§1यह बिज़नेस क्या है
गेंदे के फूल पीसे जाते हैं, केतली में गरम किए जाते हैं और चावल के आटे के साथ प्रसंस्करण करके प्राकृतिक रंग बनाया जाता है, फिर पैक किया जाता है। प्राकृतिक रंग खाने, पेय, दवाओं और कॉस्मेटिक में कृत्रिम रंगों की जगह इस्तेमाल होते हैं, और ख़रीदार कृत्रिम रंगों से बचने लगे हैं इसलिए माँग बढ़ रही है।
क्षमता: 10 घंटे की पाली में रोज़ 240 kg; रिपोर्ट पहले साल 40% क्षमता मानती है।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
खाद्य या रसायन की पढ़ाई वाला व्यक्ति, जो गेंदा उगाने वाले इलाक़ों के पास हो।
किसके लिए नहीं
जिसके पास लैब जाँच या औद्योगिक ख़रीदारों से संपर्क न हो।
फ़ायदे
- कृत्रिम रंगों की जगह प्राकृतिक रंगों की बढ़ती माँग
- गेंदा भारत में खूब उगता है
- खाद्य, दवा और कॉस्मेटिक में ख़रीदार
- मशीनें लगभग ₹14 लाख की
नुकसान
- रंग की तेज़ी फूलों की गुणवत्ता से बदलती है
- ख़रीदार एक जैसा रंग और जाँच रिपोर्ट माँगते हैं
- फूल मौसमी हैं
- निर्माताओं को तकनीकी बिक्री
कौन-से हुनर चाहिए
- निकालने और सुखाने पर नियंत्रण
- रंग की छाया और तेज़ी की जाँच
- खाद्य योजक (एडिटिव) नियमों का पालन
- कंपनियों को बिक्री (B2B)
कठिनाई 3/5 क्यों: प्रक्रिया सरल है, पर ख़रीदार एक जैसी गुणवत्ता और जाँच रिपोर्ट माँगते हैं।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- खाद्य और पेय निर्माता
- दवा कंपनियाँ
- कॉस्मेटिक निर्माता
कैसे बिकता है
- कंपनियों को सीधी आपूर्ति (B2B)
- खाद्य सामग्री के व्यापारी
जानने लायक
- रिपोर्ट 2019 में भारत के प्राकृतिक खाद्य रंग बाज़ार को USD 74.09 मिलियन बताती है, जो 2027 तक 3.90% सालाना बढ़ेगा।
- सेहत की चिंता से ख़रीदार कृत्रिम रंगों से दूर हो रहे हैं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| पल्वराइज़र (पीसने की मशीन) | 1 | ₹2,00,000 |
| गरम करने का बर्तन | 1 | ₹1,50,000 |
| बॉयलर | 1 | ₹3,00,000 |
| पैकिंग मशीन | 1 | ₹3,80,000 |
| गरम करने की केतली | 1 | ₹3,50,000 |
| वेट ग्राइंडर | 1 | ₹50,000 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Natural Colour (prepared by Udyami/Samadhan)
- गेंदे के फूलमुख्य कच्चा माल
- चावल का आटाप्रसंस्करण में
स्रोत: PMEGP sample project report — Natural Colour (prepared by Udyami/Samadhan)
कच्चे माल के डेटाबेस में
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस (खाद्य रंग)
- उद्यम (Udyam)
- GST
- राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
- बॉयलर अधिनियम के दायरे में आने पर बॉयलर पंजीकरण
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
PMEGP (यह PMEGP की नमूना रिपोर्ट है), MUDRA (बैंक वित्त ₹18.02 लाख) और CGTMSE लागू।
§7पैसा
निवेश का आधार: PMEGP नमूना रिपोर्ट: कुल ₹20.02 लाख = प्लांट और मशीनरी ₹14.30 लाख + फ़र्नीचर ₹1.00 लाख + कार्यशील पूँजी ₹4.72 लाख। ज़मीन अपनी या किराए की।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹4.72 लाख (बैंक ₹4.25 लाख): 10 दिन का कच्चा माल और तैयार माल।
रिपोर्ट पर वर्ष छपा नहीं है — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: CHEMEXCIL
- खाद्य-ग्रेड रंगों को ख़रीदार देश की खाद्य-योजक मंज़ूरी भी चाहिए।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- हर बैच में रंग अलग होना
- फूलों की आपूर्ति में कमी
- खाद्य उपयोग के नियमों में चूक
- दाम में कृत्रिम रंगों से मुक़ाबला
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: प्राकृतिक रंग (गेंदा आधारित) यूनिट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस (खाद्य रंग), उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
प्राकृतिक रंग (गेंदा आधारित) यूनिट शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
