§1यह बिज़नेस क्या है
धातु के साँचे में मोम भरकर पुर्ज़े का नमूना बनाया जाता है; कई नमूने जोड़कर एक पेड़ बनता है, जिसे सिरेमिक घोल में डुबोकर सुखाया जाता है और खोल (शेल) बनता है। मोम पिघलाकर निकाला जाता है, खोल पकाया जाता है, और इंडक्शन भट्ठी में पिघली धातु उसमें डाली जाती है। ठंडा होने पर खोल तोड़ा जाता है, गेट काटे जाते हैं और पुर्ज़ों की फ़िनिशिंग, हीट ट्रीटमेंट और जाँच होती है। पुर्ज़े लगभग अंतिम नाप में निकलते हैं, इसलिए मशीनिंग कम लगती है। ख़रीदार हैं वाल्व, पंप, ऑटो, रक्षा, रसायन, दवा, डेयरी और बिजली उपकरण बनाने वाले।
क्षमता: Stand-Up Mitra: साल में 600 MT कास्टिंग, पहले साल 40% से पाँचवें साल 80% उपयोग। DC-MSME: साल में 810 MT, मूल्य ₹5.90 करोड़।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
फ़ाउंड्री अनुभव वाला मैकेनिकल या धातु-विज्ञान स्नातक, बेहतर हो कि राजकोट, कोल्हापुर या कोयंबटूर जैसे क्लस्टर में।
किसके लिए नहीं
फ़ाउंड्री हुनर या बड़ी पूँजी के बिना पहली बार का उद्यमी।
फ़ायदे
- सटीक पुर्ज़े, कम मशीनिंग — ख़रीदार ज़्यादा दाम देते हैं
- स्टेनलेस, टूल स्टील और ख़ास मिश्रधातुओं के लिए उपयुक्त जिन्हें मशीन करना कठिन है
- Stand-Up Mitra के अनुसार उद्योग पिछले दशक में हर साल लगभग 10–12% बढ़ा
- वाल्व, पंप और ऑटो निर्माताओं से निर्यात की माँग
नुकसान
- बड़ी परियोजना — दोनों प्रोफ़ाइलों में लगभग ₹2 करोड़
- प्रशिक्षित धातु-विज्ञानी चाहिए; Stand-Up Mitra प्रोफ़ाइल मैकेनिकल या धातु-विज्ञान स्नातक को बेहतर मानती है
- हर पुर्ज़े के लिए अलग मोम का साँचा चाहिए
- इंडक्शन भट्ठी से बिजली का भारी बिल
कौन-से हुनर चाहिए
- मोम का साँचा और नमूना बनाना
- सिरेमिक खोल बनाना और पकाना
- इंडक्शन से पिघलाना और मिश्रधातु का रसायन
- जाँच और हीट ट्रीटमेंट
कठिनाई 5/5 क्यों: बड़ी पूँजी, कुशल धातु-विज्ञान और ख़रीदारों की सख़्त गुणवत्ता माँग।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- औद्योगिक वाल्व और पंप बनाने वाले
- ऑटोमोबाइल पुर्ज़े बनाने वाले
- रक्षा और एयरोस्पेस सप्लायर
- रसायन, दवा और डेयरी उपकरण बनाने वाले
- बिजली उत्पादन उपकरण बनाने वाले
कैसे बिकता है
- ख़रीदार की ड्रॉइंग पर सीधी सप्लाई
- अमेरिका, यूरोप और एशिया के ख़रीदारों को निर्यात
जानने लायक
- Stand-Up Mitra: भारत में लगभग 65% इन्वेस्टमेंट कास्टिंग वाल्व, पंप, इम्पेलर और मशीन पुर्ज़ों में, 28% ऑटो पुर्ज़ों में और 7% एयरोस्पेस और रक्षा में जाती है।
- प्रोफ़ाइल भारत में लगभग 200 इन्वेस्टमेंट कास्टिंग फ़ाउंड्री गिनती है, ज़्यादातर राजकोट, कोल्हापुर और कोयंबटूर में, और उद्योग की आय ₹3,000 करोड़ से ऊपर बताती है।
- बिक्री दाम ₹150 प्रति किलो से सुपर-मिश्रधातु और बारीक कास्टिंग के लिए ₹1,500 प्रति किलो तक।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| मीडियम-फ़्रीक्वेंसी इंडक्शन भट्ठी, 1,000 किलो | 1 | ₹45,00,000 |
| कूलिंग टावर, पानी नरम करने का प्लांट और हीट एक्सचेंजर | 1 | ₹8,00,000 |
| मोम पिघलाने/रखने की भट्ठी और वैक्स इंजेक्टर वाली मोल्डिंग मशीन | 1 | ₹1,50,000 |
| रिफ़्रैक्टरी स्प्रेयर वाली मोम-पेड़ मेज़ | 2 | ₹70,000 |
| गर्म करने की व्यवस्था वाले करछुल | 2 | ₹70,000 |
| EOT क्रेन | 1 | ₹3,50,000 |
| शॉट ब्लास्टिंग मशीन | 1 | ₹80,000 |
| लेथ मशीनें | 2 | ₹2,00,000 |
| मोल्ड बॉक्स और औज़ार | 1 lot | ₹2,50,000 |
| प्रदूषण नियंत्रण: धूल अवक्षेपक, धुआँ निकालने वाला, एग्ज़ॉस्ट पंखे, हुड | 1 lot | ₹3,00,000 |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Investment Castings (Lost Wax Casting Process) (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें · DC-MSME project profile — Investment Casting (2002)
- स्टेनलेस, कार्बन, टूल या मिश्रधातु स्टील (सिल्लियाँ या छँटा कबाड़)Stand-Up Mitra: कार्बन स्टील ₹45 प्रति किलो से ऊँचे ग्रेड की मिश्रधातु ₹250–400 प्रति किलो; DC-MSME: महीने में 81 MT कबाड़, ₹40,000 प्रति टन
