और IS 9025 व IS 8506 के अनुसार जाँची जाती है। इंडक्शन और आर्क भट्ठियाँ इस प्रोफ़ाइल में नहीं हैं।

क्षमता: हर साल 50 kW की 48 भट्ठियाँ (4 महीना), ₹1.60 लाख प्रति नग के हिसाब से ₹76.80 लाख की।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

बिजली या मैकेनिकल इंजीनियर जो औद्योगिक हीटिंग जानता हो और जिसके कारख़ानों से संपर्क हों।

किसके लिए नहीं

बिना इंजीनियरिंग प्रशिक्षण वाला व्यक्ति; ग़लत बनी भट्ठी से आग और सुरक्षा का ख़तरा है।

फ़ायदे

  • औद्योगिक ख़रीदार अच्छी चलने वाली भट्ठी के लिए अच्छा दाम देते हैं
  • ऑर्डर पर बनती है, इसलिए बिना बिका माल कम
  • माँग लगभग 10% सालाना बढ़ रही (प्रोफ़ाइल)
  • बिक्री के बाद मरम्मत और दोबारा अस्तर लगाने का काम

नुकसान

  • हर ऑर्डर का अलग डिज़ाइन
  • तब केरल और तमिलनाडु में सिर्फ़ 15–20 इकाइयाँ थीं, ख़रीदार बारीकी से तुलना करते हैं
  • बड़ी रक़म की बिक्री; कुछ ऑर्डर छूटें तो नुक़सान
  • ताप और कंट्रोल की इंजीनियरिंग समझ चाहिए

कौन-से हुनर चाहिए

  • भट्ठी का डिज़ाइन और ताप की गणना
  • रिफ़्रैक्टरी अस्तर और एलिमेंट लगाना
  • तापमान कंट्रोल पैनल
  • कारख़ानों और प्रयोगशालाओं को बिक्री

कठिनाई 4/5 क्यों: भरोसे की उम्मीद रखने वाले औद्योगिक ख़रीदारों के लिए ऑर्डर पर इंजीनियरिंग।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • इंजीनियरिंग उद्योग (हीट ट्रीटमेंट)
  • खाद्य प्रसंस्करण उद्योग
  • रसायन प्रसंस्करण उद्योग
  • प्रयोगशालाएँ

कैसे बिकता है

  • कारख़ानों से सीधे ऑर्डर
  • जान-पहचान से और औद्योगिक मेले

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल माँग में लगभग 10% सालाना बढ़त बताती है, और तब केरल व तमिलनाडु में 15–20 छोटी इकाइयाँ भट्ठियाँ बनाती थीं।
  • आकार, अधिकतम तापमान और स्वचालित कंट्रोल का स्तर हर ग्राहक तय करता है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
पावर प्रेस1₹50,000
ड्रिलिंग मशीन, 2" क्षमता2₹36,000
शियरिंग मशीन, 1200 mm1₹30,000
बेंडिंग प्रेस1₹26,000
स्प्रिंग कॉइल वाइंडिंग मशीन1₹26,000
आर्क वेल्डिंग सेट1₹25,000
दोनों ओर वाला ग्राइंडर 200 mm, 2 HP2₹20,000
स्प्रे पेंटिंग सहित एयर कंप्रेसर; 5 टन चेन पुली ब्लॉक; फ़्लेक्सिबल ग्राइंडर1 each₹48,000
जाँच: HV टेस्टर, डिजिटल माइक्रो-ओम मीटर, पायरोमीटर, थर्मोकपल टेस्ट सेट, एमीटर, वोल्टमीटर, वाटमीटर, मल्टीमीटर, एनीमोमीटर1 lot₹60,000

स्रोत: DC-MSME project profile — Electric Furnace (2003)

  • रिफ़्रैक्टरी ईंटें₹1,10,000 महीना
  • कंट्रोल पैनलहर महीने 4, ₹26,000 = ₹1,04,000
  • फ़ायर-क्ले ईंटेंहर महीने 5,100, ₹16 = ₹81,600
  • कैंथल रेज़िस्टेंस तारहर महीने 8 kg, ₹4,000/kg = ₹32,000
  • MS चादर (18 गेज) और MS चैनलहर महीने 1,300 kg + 450 kg = ₹38,050
  • थर्मोकपल, थर्मोस्टैट, कंपेन्सेटिंग केबल₹19,375 महीना
  • फ़ायर क्ले, पेंट, नट-बोल्ट, वेल्डिंग रॉड₹11,200 महीना

स्रोत: DC-MSME project profile — Electric Furnace (2003)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST
  3. स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
  4. राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (वेल्डिंग और पेंटिंग)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹19.52 लाख की परियोजना PMEGP, MUDRA (तरुण, ₹20 लाख तक), CGTMSE और Stand-Up India में आती है।

§7पैसा

निवेश का आधार: DC-MSME प्रोफ़ाइल: मशीनें ₹2.61 लाख (पावर प्रेस ₹50,000, 2 ड्रिलिंग मशीनें ₹36,000, शियरिंग मशीन ₹30,000, बेंडिंग प्रेस ₹26,000, स्प्रिंग कॉइल वाइंडर ₹26,000, आर्क वेल्डिंग सेट ₹25,000 आदि) + जाँच उपकरण ₹60,000 + बिजली फ़िटिंग ₹32,100 + फ़र्नीचर ₹40,000 + औज़ार और जिग ₹20,000 = स्थायी पूँजी ₹4.23 लाख; 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹15.29 लाख; कुल ₹19.52 लाख। जगह किराए की।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹15.29 लाख; महीने का ख़र्च ₹5.10 लाख, जिसमें ईंटें और फ़ायर क्ले ₹1.95 लाख और कंट्रोल पैनल ₹1.04 लाख।

दाम 2002–03 के हैं — मशीन, कच्चे माल और मज़दूरी का ख़र्च अब काफ़ी ज़्यादा होगा।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

8514.19रेज़िस्टेंस से गर्म होने वाली औद्योगिक या प्रयोगशाला भट्ठियाँ और ओवन, अन्य

निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India

  • माल भेजने से पहले DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों की ITC(HS) लाइन पक्की कर लें।
  • पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • बड़े कामों के बीच ऑर्डर का अंतराल
  • एलिमेंट और अस्तर के वारंटी दावे
  • पुराने भट्ठी निर्माताओं से मुक़ाबला
  • रिफ़्रैक्टरी ईंट और कैंथल तार के दाम बढ़ना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: बिजली की रेज़िस्टेंस भट्ठी (इलेक्ट्रिक फ़र्नेस) निर्माण की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. DC-MSME project profile — Electric Furnace (2003)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।