§1यह बिज़नेस क्या है

गोबर घरों और चरवाहों से इकट्ठा करके खाद-यार्ड में लाया जाता है और फ़सल अवशेष के साथ परतों में बिछाया जाता है; सूक्ष्मजीव कल्चर डाला जाता है, ढेर नम रखे जाते हैं और हर 10–15 दिन में पलटे जाते हैं। 45–60 दिन बाद खाद छानकर जूट या HDPE के बोरों में भरी जाती है। ख़रीदार मंडुआ, झंगोरा, गेहूँ, सब्ज़ी और मसाले उगाने वाले किसान, सेब, आड़ू और आलूबुख़ारे के बाग़, फूल उत्पादक, नर्सरी और शहरी छत-बाग़ वाले हैं।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

बकरी या खच्चर पालन वाले इलाक़े का ग्रामीण युवा, स्वयं सहायता समूह या FPO जिसका किसानों और नर्सरियों से संपर्क हो।

किसके लिए नहीं

जो ऊँचे मार्जिन या जल्दी कमाई की उम्मीद रखता है।

फ़ायदे

  • पहाड़ी गाँवों में कच्चा माल सस्ता और भरपूर (एक गधा रोज़ 2–3 किलो, एक बकरी 0.5–1 किलो गोबर देती है)
  • जैविक खेती और बाग़ों को अच्छी खाद चाहिए
  • साधारण औज़ारों के साथ ₹12 लाख से छोटी शुरुआत
  • चरवाहों को कचरे से आय मिलती है

नुकसान

  • प्रति बोरा दाम कम — मार्जिन पतला
  • बिखरे घरों से इकट्ठा करने में समय और ढुलाई लगती है
  • हर खेप में खाद बनने में 45–60 दिन लगते हैं
  • जैविक खाद के रूप में बेचने के लिए गुणवत्ता उर्वरक नियमों पर खरी उतरनी चाहिए

कौन-से हुनर चाहिए

  • खाद प्रबंधन (नमी, पलटना, सूक्ष्मजीव कल्चर)
  • गोबर इकट्ठा करने की व्यवस्था
  • गुणवत्ता जाँच और ग्रेडिंग
  • किसानों, FPO और नर्सरियों को बिक्री

कठिनाई 2/5 क्यों: आसान प्रक्रिया और कम पूँजी; मुख्य मुद्दे पतला मार्जिन और उर्वरक नियमों का पालन हैं।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • अनाज, सब्ज़ी और मसाले उगाने वाले किसान
  • सेब, आड़ू और आलूबुख़ारे के बाग़
  • फूल उत्पादक
  • नर्सरी और शहरी छत-बाग़ वाले

कैसे बिकता है

  • किसानों और FPO को सीधी बिक्री
  • नर्सरी और खुदरा दुकानें
  • खुली या बोरों में सप्लाई

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल नीम मिली जैव-खाद, वर्मीकम्पोस्ट मिश्रण और गोलियों जैसे मूल्यवर्धित रूप सुझाती है।
  • प्रोफ़ाइल कहती है कि गधे और बकरी की खाद सूखी और पहाड़ी मिट्टी के लिए ठीक है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
खाद छानने की छलनियाँ3—
फावड़े और कुदाल10—
तौल मशीन2—
सुरक्षा सामान (दस्ताने, मास्क)कई—
पैकिंग (सील और बोरा भरने) मशीन1—
इकट्ठा करने और पहुँचाने के लिए छोटी पिकअप वैन1₹3,00,000

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Organic Manure Production from Donkey and Goat Dung in Uttarakhand

  • गधे और बकरी का गोबरघरों और चरवाहों से; एक गधा रोज़ 2–3 किलो, एक बकरी 0.5–1 किलो देती है
  • फ़सल अवशेष
  • सूक्ष्मजीव कल्चर
  • जूट के बोरे या HDPE बोरियाँ

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Organic Manure Production from Donkey and Goat Dung in Uttarakhand

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उर्वरक नियंत्रण आदेश — जैविक खाद बेचने के लिए राज्य की अनुमति/पंजीकरण, और उत्पाद FCO मानकों पर खरा
  2. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  3. GST पंजीकरण (ब्रांड वाली पैक खाद बेचने पर)
  4. खाद-यार्ड के लिए ग्राम पंचायत या स्थानीय निकाय की अनुमति

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

प्रोफ़ाइल MUDRA (PMMY) कर्ज़ और PKVY/NMSA सहायता का नाम लेती है; ₹12 लाख की इकाई पर PMEGP भी लागू; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: ज़मीन तैयारी और खाद-यार्ड ₹2.00 लाख + भंडार शेड और दफ़्तर ₹1.50 लाख + औज़ार और उपकरण ₹1.00 लाख + छोटी पिकअप वैन ₹3.00 लाख + कच्चा माल इकट्ठा करना ₹0.50 लाख + प्रशिक्षण ₹0.50 लाख + छह महीने का वेतन ₹3.00 लाख + मार्केटिंग और पैकिंग ₹1.00 लाख + आकस्मिक ख़र्च ₹0.50 लाख = ₹12.00 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): छह महीने का वेतन ₹3.00 लाख और कच्चा माल इकट्ठा करने के ₹0.50 लाख परियोजना लागत में हैं। प्रोफ़ाइल MUDRA कर्ज़ और PKVY/NMSA सहायता का नाम लेती है।

प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है — वाहन और उपकरण के आज के दाम पता करें।

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§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

3101.00पशु या वनस्पति उर्वरक, मिले हों या नहीं, रासायनिक उपचार हुआ हो या नहीं

निर्यात परिषद / बोर्ड: DGFT (IEC)

  • ख़रीदार देश आम तौर पर खाद के लिए पादप-स्वच्छता या पशु-चिकित्सा प्रमाणपत्र माँगते हैं — निर्यात की योजना से पहले पता करें।
  • पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • ठीक से न बनी खाद में खरपतवार या रोगाणु
  • बरसात में यार्ड में पानी भरना
  • सस्ती दूसरी खादों से कम दाम
  • उर्वरक नियंत्रण आदेश की शर्तें पूरी न होना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: बकरी और गधे के गोबर से जैविक खाद की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उर्वरक नियंत्रण आदेश — जैविक खाद बेचने के लिए राज्य की अनुमति/पंजीकरण, और उत्पाद FCO मानकों पर खरा, उद्यम (Udyam) पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

बकरी और गधे के गोबर से जैविक खाद शुरू करना है?

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स्रोत

  1. Uttarakhand DUY project profile — Organic Manure Production from Donkey and Goat Dung in Uttarakhand

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।