§1यह बिज़नेस क्या है
नॉन-वोवन पॉलीप्रोपिलीन कपड़े के रोल ऑटोमैटिक बैग मशीन में कटते हैं; हैंडल सीलिंग मशीन हैंडल लगाती है और प्रिंटिंग मशीन दुकान का नाम या लोगो छापती है। ज़्यादातर काम मशीनें करती हैं, इसलिए कम कारीगर लगते हैं। ख़रीदार हैं दुकानें, रिटेल चेन और प्रचार के लिए छपे थैले चाहने वाली कंपनियाँ।
क्षमता: 12×16 इंच, 52 GSM थैले: घंटे में 4,800 नग (72 किलो), दिन में 48,000 नग (720 किलो); पूरी क्षमता पर साल में 2,16,000 किलो थैले। पहले साल 55% = 1,18,800 किलो।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
पैकेजिंग या छपाई का व्यापारी जो पहले से दुकानों को माल बेचता है और मशीनों को लगातार काम दे सके।
किसके लिए नहीं
जिसके पास ऑर्डर न हों — ख़ाली मशीनें और पतला मार्जिन मतलब घाटा।
फ़ायदे
- ज़्यादातर काम मशीनें करती हैं; कम कारीगर चाहिए
- दुकानों और ब्रांडों को साल भर छपे थैले चाहिए
- थैले का आकार, रंग और छपाई मर्ज़ी से
- कपड़े के रोल आसानी से मिलते हैं
नुकसान
- बहुत पतला मार्जिन: पहले साल ₹158.48 लाख बिक्री में ₹142.56 लाख कच्चा माल
- मशीनें महँगी (₹18.34 लाख)
- प्लास्टिक थैले के नियम बदलते हैं और कुछ राज्य कैरी बैग पर रोक लगाते हैं
- प्रतियोगी बहुत; ख़रीदार ज़ोरदार मोलभाव करते हैं
कौन-से हुनर चाहिए
- मशीन सेट करना और कपड़े का GSM जाँचना
- स्क्रीन या फ़्लेक्सो छपाई
- सही दाम पर कपड़ा ख़रीदना
- दुकानों और कंपनियों को बेचना
कठिनाई 3/5 क्यों: चलाना आसान, पर महँगी मशीनें, पतला मार्जिन और बदलते प्लास्टिक नियम।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- दुकानें, सुपरमार्केट और रिटेल चेन
- कपड़े, उपहार और गहनों की दुकानें
- प्रचार के लिए छपे थैले चाहने वाली कंपनियाँ और आयोजन
कैसे बिकता है
- छपे लोगो के साथ सीधे ऑर्डर
- पैकेजिंग थोक व्यापारी
- सादे थैले व्यापारियों को, जो छपाई ख़ुद करवाते हैं
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार भारत का नॉन-वोवन बाज़ार 8–10% सालाना बढ़ रहा है और उत्पादन लगभग 1,90,000 टन है, जिसमें स्पन-बॉन्ड लगभग 83,000 टन।
- थैले सादे या छपे दोनों बिकते हैं; छपाई से दाम बढ़ता है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| नॉन-वोवन बैग मशीन (कपड़ा नाप से काटती है) | 1 | — |
| ऑटो हैंडल सीलिंग मशीन (हाइड्रोलिक) | 1 | — |
| प्रिंटिंग मशीन और प्रिंटिंग रोलर | 1 | — |
| रिपोर्ट में कुल प्लांट व मशीनरी | 1 set | ₹18.34 lakh |
स्रोत: PMEGP sample project report — Non Woven Bag (prepared by Udyami/Samadhan)
- नॉन-वोवन कपड़े के रोलस्याही और सिलाई के धागे सहित, पहले साल ₹120 प्रति किलो (₹142.56 लाख)
- छपाई की स्याहीथैलों पर नाम और लोगो के लिए
- हैंडल का सामान और सिलाई का धागानॉन-वोवन या पॉलिएस्टर के हैंडल
स्रोत: PMEGP sample project report — Non Woven Bag (prepared by Udyami/Samadhan)
कच्चे माल के डेटाबेस में
पॉलीप्रोपिलीन (PP) →पॉलिएस्टर स्टेपल फाइबर (PSF) →विस्कोस स्टेपल फाइबर (VSF) →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- नगर निकाय से ट्रेड या फ़ैक्टरी लाइसेंस
- प्लास्टिक कैरी बैग निर्माता के रूप में राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड में पंजीकरण (प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन नियम)
- ज़रूरत हो तो फ़ायर NOC; अपने ब्रांड का ट्रेडमार्क (वैकल्पिक)
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
PMEGP (रिपोर्ट में KVIC मार्जिन मनी दिखाई है), बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE, और SC/ST व महिला उद्यमियों के लिए स्टैंड-अप इंडिया (₹10 लाख–₹1 करोड़ कर्ज़)।
§7पैसा
निवेश का आधार: रिपोर्ट की परियोजना लागत: भवन व निर्माण ₹2.00 लाख + प्लांट व मशीनरी ₹18.34 लाख + फ़र्नीचर ₹1.00 लाख + कार्यशील पूँजी ₹3.33 लाख = ₹24.67 लाख। वित्त: टर्म लोन ₹19.21 लाख, कार्यशील पूँजी कर्ज़ ₹3.00 लाख, अपना ₹2.47 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): परियोजना लागत में कार्यशील पूँजी ₹3.33 लाख; अनुमानों में ₹5.00 लाख की कार्यशील पूँजी सीमा और 10 दिन का कच्चा व तैयार माल।
रिपोर्ट पर साल छपा नहीं है — मशीनों के आज के दाम पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: Synthetic & Rayon Textiles Export Promotion Council (SRTEPC)
- HS कोड WCO की HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- रिपोर्ट का 52 GSM थैला प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन (संशोधन) नियम, 2021 में नॉन-वोवन प्लास्टिक कैरी बैग की न्यूनतम 60 GSM सीमा से कम है — मशीन ख़रीदने से पहले नियम जाँचें
- राज्यों की प्लास्टिक कैरी बैग पर रोक
- कपड़े (पॉलीप्रोपिलीन) के दाम में उतार-चढ़ाव
- ख़रीदारों को उधार
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: नॉन-वोवन थैला निर्माण की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
नॉन-वोवन थैला निर्माण शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