- अलग-अलग ग्रेड का नमूना-मोमStand-Up Mitra: ₹60 से ₹400 प्रति किलो; DC-MSME: महीने में 10 MT, ₹20,000 प्रति टन
- रिफ़्रैक्टरी और सिरेमिक खोल की सामग्रीStand-Up Mitra: ₹10 से ₹250 प्रति किलो
- फ़ेरो-मिश्रधातुएँDC-MSME: महीने में ₹1,50,000
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Investment Castings (Lost Wax Casting Process) (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें · DC-MSME project profile — Investment Casting (2002)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Process and Product Development Centre (PPDC), Agra · Agra →MATERIAL TESTING LABORATORY LLP · New Delhi →SHREEJI MATERIALS TESTING LABORATORY LLP · Bhavnagar →METALAB ANALYTICAL PRIVATE LIMITED · Ahmedabad →HTH LABORATORIES PRIVATE LIMITED · Panipat →ATMY ANALYTICAL LABS PVT. LTD. · Faridabad →KANHA TESTING LABS PVT. LTD. · Gurgaon →ALPHA TEST HOUSE PRIVATE LIMITED · Bahadurgarh →STERLING TEST AND RESEARCH CENTRE LLP · Faridabad →ETL TEST HOUSE PRIVATE LIMITED · Jammu →SUN TECH · Ranchi →ADITYAPUR AUTO CLUSTER · Jamshedpur →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से स्थापना और संचालन की सहमति (भट्ठी का धुआँ और ठोस कचरा)
- कारख़ाना अधिनियम के तहत फ़ैक्टरी लाइसेंस और फ़ैक्टरी नक़्शे की मंज़ूरी
- फ़ायर NOC
- निर्यात करें तो DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
परियोजना विनिर्माण के लिए PMEGP की सीमा से ऊपर है; CGTMSE बिना गिरवी कर्ज़ देता है, और SC/ST या महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India उपयुक्त है (Stand-Up Mitra प्रोफ़ाइल उसी के लिए बनी)।
§7पैसा
निवेश का आधार: Stand-Up Mitra प्रोफ़ाइल (2018): ज़मीन ₹20.00 लाख, इमारत ₹35.00 लाख, प्लांट और मशीनें ₹69.75 लाख, फ़िक्सचर और बिजली फ़िटिंग ₹10.90 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹3.50 लाख, कार्यशील पूँजी का मार्जिन ₹52.13 लाख = ₹191.28 लाख। DC-MSME प्रोफ़ाइल (SISI मुंबई, दिसंबर 2002): स्थायी पूँजी ₹70.39 लाख (₹40 लाख की इंडक्शन भट्ठी सहित) + 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹122.60 लाख = ₹192.98 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): Stand-Up Mitra: कुल कार्यशील पूँजी ₹114.32 लाख, जिसमें मार्जिन ₹52.13 लाख और बैंक ₹62.19 लाख। DC-MSME: 3 महीने की ₹122.60 लाख, ज़्यादातर हर महीने 81 MT स्टेनलेस/मिश्रधातु स्टील कबाड़, ₹40,000 प्रति टन।
Stand-Up Mitra प्रोफ़ाइल 2018 की; DC-MSME प्रोफ़ाइल के दाम 2002 के हैं — मशीन और धातु के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: EEPC India
- वाल्व, पंप या वाहन के लिए बने पुर्ज़े उस उत्पाद के अपने शीर्ष में आ सकते हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- Stand-Up Mitra प्रोफ़ाइल निर्यात के लिए ज़रूरी मंज़ूरियों में IEC कोड गिनाती है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- मिश्रधातु और कबाड़ के दाम में उतार-चढ़ाव
- खोल में दरार और कास्टिंग दोष से माल रिजेक्ट होना
- बिजली की लागत और आपूर्ति
- कुछ बड़े वाल्व या ऑटो ख़रीदारों पर निर्भरता
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: इन्वेस्टमेंट कास्टिंग (लॉस्ट वैक्स विधि) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
इन्वेस्टमेंट कास्टिंग (लॉस्ट वैक्स विधि) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
- SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Investment Castings (Lost Wax Casting Process) (2018)
- DC-MSME project profile — Investment Casting (2002)
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
