§1यह बिज़नेस क्या है
कच्चे तिल को हिलने वाली छलनी और डी-स्टोनर से साफ़ किया जाता है, तय समय के लिए गरम कास्टिक सोडा (क्षार) के घोल में डुबोया जाता है, धोया जाता है और बहते पानी में ब्रश से रगड़कर छिलका उतारा जाता है, फिर क्रॉस-फ़्लो या फ़्लूइड-बेड ड्रायर में सुखाया जाता है। छिलका बीज के वज़न का लगभग 17% होता है। छिलका उतरा तिल सफ़ेद और मुलायम होता है और मिठाई, कन्फ़ेक्शनरी और बेकरी में जाता है; प्रोफ़ाइल कहती है कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा तिल निर्यातक है।
क्षमता: साल में 300 टन कन्फ़ेक्शनरी ग्रेड तिल (एक पाली, 300 दिन), ₹120 प्रति kg पर — ₹3.60 करोड़।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
तिल उगाने वाले इलाक़े का व्यापारी या प्रोसेसर, जिसे अच्छा बीज और निर्यात ख़रीदार मिल सकें।
किसके लिए नहीं
जो साल में ₹2.70 करोड़ का तिल ख़रीदने का पैसा न जुटा सके या रसायन वाला धोवन पानी सुरक्षित न सँभाल सके।
फ़ायदे
- छिलका उतरे तिल का दाम कच्चे से साफ़ ज़्यादा (प्रोफ़ाइल में ₹120 बनाम ₹75 प्रति kg)
- मिठाई बनाने वालों, बेकरी और निर्यातकों से बड़ी माँग
- तिल साल में दो बार कटता है और पूरे साल मिलता है (प्रोफ़ाइल)
- छोटी टीम के साथ सरल प्रक्रिया
नुकसान
- मार्जिन कच्चा तिल सही दाम पर ख़रीदने पर टिका है
- कास्टिक सोडा वाले धोवन पानी को छोड़ने से पहले साफ़ करना ज़रूरी
- निर्यात के ख़रीदार अवशेष और कीटाणुओं की कड़ी जाँच करते हैं
- वज़न का लगभग 17% छिलके में चला जाता है
कौन-से हुनर चाहिए
- तिल की ग्रेडिंग और ख़रीद
- क्षार की ताक़त, समय और धुलाई पर नियंत्रण
- सही नमी तक सुखाना
- खाद्य सुरक्षा और निर्यात के काग़ज़
कठिनाई 3/5 क्यों: मशीनें सरल, पर कच्चे माल में बड़ा पैसा और खाद्य व निर्यात गुणवत्ता कड़ी।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- मिठाई और कन्फ़ेक्शनरी बनाने वाले (गजक, चिक्की, रेवड़ी, लड्डू)
- बेकरी और बिस्कुट बनाने वाले
- निर्यातक और विदेशी खाद्य कंपनियाँ
- अच्छा तेल चाहने वाली तेल मिलें (प्रोफ़ाइल: छिलका उतरे बीज से अच्छा तेल)
कैसे बिकता है
- खाद्य कारख़ानों को सीधी आपूर्ति
- तिल व्यापारी और निर्यातक
- खुदरा पैक में अपना ब्रांड
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल कहती है कि भारत का 40% से ज़्यादा तिल हर साल निर्यात होता है।
- छिलका उतरे तिल में लगभग 22% प्रोटीन और 60% तेल होता है (प्रोफ़ाइल)।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| तिल की प्री-क्लीनिंग इकाई | 1 | ₹5,00,000 |
| डी-स्टोनर | 1 | ₹3,00,000 |
| तार की जाली वाली टोकरी | 1 | ₹2,50,000 |
| मिक्सिंग टैंक | 1 | ₹6,00,000 |
| वाइब्रेटरी छलनी | 1 | ₹1,75,000 |
| पल्पर और मशीनी ड्रायर | 1 | ₹2,50,000 |
| अन्य औज़ार | एकमुश्त | ₹1,00,000 |
स्रोत: DC-MSME project profile — Confectionery Grade Sesame Seed (2021)
- कच्चा तिलसाल में 3,60,000 kg, ₹75 प्रति kg
- सोडा क्षार (कास्टिक सोडा)साल में 14,000 kg, ₹35 प्रति kg
- हाइड्रोक्लोरिक एसिडसाल में 4,000 kg, ₹13 प्रति kg
- PP बुने हुए बोरेसाल में 12,000, ₹8 हर एक
स्रोत: DC-MSME project profile — Confectionery Grade Sesame Seed (2021)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Agro Asian Industries · Ambala →Delite Industries · Ahmedabad →Duex Industrial Systems · Mumbai →Fresh and Crush · Chennai →Goldin (India) Engg. Co · Vadodara →Green Focus Solutions · Bengaluru →Jyothi Industries · Bengaluru →Kare Chemicals · Kochi →Packaging Solution · Ghaziabad →SIDVIN · Mysuru →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस
- उद्यम (Udyam)
- GST
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति (प्रोफ़ाइल NOC लेने को कहती है)
- निर्यात से पहले IEC और निर्यात परिषद पंजीकरण (RCMC)
- नियमित मंडी में तिल ख़रीदें तो मंडी लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- AIFCentralअस्पष्ट3% ब्याज छूट, ₹2 करोड़ तक
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
PMFME (सूक्ष्म खाद्य प्रसंस्करण के लिए क़र्ज़ से जुड़ी सब्सिडी), AIF (प्राथमिक प्रसंस्करण के लिए ब्याज छूट), CGTMSE और स्टैंड-अप इंडिया लागू। ₹79 लाख की लागत PMEGP की ₹50 लाख सीमा से ऊपर है।
§7पैसा
निवेश का आधार: स्थायी पूँजी ₹38.92 लाख (ज़मीन 100 वर्ग मीटर ₹2 लाख; शेड, दफ़्तर और स्टोर 150 वर्ग मीटर ₹12 लाख; मशीनें ₹21.75 लाख; बिजली फ़िटिंग ₹2.17 लाख; दफ़्तर का फ़र्नीचर ₹50,000; शुरुआती ख़र्च ₹50,000) + कार्यशील पूँजी ₹40.48 लाख = ₹79.40 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): सबसे बड़ा ख़र्च कच्चा तिल है: साल में 3,60,000 kg, ₹75 प्रति kg = ₹2.70 करोड़। ₹40.48 लाख की कार्यशील पूँजी में 2 हफ़्ते का कच्चा माल, 1 हफ़्ते का बनता माल, 2 हफ़्ते का तैयार माल और ख़रीदारों को 2 हफ़्ते का उधार आता है।
फ़रवरी 2021 में बनी — आज के तिल और मशीनों के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: IOPEPC
- निर्यात से पहले इंडियन ऑयलसीड्स एंड प्रोड्यूस एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल में पंजीकरण करें और IEC लें।
- ख़रीदार कीटनाशक अवशेष और साल्मोनेला की जाँच करते हैं; हर खेप की लैब रिपोर्ट रखें।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- मौसम दर मौसम तिल के दाम में उतार-चढ़ाव
- अवशेष या साल्मोनेला के कारण निर्यात खेप लौटना
- कास्टिक धुलाई का गंदा पानी
- ख़रीदारों को उधार से पैसा फँसना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: छिलका उतरे (कन्फ़ेक्शनरी ग्रेड) तिल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
छिलका उतरे (कन्फ़ेक्शनरी ग्रेड) तिल शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
