§1यह बिज़नेस क्या है
लट्ठों की छाल उतारकर उन्हें पतली परत (विनियर) में छीला जाता है और तीलियाँ काटी जाती हैं; तीलियों को रसायनों में डुबोकर सुखाया जाता है, छपे गत्ते की डिब्बियों में भरा जाता है और रगड़ने वाली पट्टी पर लेप लगाया जाता है। रिपोर्ट में रोज़ 6,000 बॉक्स (1 बॉक्स = 10 पैकेट) की योजना है। माचिस थोक व्यापारियों और किराना दुकानों के ज़रिए बड़ी मात्रा में बिकती है, इसलिए मज़बूत वितरण ज़रूरी है।
क्षमता: रोज़ 6,000 बॉक्स, पूरी क्षमता पर साल में 18,00,000 बॉक्स (1 बॉक्स = 10 पैकेट); पहले साल 50%।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
जिसके पास अपने इलाक़े में थोक या रोज़मर्रा के सामान (FMCG) का वितरण नेटवर्क हो।
किसके लिए नहीं
जो आग से सुरक्षा न सँभाल सके या बहुत से छोटे डीलरों से भुगतान न वसूल सके।
फ़ायदे
- हर रसोई में रोज़ काम आने वाला सामान
- रिपोर्ट के अनुसार भारत रोज़ चार करोड़ माचिस बनाता है
- कच्चा माल (लकड़ी, गत्ता, रसायन) आसानी से मिलता है
- सीधी मशीन लाइन, 5–6 महीने में शुरुआत
नुकसान
- एक बॉक्स का दाम बहुत कम; मुनाफ़ा मात्रा पर टिका है
- इस्तेमाल होने वाले रसायन ज्वलनशील हैं — आग का ख़तरा
- पुराने माचिस निर्माताओं से कड़ा मुक़ाबला
- इतनी मात्रा बेचने के लिए बड़ा डीलर नेटवर्क चाहिए
कौन-से हुनर चाहिए
- मशीन चलाना और रखरखाव
- रसायन सँभालना और आग से सुरक्षा
- लकड़ी और गत्ते की थोक ख़रीद
- डीलरों और थोक में बिक्री
कठिनाई 3/5 क्यों: प्रक्रिया आसान है, पर आग से सुरक्षा और बड़ी मात्रा में बिक्री कठिन है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- घर-परिवार
- किराना और जनरल स्टोर
- होटल, भोजनालय और धार्मिक स्थल
कैसे बिकता है
- थोक व्यापारी और वितरक
- खुदरा दुकानों को सीधी सप्लाई
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार दुनिया में इस्तेमाल होने वाली हर तीसरी माचिस भारतीय है।
- रिपोर्ट कहती है कि सफलता मज़बूत वितरण नेटवर्क और ब्रांडिंग पर टिकी है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| चेन आरी | 1 | — |
| लट्ठे की छाल उतारने की मशीन | 1 | — |
| विनियर छीलने की मशीन | 1 | — |
| विनियर काटने की मशीन | 1 | — |
| घूमने वाला ड्रम ड्रायर | 1 | — |
| टंकी, फ़ीड हॉपर और छेद वाली बेल्ट कन्वेयर | 1 सेट | — |
| खुली रसायन टंकियाँ | 1 सेट | — |
| लेप यूनिट सहित माचिस डिब्बी बनाने की मशीन | 1 | — |
| तीली भरने की मशीन | 1 | — |
| गिनने और पैक करने की मशीन | 1 | — |
स्रोत: PMEGP sample project report — Matchbox Project (prepared by Udyami/Samadhan)
- लकड़ीपूरी क्षमता पर साल में 2,00,000 किलो, ₹22 प्रति किलो
- गत्तासाल में 50,000 किलो, ₹45 प्रति किलो
- रसायन और खपत सामान (लाल फ़ॉस्फ़ोरस आदि)साल में ₹2.50 लाख (एकमुश्त)
- काग़ज़ और पैकिंग सामानसाल में ₹3.00 लाख (एकमुश्त)
स्रोत: PMEGP sample project report — Matchbox Project (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Saftey Match Industries Cluster · Gudiyatham →Saftey Match Industries Cluster · Kalugumalai →Saftey Match Industries Cluster · Kovilpatti →Saftey Match Industries Cluster · Sattur →Saftey Match Industries Cluster · Srivilliputhur →Saftey Match Industries Cluster · Virudhunagar →Safety Matches, O. Mettupatti, Sattur Virudhunagar · Sattur Virudhunagar →
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- विस्फोटक नियमों के तहत माचिस निर्माण लाइसेंस (PESO)
- फ़ायर NOC
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
- अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
PMEGP (यह रिपोर्ट PMEGP का नमूना है), बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE, और SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया।
§7पैसा
निवेश का आधार: रिपोर्ट: मशीनरी ₹16.28 लाख, फ़र्नीचर ₹1.00 लाख, कार्यशील पूँजी ₹7.33 लाख = ₹24.61 लाख। ज़मीन और 1,500 वर्ग फ़ुट शेड अपना या किराए का (लागत में नहीं)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹7.33 लाख, जिसमें बैंक वित्त ₹6.60 लाख; 14 दिन का कच्चा माल और 10 दिन का तैयार माल।
रिपोर्ट पर वर्ष छपा नहीं है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर जाँचें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
- 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- कारख़ाने या गोदाम में आग
- लकड़ी के दाम और उपलब्धता
- बड़े ब्रांडों से दामों की होड़
- देर से भुगतान करने वाले डीलर
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: माचिस बनाने की यूनिट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (विस्फोटक नियमों के तहत माचिस निर्माण लाइसेंस (PESO), फ़ायर NOC), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
माचिस बनाने की यूनिट शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
