§1यह बिज़नेस क्या है

सोयाबीन मील, बिनौला खली, मूँगफली खली, मक्का, गेहूँ का आटा, चावल की भूसी, मछली या मांस-हड्डी का चूरा और खनिज हैमर मिल में पीसे जाते हैं, मिलाए जाते हैं, भाप दी जाती है और एक्सट्रूडर से तैरने वाली गोलियाँ बनाई जाती हैं। गोलियों को कई परतों वाले ड्रायर में सुखाया जाता है, तेल छिड़का जाता है, ठंडा करके छाना और बोरों में भरा जाता है। तैरने वाला दाना किसान को मछली का खाना देखने देता है और बर्बादी घटाता है।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

मछली पालन वाले इलाक़े का व्यक्ति जिसकी किसानों और मत्स्य विभाग के अधिकारियों से जान-पहचान हो।

किसके लिए नहीं

जिसके पास जगह या कच्चा माल जमा करने की कार्यशील पूँजी नहीं।

फ़ायदे

  • तैरने वाला दाना किसान को मछली का खाना दिखाता है और बर्बादी घटाता है (रिपोर्ट के अनुसार)
  • एक्सट्रूड किया दाना ऊँचे दाम पर बिकता है (रिपोर्ट के अनुसार)
  • एक ही लाइन से अलग-अलग नाप की गोलियाँ बनती हैं
  • तालाब में मछली पालन कई राज्यों में फैल रहा है

नुकसान

  • बड़ी जगह चाहिए (लगभग 25,000 वर्ग फ़ुट)
  • बॉयलर और एक्सट्रूडर के लिए कुशल ऑपरेटर चाहिए
  • खली और मक्का के दाम ऊपर-नीचे होते हैं
  • बड़ी दाना कंपनियाँ किसानों को उधार और तकनीकी सलाह देती हैं

कौन-से हुनर चाहिए

  • मछली के दाने का नुस्ख़ा
  • एक्सट्रूडर, ड्रायर और बॉयलर चलाना
  • कच्चे माल की ख़रीद
  • किसानों को बिक्री और उधार पर नियंत्रण

कठिनाई 3/5 क्यों: बॉयलर सहित लंबी मशीन लाइन, पर खेती से लगातार माँग।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • तालाब में मछली पालने वाले किसान
  • मछली बीज (हैचरी) इकाइयाँ
  • सजावटी मछली पालक
  • मत्स्य सहकारी समितियाँ

कैसे बिकता है

  • मत्स्य सामग्री के डीलर
  • बड़े फ़ार्मों को सीधी सप्लाई
  • सहकारी समितियाँ और FPO

जानने लायक

  • रिपोर्ट कहती है एक्सट्रूड दाना बनाना महँगा है पर ऊँचे दाम पर बिकता है, और किसान को खाना देखने देता है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
इनटेक हॉपर——
स्क्रू कन्वेयर——
एलिवेटर——
ग्राइंडिंग बिन——
ग्रिज़ली फ़ीडर——
हैमर मिल——
साइक्लोन के साथ हवा का पंखा——
मिक्सर हॉपर——
पैडल मिक्सर——
पेलेट हॉपर——
पेलेट कंडीशनर (भाप)——
एक्सट्रूडर मशीन (तैरने वाला दाना)——
एयर कन्वेयर——
बिजली हीटर वाला 5-परत ड्रायर——
कूलर——
कंपन वाली छलनी——
पैकेजिंग मशीन——
बॉयलर——

स्रोत: UP MSME 1-Connect project profile — Automatic Fish Feed Plant (2024)

  • सोयाबीन मीललगभग 48% प्रोटीन; मछली दाने में सबसे लोकप्रिय प्रोटीन स्रोत
  • बिनौला खलीलगभग 41% प्रोटीन; आमतौर पर दाने का 10–15%
  • मूँगफली खलीलगभग 40% कच्चा प्रोटीन
  • मक्कातैरने वाली गोलियों के लिए कम से कम 15–20%
  • गेहूँ का आटा2–5%, मुख्यतः गोलियाँ बाँधने के लिए
  • चावल की भूसीचर्बी ज़्यादा, इसलिए सीमित मात्रा
  • मछली का चूरा या मांस-हड्डी/रक्त चूराप्रोटीन स्रोत
  • खनिज मिश्रण और विटामिनपूरक पदार्थ

स्रोत: UP MSME 1-Connect project profile — Automatic Fish Feed Plant (2024)

Building Business Bazaar में सप्लायर

Central Institute of Fisheries Technology (ICAR-CIFT), Cochin · Kochi →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST
  3. भारतीय मानक ब्यूरो (BIS) में पंजीकरण (रिपोर्ट में दिया)
  4. ट्रेड लाइसेंस
  5. फ़ैक्टरी लाइसेंस
  6. प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC
  7. अग्नि सुरक्षा बोर्ड से NOC
  8. बॉयलर अधिनियम के दायरे में आने पर बॉयलर पंजीकरण

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹24.17 लाख की विनिर्माण इकाई पर PMEGP लागू; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE; SC/ST और महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India।

§7पैसा

निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹16.00 लाख + फ़र्नीचर ₹1.00 लाख + अन्य संपत्ति ₹0.50 लाख + कार्यशील पूँजी ₹6.67 लाख = ₹24.17 लाख (ज़मीन और भवन अपना या किराए का)। पैसा: टर्म लोन ₹15.75 लाख, कार्यशील पूँजी लोन ₹6.00 लाख, अपना ₹2.42 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹6.67 लाख (बैंक ₹6.00 लाख)।

UP MSME 1-Connect रिपोर्ट, 2024।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet

  • अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • कच्चे माल के दाम अचानक बढ़ना
  • किसानों से उधार डूबना
  • बॉयलर या ड्रायर की दुर्घटना
  • डूबने या टूटने वाला दाना और शिकायतें

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: मछली दाना प्लांट (तैरने वाली गोलियाँ) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

मछली दाना प्लांट (तैरने वाली गोलियाँ) शुरू करना है?

DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. UP MSME 1-Connect project profile — Automatic Fish Feed Plant (2024)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।