§1यह बिज़नेस क्या है
आप किसी तकनीकी साझेदार के साथ वेबसाइट और मोबाइल ऐप बनाते हैं, रेस्टोरेंट और घर पर खाना बनाने वालों को जोड़ते हैं, और ग्राहक मेन्यू, दाम और समीक्षाएँ देखकर ऑनलाइन भुगतान करते हैं और खाना घर, दफ़्तर या हॉस्टल पर पाते हैं। आप ख़ुद खाना नहीं बनाते। कमाई ऑर्डर पर 10% कमीशन, डिलीवरी शुल्क, ऑनलाइन और ऑफ़लाइन विज्ञापन और पैसे वाली साझेदारियों से होती है। SIDBI की प्रोफ़ाइल में खाने के डिब्बे लगे चार दोपहिया वाहन रखे गए हैं।
क्षमता: जुड़े रेस्टोरेंटों से हर महीने ₹15,00,000 के ऑर्डर और महीने में 3,500 डिलीवरी की योजना।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
छोटे शहर या कॉलेज इलाक़े का स्थानीय उद्यमी जो रेस्टोरेंटों को जानता हो और उन्हें व ग्राहकों को जोड़ सके।
किसके लिए नहीं
जो महानगर में राष्ट्रीय फ़ूड-डिलीवरी ऐप से सीधी टक्कर लेना चाहता है।
फ़ायदे
- कम निवेश — न रसोई, न ज़मीन
- कई तरह की कमाई: कमीशन, डिलीवरी शुल्क और विज्ञापन
- रेस्टोरेंट और घर पर खाना बनाने वालों को ऐसे ग्राहक मिलते हैं जिन तक वे ख़ुद नहीं पहुँच पाते
- उन क़स्बों और कॉलेज इलाक़ों के लिए ठीक जहाँ बड़े ऐप कम पहुँचते हैं
नुकसान
- बड़े शहरों में राष्ट्रीय ऐप पहले से छाए हुए हैं
- ऑर्डर बढ़ाने के लिए लगातार भारी प्रचार चाहिए
- खाना आप नहीं बनाते, फिर भी देर से या ठंडा पहुँचने पर नाम आपका ख़राब होता है
- ज़्यादातर पैसा तीन महीने के वेतन और किराए में फँसा रहता है
कौन-से हुनर चाहिए
- रेस्टोरेंट साझेदार जोड़ना और बनाए रखना
- डिजिटल मार्केटिंग और ऐप का प्रचार
- डिलीवरी टीम और रास्तों का इंतज़ाम
- ऑनलाइन भुगतान और ग्राहकों की शिकायतें सँभालना
कठिनाई 3/5 क्यों: शुरू करना सस्ता है, पर बड़े ऐप के सामने पर्याप्त ऑर्डर जीतना कठिन है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- कामकाजी परिवार जिनके पास खाना बनाने का समय कम है
- दफ़्तर के कर्मचारी
- हॉस्टल में रहने वाले छात्र
- ज़्यादा ग्राहक चाहने वाले रेस्टोरेंट और घर पर खाना बनाने वाले
कैसे बिकता है
- अपना ऐप और वेबसाइट
- सोशल मीडिया और ऑनलाइन विज्ञापन
- रेस्टोरेंटों से पैसे वाली साझेदारी
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल में ₹1,500 महीने पर 20 रेस्टोरेंट साझेदारियाँ और ₹1,000 महीने पर 100 ऑनलाइन विज्ञापन गिने गए हैं।
- प्रोफ़ाइल में डिलीवरी शुल्क ₹10 प्रति ऑर्डर है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| पोर्टल और मोबाइल ऐप (तकनीकी साझेदार बनाता है) | 1 | ₹1,25,000 |
| Windows और MS Office के साथ कंप्यूटर | 2 | ₹27,000 each |
| खाने के डिब्बे के साथ डिलीवरी वाहन | 4 | ₹40,000 each |
| नेटवर्क लगाना | 1 | ₹5,000 |
| दफ़्तर का फ़र्नीचर | 1 सेट | ₹50,000 |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Online Catering Home Delivery Services (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- इंटरनेट, पोर्टल रख-रखाव (AMC), पेमेंट गेटवे और ऐप-स्टोर शुल्कप्रोफ़ाइल में ₹12,000 महीना
- डिलीवरी वाहनों का ईंधनबिजली और ईंधन ₹8,000 महीने का हिस्सा
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Online Catering Home Delivery Services (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण (ई-कॉमर्स संचालकों के लिए ज़रूरी)
- दफ़्तर के लिए दुकान और प्रतिष्ठान पंजीकरण
- ई-कॉमर्स खाद्य कारोबार संचालक के लिए FSSAI लाइसेंस
- उपभोक्ता संरक्षण (ई-कॉमर्स) नियम, 2020 का पालन
- डिलीवरी वाहनों का व्यावसायिक पंजीकरण और बीमा
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
₹7.71 लाख की सेवा परियोजना पर PMEGP लागू होती है; MUDRA (किशोर/तरुण) पूरी लागत ढक लेता है; बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: पोर्टल और मोबाइल ऐप ₹1,25,000 + उपकरण, वाहन और दूसरी स्थायी संपत्ति ₹2,69,000 (2 कंप्यूटर ₹54,000, 4 वाहन ₹1,60,000, नेटवर्क ₹5,000, दफ़्तर का फ़र्नीचर ₹50,000) + 3 महीने की कार्यशील पूँजी मार्जिन ₹3,77,400 = ₹7,71,400। ज़मीन या इमारत नहीं; दफ़्तर किराए का।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): हर महीने का ख़र्च ₹1,25,800 (वेतन ₹90,000, किराया ₹15,000, बिजली-पानी ₹9,300, पोर्टल और ऐप शुल्क ₹12,000, अन्य ₹4,500); 3 महीने का मार्जिन = ₹3,77,400। पैसा: मालिक 25% (₹1,92,850), बैंक 75% (₹5,78,550)।
SIDBI स्टैंड-अप मित्र की प्रोफ़ाइल, 2018 में डाली गई (उस पर साल नहीं छपा) — आज दाम ज़्यादा होंगे; मौजूदा लागत पता करें।
§8निर्यात की संभावना
यह स्थानीय सेवा का कारोबार है; इसमें निर्यात का सामान नहीं है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- तय वेतन निकालने लायक ऑर्डर न मिलना
- बड़े ऐप का छूट के साथ आपके शहर में आना
- विवाद के बाद रेस्टोरेंट साझेदारों का छोड़ जाना
- डिलीवरी कर्मचारियों की दुर्घटना और वाहन ख़राब होना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: स्थानीय ऑनलाइन खाना ऑर्डर और डिलीवरी पोर्टल की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण (ई-कॉमर्स संचालकों के लिए ज़रूरी)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
स्थानीय ऑनलाइन खाना ऑर्डर और डिलीवरी पोर्टल शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
