§1यह बिज़नेस क्या है
ताज़ी रोहू मछली के छिलके (स्केल) उतारे जाते हैं, पेट साफ़ किया जाता है और धोया जाता है, तुरंत ठंडा करके ब्लास्ट-फ़्रीज़ किया जाता है और कोल्ड स्टोर में रखा जाता है, फिर 1 kg के पैकेट में वैक्यूम-पैक होता है। रिपोर्ट बताती है कि बर्फ़ में रखी ताज़ी कार्प मछली 7 से 10 दिन ही चलती है, जबकि जमी हुई मछली बहुत ज़्यादा दिन चलती है, इसलिए यह ज़्यादातर पानी से दूर के इलाक़ों में बिकती है।
क्षमता: घंटे में 50 kg, 300 दिनों में रोज़ 400 kg; 5% बर्बादी के बाद साल में 1,14,000 kg, 1 kg के पैकेट में। पहले साल 60% (68,400 kg), पाँचवें साल 80% (91,200 kg)।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
मछली तालाबों या मछली बाज़ार के पास का व्यक्ति, जो लगातार रोहू ख़रीद सके और दूर के कस्बों में व्यापारियों, दुकानों या होटलों को बेच सके।
किसके लिए नहीं
जिस इलाक़े में बिजली कमज़ोर हो या ठंडी ढुलाई (कोल्ड-चेन) न हो।
फ़ायदे
- जमाने से 7–10 दिन चलने वाला माल दूर भेजा और रखा जा सकता है
- रोहू पूरे भारत में ख़ूब खाई जाती है
- छिलके उतारना, पेट साफ़ करना और धोना मशीनें करती हैं
- DPR PMFME के लिए बना है
नुकसान
- ₹37.50 लाख की परियोजना में मशीनें और कोल्ड स्टोरेज ₹30.70 लाख के
- ब्रेक-ईवन ऊँचा (क्षमता का लगभग आधा)
- पक्की बिजली चाहिए — लंबी कटौती पूरा कोल्ड स्टोर ख़राब कर सकती है
- मछली की आपूर्ति और दाम निकासी के मौसम के साथ बदलते हैं
कौन-से हुनर चाहिए
- मछली की ताज़गी परखना
- ब्लास्ट फ़्रीज़र और कोल्ड स्टोर चलाना
- सफ़ाई और तापमान का रिकॉर्ड रखना
- थोक व्यापारियों, दुकानों और होटल-रेस्टोरेंट को बेचना
कठिनाई 4/5 क्यों: महँगे फ़्रीज़िंग उपकरण, ऊँचा ब्रेक-ईवन और कभी न टूटने वाली कोल्ड-चेन की ज़रूरत।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- पानी से दूर के कस्बों के मछली विक्रेता और थोक व्यापारी
- होटल, रेस्टोरेंट और कैटरर
- सुपरमार्केट
कैसे बिकता है
- कोल्ड-चेन से थोक व्यापारियों तक
- खुदरा चेन और होटल-रेस्टोरेंट को सीधी सप्लाई
जानने लायक
- रिपोर्ट कहती है कि बर्फ़ में रखी ताज़ी कार्प 7 से 10 दिन ही चलती है, इसलिए जमी मछली ज़्यादातर पानी से दूर बिकती है।
- रिपोर्ट में पहले साल की बिक्री 60% क्षमता पर ₹105.79 लाख है, ₹160 प्रति 1 kg पैकेट।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| वैक्यूम पैकिंग मशीन | 1 | ₹70,000 |
| ब्लास्ट फ़्रीज़र (50 kg क्षमता) | 1 | ₹3,00,000 |
| फ़्रीज़र / कोल्ड स्टोरेज (15 फ़ुट × 8.5 फ़ुट × 9 फ़ुट) | 1 | ₹10,00,000 |
| पेट साफ़ करने (गटिंग) की मशीन (50–80 kg) | 1 | ₹4,50,000 |
| वॉशमास्टर धुलाई मशीन (50–80 kg) | 1 | ₹3,50,000 |
| स्केलमास्टर छिलका उतारने की मशीन | 1 | ₹8,50,000 |
| माल ढोने और दूसरे उपकरण | पूरा सेट | ₹50,000 |
स्रोत: NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Frozen Fish Unit (2022)
- रोहू मछलीपहले साल ₹85 प्रति kg मानी गई
- बर्फ़मछली आते ही ठंडा करने के लिए
- पैकिंगपॉलीथीन थैले या रैप, मोम लगे डुप्लेक्स डिब्बों में, जैसा रिपोर्ट बताती है
स्रोत: NIFTEM-K (MoFPI) PMFME Detailed Project Report – Frozen Fish Unit (2022)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (मछली का कचरा और गंदा पानी)
- निर्यात करें तो MPEDA पंजीकरण और निर्यात निरीक्षण परिषद (EIC) की मंज़ूरी
- पैक माल के लिए लीगल मेट्रोलॉजी पंजीकरण
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
सबसे पहले PMFME लागू (DPR उसी के लिए बना; रिपोर्ट में सब्सिडी अधिकतम ₹10 लाख)। ₹37.50 लाख की परियोजना पर PMEGP और CGTMSE लागू; MUDRA ₹20 लाख तक के कर्ज़ के लिए।
§7पैसा
निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹30.70 लाख + अन्य स्थायी संपत्ति ₹0.80 लाख + कार्यशील पूँजी ₹6.00 लाख = ₹37.50 लाख। जगह किराए की (लागत में नहीं जोड़ी)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): परियोजना लागत में कार्यशील पूँजी ₹6.00 लाख, बैंक सीमा ₹5.40 लाख; 10 दिन का कच्चा और तैयार माल, ख़रीदारों और सप्लायरों दोनों से 7 दिन की उधारी।
PMFME के लिए NIFTEM-K का मॉडल DPR, 2022 में छपा (अंदर साल नहीं छपा) — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: MPEDA
- रिपोर्ट के अनुसार भारत का ज़्यादातर मछली निर्यात जमे रूप में होता है।
- मछली उत्पादों के निर्यात के लिए निर्यात निरीक्षण परिषद (EIC) की मंज़ूरी चाहिए।
- माल भेजने से पहले 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- कोल्ड स्टोर में बिजली जाना
- मौसम में आपूर्ति की कमी
- ताज़ी मछली बेचने वालों से दाम की होड़
- कोल्ड-चेन टूटने पर माल अस्वीकार
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: फ़्रोज़न मछली इकाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
फ़्रोज़न मछली इकाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
