§1यह बिज़नेस क्या है
सोडा-लाइम सिलिका काँच (या लेड ग्लास) टैंक भट्ठी में पिघलाकर बेलन पर लच्छे के रूप में खींचा जाता है, काटा जाता है, पकाई भट्ठी में जोड़ा जाता है और ज़री पट्टी और हिल (सोने या चाँदी की पॉलिश) से सजाया जाता है। चूड़ियाँ डिब्बों में थोक व्यापारियों को शादी, त्योहार और रोज़ पहनने के लिए बिकती हैं।
क्षमता: रोज़ 350 डिब्बे चूड़ियाँ; पहले साल 50%; 10 घंटे की पाली।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
फ़िरोज़ाबाद जैसे चूड़ी क्लस्टर का परिवार या कारीगर, जो यह शिल्प जानता हो।
किसके लिए नहीं
जिसे भट्ठी का अनुभव नहीं या जिसका चूड़ी के थोक व्यापारियों से संपर्क नहीं।
फ़ायदे
- भारी माँग, ख़ासकर शादियों और त्योहारों में
- नाज़ुक होने से दोबारा ख़रीद ज़्यादा (रिपोर्ट)
- मशीनों की लागत बहुत कम (₹1.20 लाख)
- फ़िरोज़ाबाद जैसे क्लस्टरों में पारंपरिक हुनर मौजूद
नुकसान
- गर्म भट्ठी का काम और जलने का ख़तरा
- प्लास्टिक और धातु की चूड़ियों से मुक़ाबला
- ढुलाई और रख-रखाव में टूट-फूट
- इस धंधे में कम मज़दूरी और बाल श्रम की चिंता
कौन-से हुनर चाहिए
- काँच पिघलाना और खींचना
- चूड़ी जोड़ना और सजाना
- नाप और डिब्बे में पैकिंग
- थोक व्यापारियों को बेचना
कठिनाई 3/5 क्यों: हुनर वाला, गर्म काम; निवेश कम।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- चूड़ी के थोक और खुदरा व्यापारी
- कम और मध्यम आय वाले परिवारों की महिलाएँ (रिपोर्ट)
- शादी और त्योहार के ख़रीदार
कैसे बिकता है
- चूड़ियों के थोक बाज़ार
- मेले और त्योहार के बाज़ार
- सौंदर्य-प्रसाधन और चूड़ी की खुदरा दुकानें
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार त्योहारों और शादियों में माँग बढ़ती है और प्लास्टिक के मुक़ाबले के बावजूद काँच की चूड़ी का पारंपरिक और शुभ महत्व बना हुआ है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| टैंक भट्ठी | 1 | ₹1,17,000 |
| पकाई भट्ठी | 1 | ₹1,000 |
| बेलन / स्पिंडल | 1 | ₹2,000 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Glass Bangles DPR (prepared by Udyami/Samadhan)
- सोडा-लाइम सिलिका काँचसोडा ऐश 33%, सिलिका रेत 66%, रसायन 1%, लगभग 1,450°C पर पिघलाया
- लेड ग्लास (मुलायम काँच)लगभग 24% सीसा
- ज़रीडिज़ाइन के लिए चमकीली पट्टी
- हिलसोने-चाँदी की पॉलिश
स्रोत: PMEGP sample project report — Glass Bangles DPR (prepared by Udyami/Samadhan)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (भट्ठी)
- प्राकृतिक गैस या ईंधन कनेक्शन की मंज़ूरी
- फ़ैक्टरी लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMEGP लागू; कर्ज़ के लिए MUDRA और CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: Samadhan रिपोर्ट: निर्माण कार्य ₹6.00 लाख, मशीनें ₹1.20 लाख, फ़र्नीचर ₹1.25 लाख, कार्यशील पूँजी ₹3.25 लाख = ₹11.70 लाख। ज़मीन अपनी या किराए की।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹3.25 लाख (बैंक ₹2.93 लाख); 10 दिन का स्टॉक और 15 दिन की उधारी।
रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: EPCH (Export Promotion Council for Handicrafts)
- HS कोड WCO HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- ईंधन (गैस) के दाम बढ़ना
- टूट-फूट
- मौसमी माँग
- फ़िरोज़ाबाद की इकाइयों के लिए ताज ट्रेपेज़ियम ज़ोन के प्रदूषण नियम
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: काँच की चूड़ियाँ बनाना की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
काँच की चूड़ियाँ बनाना शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
