§1यह बिज़नेस क्या है
वितरण बोर्ड एक आने वाली सप्लाई को कई शाखा सर्किटों में बाँटता है और हर सर्किट को शॉर्ट सर्किट, ओवरलोड और अर्थ लीकेज से बचाता है। इकाई सर्किट डिज़ाइन करती है, चादर धातु का डिब्बा काटती, मोड़ती, वेल्ड करती और छेद करती है, क्लिप और बैटन लगाती है, डायग्राम के अनुसार वायरिंग करती है, बाज़ार से ख़रीदे MCB, फ़्यूज़ यूनिट, रिले, मीटर और टर्मिनल लगाती है और IS 8623 व IS 2675 के अनुसार जाँचती है। ख़रीदार बिल्डर, बिजली ठेकेदार, कारख़ाने और संस्थाएँ हैं।
क्षमता: हर साल अलग-अलग साइज़ के 600 वितरण बोर्ड, औसत ₹12,500 प्रति नग के हिसाब से ₹75 लाख के।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
इलेक्ट्रीशियन या बिजली ठेकेदार जिसके पास पहले से बिल्डर और ठेकेदार ग्राहक हों।
किसके लिए नहीं
जिसे बिजली की जानकारी नहीं; ख़राब बोर्ड से आग और करंट का ख़तरा है।
फ़ायदे
- हर इमारत, दुकान और कारख़ाने को वितरण बोर्ड चाहिए
- छोटी मशीनें; ज़्यादातर फ़ैब्रिकेशन और वायरिंग
- ऑर्डर पर बनता है, इसलिए तैयार माल का स्टॉक कम
- आगे बड़े कंट्रोल पैनल तक बढ़ सकते हैं
नुकसान
- घरेलू वायरिंग में ब्रांडेड मॉड्यूलर DB का दबदबा
- मार्जिन ख़रीदे स्विचगियर के दाम पर टिका
- ठेकेदार देर से भुगतान करते हैं
- वायरिंग और जाँच के लिए प्रशिक्षित इलेक्ट्रीशियन चाहिए
कौन-से हुनर चाहिए
- सर्किट डिज़ाइन और वायरिंग
- चादर धातु फ़ैब्रिकेशन और वेल्डिंग
- IS मानकों के अनुसार जाँच
- ठेकेदारों को कोटेशन और बिक्री
कठिनाई 2/5 क्यों: फ़ैब्रिकेशन और वायरिंग जाने-पहचाने काम हैं; ब्रांडों के सामने बेचना मुश्किल हिस्सा है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- बिल्डर और बिजली ठेकेदार
- कारख़ाने और वर्कशॉप
- दफ़्तर, दुकानें और संस्थाएँ
कैसे बिकता है
- ठेकेदारों से सीधे ऑर्डर
- बिजली सामान की दुकानें
- टेंडर
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल माँग को बिजली उत्पादन, ट्रांसमिशन और वितरण के बढ़ने से जोड़ती है।
- घरों में मीटर, फ़्यूज़ और लिंक बोर्ड बिजली बोर्ड लगाता है (प्रोफ़ाइल)।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| शीट बेंडिंग मशीन | 2 | ₹36,000 |
| गिलोटिन शियरिंग मशीन, 1200 mm | 2 | ₹30,000 |
| वाइस (शिकंजा) | 3 | ₹18,000 |
| सहायक सामान सहित आर्क वेल्डिंग ट्रांसफ़ॉर्मर | 1 | ₹12,000 |
| स्प्रे-पेंट उपकरण सहित एयर कंप्रेसर | 1 | ₹12,000 |
| बेंच ड्रिल, पोर्टेबल ग्राइंडर, गन ड्रिल, गैस वेल्डिंग सेट, 2 बेंच ग्राइंडर, हैंड शियर, फ़्लाई प्रेस, हाथ का कॉइल वाइंडर | 1 lot | ₹39,500 |
| हाथ के औज़ार और नापने के उपकरण | 1 lot | ₹10,000 |
| जाँच: 5 kV HV टेस्टर, मेगर, मल्टीमीटर, वोल्टमीटर, एमीटर, लोडिंग रियोस्टैट, LCR ब्रिज | 1 lot | ₹27,500 |
स्रोत: DC-MSME project profile — Distribution Board (2003)
- मीटर और सहायक सामानहर महीने 50 सेट, ₹5,000 = ₹2.50 लाख
- MS चादरहर महीने 3.5 टन, ₹20,000/टन = ₹70,000
- MS एंगल, पट्टी, चैनलहर महीने 1.5 टन = ₹22,363
- टर्मिनल स्ट्रिप, बस-बार पट्टी, फ़्यूज़ यूनिट, MCB, कट-आउट, रिले₹50,000 महीना
- हार्डवेयर, वेल्डिंग रॉड, पेंट, वायरिंग और इन्सुलेशन सामग्री₹30,000 महीना
स्रोत: DC-MSME project profile — Distribution Board (2003)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Automatic Electric Co. Ltd · Mumbai →Batliboi and Co · Kolkata →HMT Ltd · Kolkata →Associated Engineers and Co · Ajmer →Atlas Works Pvt. Ltd · Kolkata →Automatic Pvt. Ltd · Chennai →B.B. Engineering Works · Kolkata →Bluestar Ltd · Kolkata →BPL Pvt. Ltd · Chennai →Engg. and Industrial Foundry Company · Coimbatore →Indian Oxygen Limited · Chennai →Larsen and Toubro Ltd · Kolkata →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (वेल्डिंग और पेंटिंग)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
₹17.30 लाख की परियोजना PMEGP, MUDRA (तरुण, ₹20 लाख तक), CGTMSE और Stand-Up India में आती है।
§7पैसा
निवेश का आधार: DC-MSME प्रोफ़ाइल: मशीनें ₹1.58 लाख (2 शीट-बेंडिंग मशीनें ₹36,000, 2 गिलोटिन शियर ₹30,000, 3 वाइस ₹18,000, आर्क वेल्डिंग सेट ₹12,000, स्प्रे पेंट सहित एयर कंप्रेसर ₹12,000, ड्रिल, ग्राइंडर, फ़्लाई प्रेस और औज़ार) + जाँच उपकरण ₹27,500 + फ़र्नीचर ₹24,000 + बिजली फ़िटिंग ₹15,750 + शुरुआती ख़र्च ₹5,000 = स्थायी पूँजी ₹2.30 लाख; 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹15.00 लाख; कुल ₹17.30 लाख। जगह किराए की।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹15.00 लाख; महीने का ख़र्च लगभग ₹5.00 लाख, जिसमें मीटर व सहायक सामान ₹2.50 लाख (₹5,000 प्रति सेट) और MS चादर व एंगल ₹92,363।
दाम 2002–03 के हैं — मशीन, कच्चे माल और मज़दूरी का ख़र्च अब काफ़ी ज़्यादा होगा।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India
- माल भेजने से पहले DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से 8 अंकों की ITC(HS) लाइन पक्की कर लें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ब्रांडेड मॉड्यूलर बोर्डों से मुक़ाबला
- स्विचगियर के दाम बढ़ना
- बिल्डरों से देर से भुगतान
- ख़राब बोर्ड की ज़िम्मेदारी
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: बिजली वितरण बोर्ड (LT डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
बिजली वितरण बोर्ड (LT डिस्ट्रीब्यूशन बोर्ड) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
