§1यह बिज़नेस क्या है

गेंदा, गुड़हल, गुलाब और पलाश जैसे फूल, नीम और नील के पत्ते, हल्दी और मजीठ की जड़ें और फलों के छिलके सुखाए जाते हैं, बारीक पीसे जाते हैं, छाने जाते हैं और सही रंगत के लिए मिलाकर पैक किए जाते हैं। तरल रंग पानी या एथेनॉल से अर्क निकालकर बनते हैं। प्रोफ़ाइल के अनुसार ख़रीदार त्योहार (होली), सौंदर्य उत्पाद, खाद्य, कपड़ा और हस्तशिल्प क्षेत्र में हैं।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

रसायन, वनस्पति विज्ञान या आयुर्वेद की पृष्ठभूमि वाला व्यक्ति, जो रंगत नियंत्रित कर सके और त्योहार के थोक व्यापारियों व सौंदर्य या खाद्य कंपनियों को बेच सके।

किसके लिए नहीं

जो सिर्फ़ होली पर बेचना चाहता है — प्रोफ़ाइल के आँकड़ों के लिए सौंदर्य, खाद्य और कपड़ा क्षेत्र में भी बिक्री चाहिए।

फ़ायदे

  • होली और दूसरे त्योहारों में माँग का बड़ा, तय मौसम
  • कच्चा माल (फूल, पत्ते, छिलके) सस्ता और स्थानीय
  • एक ही पौधे से सौंदर्य उत्पाद, खाद्य रंग और कपड़ा रँगाई — कई बाज़ार
  • मशीनें कम — ग्राइंडर, ड्रायर, मिक्सर, पैकिंग मशीन

नुकसान

  • सिंथेटिक रंग बहुत सस्ते हैं, इसलिए दाम पर दबाव
  • होली की बिक्री साल में एक छोटे समय में
  • रंगत और टिकाऊपन एक जैसा रखना कठिन
  • खाद्य-ग्रेड और निर्यात बिक्री के लिए अलग जाँच और प्रमाणपत्र

कौन-से हुनर चाहिए

  • पौधों की सामग्री सुखाना और पीसना
  • रंगत मिलाना और ब्लेंड करना
  • गुणवत्ता जाँच और लेबलिंग
  • थोक व्यापारियों और ब्रांडों को बिक्री

कठिनाई 2/5 क्यों: प्रक्रिया और मशीनें सरल, पर बिक्री मौसमी है और गुणवत्ता स्थिर रखनी पड़ती है।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • त्योहारी रंगों के थोक और खुदरा व्यापारी
  • सौंदर्य और व्यक्तिगत देखभाल उत्पाद बनाने वाले
  • खाद्य और पेय निर्माता (खाने योग्य ग्रेड)
  • जैविक कपड़ा और हस्तशिल्प इकाइयाँ

कैसे बिकता है

  • होली और दूसरे त्योहारों से पहले थोक बिक्री
  • ब्रांडों को सीधी आपूर्ति
  • खुदरा और ई-कॉमर्स

जानने लायक

  • प्रोफ़ाइल प्रमाणित प्राकृतिक रंगों के निर्यात बाज़ार के रूप में यूरोप, अमेरिका और जापान का नाम लेती है।
  • प्रोफ़ाइल में बताई चुनौतियाँ: सिंथेटिक रंगों से दाम की होड़ और रंगत व टिकाऊपन एक जैसा रखना।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
हर्बल ग्राइंडर और पल्वराइज़र1₹2.50 lakh
ट्रे ड्रायर / सोलर ड्रायर1₹2.00 lakh
अर्क टैंक (तरल रंग के लिए, वैकल्पिक)1₹1.50 lakh
फ़िल्टर प्रेस1₹1.00 lakh
पाउडर मिक्सिंग और ब्लेंडिंग मशीन1₹0.80 lakh
सेमी-ऑटोमैटिक पैकिंग मशीन1₹0.80 lakh
सटीक तौल मशीन2₹0.20 lakh
भंडारण डिब्बे, ट्रे, छलनी, ट्रॉली—₹0.20 lakh
काम की मेज़ और छँटाई स्टेशन—₹0.20 lakh

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Herbal Colour Manufacturing Unit

  • फूल (गेंदा, गुड़हल, गुलाब, पलाश/टेसू)रंग का मुख्य स्रोत
  • पत्ते (नीम, नील) और जड़ें (हल्दी, मजीठ)हरे, नीले, पीले और लाल रंग के लिए
  • छाल, बीज और फलों के छिलके (अर्जुन छाल, इमली बीज, अनार, आँवला)अतिरिक्त रंगत
  • पानी या खाद्य-सुरक्षित घोलक, प्राकृतिक स्टेबलाइज़र, काग़ज़ की थैलियाँ, पाउच, काँच के जारप्रोसेसिंग और पैकिंग

स्रोत: Uttarakhand DUY project profile — Herbal Colour Manufacturing Unit

कच्चे माल के डेटाबेस में

प्राकृतिक रंग →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. प्रदूषण सहमति (प्रोफ़ाइल में ग्रीन श्रेणी)
  4. खाने योग्य रंगों के लिए FSSAI लाइसेंस
  5. आकार क़ानूनी सीमा से बड़ा हो तो फ़ैक्टरी लाइसेंस
  6. ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
  7. निर्यात के लिए जैविक/NPOP प्रमाणन (वैकल्पिक)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹25.50 लाख की इस विनिर्माण इकाई पर PMEGP लागू; MUDRA से ₹20 लाख तक कर्ज़; CGTMSE से बिना गारंटी कवर।

§7पैसा

निवेश का आधार: DUY प्रोफ़ाइल में कुल लागत ₹25.50 लाख: ज़मीन का पट्टा/किराया ₹2.00 लाख, भवन मरम्मत ₹3.00 लाख, मशीनरी ₹8.00 लाख, शुरुआती कच्चा माल ₹5.00 लाख, ब्रांडिंग और पैकिंग ₹2.00 लाख, लाइसेंस ₹0.50 लाख, 6 महीने की कार्यशील पूँजी ₹5.00 लाख। वित्त: अपना हिस्सा ₹10.20 लाख (40%), बैंक कर्ज़ ₹15.30 लाख (60%)। मशीनों की सूची का जोड़ ₹9.20 लाख है।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): 6 महीने के लिए ₹5.00 लाख, साथ में ₹5.00 लाख का शुरुआती कच्चा माल।

DUY प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है — मशीन और सामग्री के आज के दाम ज़रूर जाँचें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

3203वनस्पति या पशु मूल के रंग पदार्थ और उन पर आधारित तैयारियाँ

निर्यात परिषद / बोर्ड: CHEMEXCIL (Basic Chemicals, Cosmetics and Dyes Export Promotion Council)

  • निर्यात से पहले IEC लें; खाने योग्य रंगों पर ख़रीदार देश के खाद्य नियम भी लागू होते हैं।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • 'हर्बल' नाम से बिकते सस्ते सिंथेटिक रंग
  • त्योहार के बाद बचा माल
  • नमी और फफूँद से पाउडर ख़राब होना
  • फूलों की असमान आपूर्ति

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: हर्बल रंग (गुलाल) निर्माण की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. Uttarakhand DUY project profile — Herbal Colour Manufacturing Unit

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।