§1यह बिज़नेस क्या है
औषधीय घी (घृत) एक आयुर्वेदिक दवा है, जो शास्त्रीय नुस्ख़े के अनुसार घी को पिसी जड़ी-बूटियों और द्रवों के साथ पकाकर बनती है। रिपोर्ट वचादि घृत पर केंद्रित है (गाय का घी, वचा, गुडूची, शंखपुष्पी, हरीतकी और अन्य जड़ी-बूटियाँ)। यह राज्य के आयुर्वेद दवा लाइसेंस के तहत बनता है और वैद्यों, आयुर्वेदिक फ़ार्मेसियों और दुकानों से बिकता है।
क्षमता: रिपोर्ट में एक जगह स्थापित क्षमता साल में 35,000 एक-किलो बोतलें और दूसरी जगह 3,500 बोतलें छपी है — आँकड़े मेल नहीं खाते।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
आयुर्वेद में डिग्री या डिप्लोमा (BAMS आदि) वाला व्यक्ति, जिसे आयुर्वेदिक फ़ार्मेसी में काम का अनुभव हो।
किसके लिए नहीं
आयुर्वेद प्रशिक्षण के बिना व्यक्ति — लाइसेंस के लिए योग्य तकनीकी कर्मचारी चाहिए।
फ़ायदे
- स्थिर माँग वाला शास्त्रीय आयुर्वेदिक उत्पाद
- मशीनरी की लागत कम (₹4.00 लाख)
- घी और जड़ी-बूटियाँ पूरे भारत में मिलती हैं
- आगे चलकर बड़ी आयुर्वेदिक श्रृंखला बना सकते हैं
नुकसान
- राज्य का आयुर्वेद दवा लाइसेंस और GMP ज़रूरी
- रिपोर्ट के आँकड़े मोटे हैं और कुछ आपस में मेल नहीं खाते
- प्रवर्तक के पास आयुर्वेद की योग्यता होनी चाहिए
- गाय का घी महँगा है और दाम बदलते हैं
कौन-से हुनर चाहिए
- शास्त्रीय आयुर्वेदिक नुस्ख़े
- जड़ी-बूटियों की पहचान और गुणवत्ता जाँच
- GMP का रिकॉर्ड रखना
- वैद्यों और फ़ार्मेसियों को बिक्री
कठिनाई 3/5 क्यों: निवेश कम है, पर लाइसेंस और योग्य कर्मचारियों की ज़रूरत इसे कठिन बनाती है।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- वैद्य और आयुर्वेदिक क्लिनिक
- आयुर्वेदिक फ़ार्मेसी और दवा दुकानें
- सेहत के प्रति जागरूक परिवार
कैसे बिकता है
- आयुर्वेदिक ब्रांडों को OEM सप्लाई
- अपना खुदरा नेटवर्क
जानने लायक
- रिपोर्ट बिक्री को प्रवर्तक के पुराने अनुभव से बने OEM और खुदरा नेटवर्क पर आधारित मानती है।
- रिपोर्ट भारतीय हर्बल उत्पाद बाज़ार की तेज़ बढ़त पर ASSOCHAM का हवाला देती है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| मोटे तले की कड़ाही | 2 | ₹1.20 lakh |
| आयतन से भरने वाली मशीन | 2 | ₹0.80 lakh |
| बोतल धोने की मशीन | 1 | ₹0.30 lakh |
| बोतल सुखाने की मशीन | 1 | ₹0.20 lakh |
| छलनी | 2 | ₹0.50 lakh |
| अन्य उपकरण | — | ₹0.30 lakh |
| गुणवत्ता जाँच उपकरण | — | ₹0.70 lakh |
स्रोत: PMEGP sample project report — Medicated Ghee (prepared by Udyami/Samadhan)
- गाय का घी / गाय का दूधरिपोर्ट में 35 टन गाय का दूध ₹40,000 प्रति टन
- जड़ी-बूटियाँ: वचा, गुडूची, शंखपुष्पी, हरीतकी, शटी, विडंग, शुंठी, अपामार्गवचादि घृत का नुस्ख़ा; एक दवा में 8 से 10 सक्रिय घटक
- काँच की बोतलें, लेबल और डिब्बेरिपोर्ट में पैकिंग ₹50,000
स्रोत: PMEGP sample project report — Medicated Ghee (prepared by Udyami/Samadhan)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- राज्य औषधि नियंत्रक / आयुर्वेद निदेशक से आयुर्वेदिक दवा निर्माण लाइसेंस
- शेड्यूल T के अनुसार GMP
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMEGP (यह रिपोर्ट PMEGP का नमूना है), MUDRA (लागत ₹20 लाख से कम) और CGTMSE।
§7पैसा
निवेश का आधार: रिपोर्ट: मशीनरी ₹4.00 लाख, फ़र्नीचर ₹0.20 लाख, आकस्मिक ख़र्च ₹0.40 लाख, शुरुआती ख़र्च ₹0.20 लाख, कार्यशील पूँजी ₹6.10 लाख = ₹10.90 लाख। भवन किराए का।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹6.10 लाख; गाय का दूध 35 टन, ₹40,000 प्रति टन (₹14.00 लाख) और पैकिंग ₹0.50 लाख।
रिपोर्ट पर वर्ष छपा नहीं है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर जाँचें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: Pharmexcil
- 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- लाइसेंस या GMP में चूक
- मिलावटी या घटिया जड़ी-बूटियाँ
- घी के दाम बढ़ना
- जाने-पहचाने ब्रांड के बिना धीमी बिक्री
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: औषधीय घी (आयुर्वेदिक घृत) यूनिट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (राज्य औषधि नियंत्रक / आयुर्वेद निदेशक से आयुर्वेदिक दवा निर्माण लाइसेंस, शेड्यूल T के अनुसार GMP), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
औषधीय घी (आयुर्वेदिक घृत) यूनिट शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
