§1यह बिज़नेस क्या है
गोलियाँ दवा का सबसे आम रूप हैं। यूनिट दवा और सहायक पाउडर तौलती है, उन्हें मिलाकर दाने (ग्रेन्यूल) बनाती है, सुखाती है, कम्प्रेशन मशीन पर गोलियाँ दबाती है, ज़रूरत हो तो कोटिंग करती है और PVC-एल्यूमिनियम ब्लिस्टर या स्ट्रिप में पैक करती है। हर बैच की गुणवत्ता जाँच होती है। ख़रीदार हैं दवा मार्केटिंग कंपनियाँ (ठेके पर या थर्ड-पार्टी निर्माण), वितरक और अस्पताल।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
फ़ार्मेसी स्नातक या दवा उत्पादन का अनुभव रखने वाला, जिसके मार्केटिंग कंपनियों से संपर्क हों।
किसके लिए नहीं
दवा उद्योग की जानकारी के बिना व्यक्ति — नियामक तकनीकी कर्मचारी और पूरा रिकॉर्ड चाहते हैं।
फ़ायदे
- गोलियाँ दवा का सबसे ज़्यादा इस्तेमाल होने वाला रूप
- मार्केटिंग कंपनियों के लिए थर्ड-पार्टी निर्माण से लगातार ऑर्डर
- मशीन लाइन जानी-पहचानी और देश में बनी
- रिपोर्ट में अच्छा DSCR (3.00)
नुकसान
- दवा लाइसेंस और GMP (शेड्यूल M) के कड़े नियम
- योग्य फ़ार्मासिस्ट या रसायनज्ञ कर्मचारी ज़रूरी
- गुणवत्ता में चूक पर माल वापसी और लाइसेंस पर कार्रवाई
- बड़ी पुरानी यूनिटें दाम पर मुक़ाबला करती हैं
कौन-से हुनर चाहिए
- गोली का फ़ॉर्मूला और प्रक्रिया नियंत्रण
- गुणवत्ता जाँच
- GMP दस्तावेज़ (BMR, MFR)
- दवा नियामकों और ख़रीदारों से व्यवहार
कठिनाई 4/5 क्यों: मशीनें सामान्य हैं, पर दवा लाइसेंस, GMP और गुणवत्ता जाँच कठिन हैं।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- दवा मार्केटिंग कंपनियाँ (थर्ड-पार्टी निर्माण)
- वितरक और स्टॉकिस्ट
- अस्पताल और सरकारी सप्लाई टेंडर
कैसे बिकता है
- लोन-लाइसेंस और ठेके पर निर्माण
- वितरकों के ज़रिए अपना ब्रांड
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार लगभग दो-तिहाई पर्चों की दवाएँ ठोस रूप में होती हैं, जिनमें आधी दबाई गई गोलियाँ हैं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| वाइब्रो सिफ़्टर (छलनी) | 1 | ₹75,000 |
| रैपिड मिक्सर ग्रेन्यूलेटर | 1 | ₹3,38,000 |
| गोली दबाने की मशीन | 1 | ₹3,50,000 |
| cGMP फ़्लूइड बेड ड्रायर | 1 | ₹2,50,000 |
| कोन ब्लेंडर | 1 | ₹1,35,000 |
| कोटिंग पैन | 1 | ₹1,27,000 |
| पैकिंग मशीन | 1 | ₹2,29,500 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Medicinal tablets (prepared by Udyami/Samadhan)
- सक्रिय दवा घटक (API) और सहायक पदार्थइस्तेमाल से पहले गुणवत्ता जाँच से पास
- PVC और एल्यूमिनियम फ़ॉइलब्लिस्टर और स्ट्रिप पैकिंग के लिए
- कार्टनबाहरी पैकिंग
स्रोत: PMEGP sample project report — Medicinal tablets (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Indo German Tool Room, Indore · Indore →CHOKSI LABORATORIES LIMITED · Verna →PARISHIL LABORATORIES PRIVATE LIMITED · Ahmedabad →AURIGA RESEARCH PRIVATE LIMITED · Solan →AGRO TECH AROMATICS PVT. LTD. · Bari Brahmana →BANGALORE ANALYTICAL RESEARCH CENTER PRIVATE LIMITED · Bengaluru →WATERLAB ANALYTICAL LABORATORY AND RESEARCH CENTRE LLP · Ramanattukara →UTKAL PHARMACEUTICAL MANUFACTURERS ASSOCIATION, LABORATORY DIVISION · Bhubaneswar →SYNTHIYA RESEARCH LABS PRIVATE LIMITED · Villianur →SOPHISTICATED ANALYTICAL INSTRUMENTS LABORATORIES SOCIETY · Patiala →CSIR-INDIAN INSTITUTE OF CHEMICAL TECHNOLOGY · Hyderabad →UNIGLOBE ANALYTICA PRIVATE LIMITED · Noida →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- राज्य औषधि नियंत्रक (FDA) से दवा निर्माण लाइसेंस
- GMP पालन (शेड्यूल M)
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- फ़ायर NOC
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से NOC
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
PMEGP (यह रिपोर्ट PMEGP का नमूना है), बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE, और SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया।
§7पैसा
निवेश का आधार: रिपोर्ट: मशीनरी ₹15.05 लाख, फ़र्नीचर ₹0.75 लाख, अन्य संपत्ति ₹1.00 लाख, कार्यशील पूँजी ₹5.67 लाख = ₹22.47 लाख (मशीनों के दाम में GST और ढुलाई शामिल)। जगह किराए की।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹5.67 लाख, जिसमें कार्यशील पूँजी कर्ज़ ₹5.10 लाख।
रिपोर्ट पर वर्ष छपा नहीं है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर जाँचें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: Pharmexcil
- 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
- दवा निर्यात के लिए ज़्यादातर ख़रीदार देशों में उत्पाद पंजीकरण चाहिए।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- सैंपल फ़ेल होने पर लाइसेंस निलंबन
- दवा कच्चे माल (API) और सहायक पदार्थों के दाम में उतार-चढ़ाव
- मार्केटिंग कंपनियों से देर से भुगतान
- नए GMP नियम पूरे करने का ख़र्च
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: दवा की गोलियाँ बनाने की यूनिट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (राज्य औषधि नियंत्रक (FDA) से दवा निर्माण लाइसेंस, GMP पालन (शेड्यूल M)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
दवा की गोलियाँ बनाने की यूनिट शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
