§1यह बिज़नेस क्या है

घराट का पानी का पहिया चक्की में लगी आधुनिक कोल्ड-प्रेस मशीन को चलाता है, इसलिए न बिजली चाहिए न गर्मी। स्थानीय किसानों से ख़रीदे तिलहन को साफ़ और छाँटकर पेरा जाता है; तेल को प्राकृतिक तरीक़े से छानकर बोतल या टिन में भरा और लेबल किया जाता है, और खली पशु आहार या जैविक खाद के रूप में बिकती है। DUY प्रोफ़ाइल 20 घराट इकाइयों के एक कार्यक्रम के रूप में लिखी गई है, जिसमें सर्वे, प्रशिक्षण, ढुलाई और मार्केटिंग साझा है।

क्षमता: हर इकाई में रोज़ 40 लीटर तेल।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

घराट मालिक, FPO या NGO-समर्थित क्लस्टर जो कई इकाइयाँ और एक साझा ब्रांड चला सके।

किसके लिए नहीं

जिसके पास लगातार बहते नाले पर चालू घराट नहीं है।

फ़ायदे

  • मुफ़्त, नवीकरणीय पानी की ताक़त — पेराई का बिजली बिल नहीं
  • कोल्ड-प्रेस तेल सेहतमंद उत्पाद के रूप में ऊँचे दाम पर बिकता है
  • पुराने घराट और स्थानीय तिलहन खेती फिर से ज़िंदा होती है
  • खली पशु आहार या खाद के रूप में अतिरिक्त आय देती है

नुकसान

  • सूखे मौसम में पानी कम होता है और ऊँचे इलाक़ों में जम जाता है
  • घराट दूर-दराज़ नालों पर हैं — ढुलाई महँगी
  • हर इकाई का उत्पादन कम; ब्रांडिंग कई इकाइयों में साझा करनी पड़ती है
  • खाद्य तेल के लिए कड़ी साफ़-सफ़ाई और जाँच चाहिए

कौन-से हुनर चाहिए

  • घराट और एक्सपेलर का रखरखाव
  • तिलहन की सफ़ाई और पेराई
  • FSSAI के अनुसार छानना, बोतल भरना और लेबल लगाना
  • महँगे तेल का ब्रांड बनाना

कठिनाई 3/5 क्यों: पेराई आसान है, पर पानी की ताक़त, दूर की जगहें और खाद्य-सुरक्षा नियम सावधानी माँगते हैं।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • सेहत का ध्यान रखने वाले परिवार
  • जैविक खाद्य स्टोर
  • आयुर्वेद, मालिश और कॉस्मेटिक उपयोगकर्ता (तिल, अलसी, सरसों का तेल)
  • खली को पशु आहार के रूप में ख़रीदने वाले पशुपालक

कैसे बिकता है

  • स्थानीय बाज़ार और सहकारी समितियाँ
  • जैविक खाद्य स्टोर
  • ऑनलाइन प्लेटफ़ॉर्म
  • खली पशु आहार या खाद के रूप में

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल कहती है कि कोल्ड प्रेस से एंटीऑक्सीडेंट, ओमेगा फ़ैटी एसिड और प्राकृतिक स्वाद बना रहता है।
  • बड़े बाज़ारों तक पहुँचने के लिए डिजिटल ट्रेसबिलिटी का सुझाव है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
कोल्ड प्रेस तेल निकालने की इकाई20 (हर घराट में एक)—
छानने की इकाई20—
पैकिंग (बोतल भरने और लेबल) मशीन20—
बीज और तेल की टंकियाँ40—
घराट की पानी व्यवस्था की मरम्मत20—
गुणवत्ता जाँच किट20—
कुल मशीन ख़रीद—₹12,00,000

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Gharat-Based Cold Press Oil Units in Uttarakhand

  • सरसों, तिल, अलसी और मूँगफली के बीजस्थानीय किसानों से; प्रोफ़ाइल लगातार सप्लाई के लिए किसान उत्पादक समूहों का सुझाव देती है
  • बोतलें या टिन और लेबल

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Gharat-Based Cold Press Oil Units in Uttarakhand

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. FSSAI लाइसेंस
  2. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  3. GST पंजीकरण
  4. पैक किए तेल के लिए विधिक माप-विज्ञान (Legal Metrology) पंजीकरण
  5. घराट की मरम्मत और पानी के उपयोग के लिए ग्राम पंचायत या जल/सिंचाई विभाग की अनुमति

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

प्रोफ़ाइल PMFME और UREDA (उत्तराखंड अक्षय ऊर्जा विकास अभिकरण) कार्यक्रमों का नाम लेती है; एक इकाई के लिए PMEGP और MUDRA ठीक हैं; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: सर्वे और जुटाव ₹3 लाख + ढाँचा ₹6 लाख + मशीनें (कोल्ड प्रेस, छानना, पैकिंग) ₹12 लाख + शुरुआती बीज भंडार ₹5 लाख + प्रशिक्षण ₹3 लाख + पहले साल का वेतन ₹7 लाख + ढुलाई ₹4 लाख + मार्केटिंग और ब्रांडिंग ₹5 लाख + प्रशासन और क़ानूनी ₹2 लाख + आकस्मिक ख़र्च ₹3 लाख = ₹50 लाख। मशीनों की तालिका में हर चीज़ 20 नग गिनी गई है (20 प्रेस, 20 फ़िल्टर, 20 पैकिंग मशीन, 40 टंकियाँ)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): बजट में शुरुआती बीज भंडार ₹5 लाख। प्रोफ़ाइल में पैसा: घराट मालिक ज़मीन और मेहनत देते हैं, साथ में PMFME, UREDA कार्यक्रम, बैंक या माइक्रोफ़ाइनेंस कर्ज़ और CSR फ़ंड।

प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम पता करें। प्रोफ़ाइल 20 इकाइयों के कार्यक्रम के बजट को एक इकाई की आय के आँकड़ों से मिलाती है; अपनी एक इकाई का बजट ख़ुद बनाएँ।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

1514रेपसीड, कोल्ज़ा या सरसों का तेल और उसके अंश1515.50तिल का तेल और उसके अंश

निर्यात परिषद / बोर्ड: IOPEPC (Indian Oilseeds and Produce Export Promotion Council)

  • खाद्य तेल के निर्यात पर कभी-कभी रोक रही है — योजना से पहले DGFT की मौजूदा निर्यात नीति देखें।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • सूखे महीनों में पानी कम होना
  • ठीक से न छानने और रखने पर तेल का बासी होना
  • बीज की सप्लाई और दामों में उतार-चढ़ाव
  • बाढ़ से नाले किनारे की चक्कियों को नुक़सान

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: घराट (पनचक्की) से कोल्ड-प्रेस तेल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. Uttarakhand DUY project profile — Gharat-Based Cold Press Oil Units in Uttarakhand

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।