§1यह बिज़नेस क्या है
चश्मे के कच्चे काँच के ब्लैंक घिसकर और चमकाकर स्फ़ेरिकल, सिलिंड्रिकल और फ़्यूज़्ड बाइफ़ोकल लेंस बनाए जाते हैं, फिर फ़्रेम के नाप में किनारे काटे जाते हैं। ख़रीदार हैं ऑप्टिशियन और चश्मे की दुकानें। KVIC प्रोफ़ाइल में किराए के शेड में तीन घिसाई और एजिंग मशीनें हैं।
क्षमता: साल में 18,000 लेंस, ₹53 प्रति लेंस (₹9.54 लाख); प्रोफ़ाइल के इकाई कॉलम में 'क्विंटल' लिखा है, पर दर प्रति लेंस है।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
ऑप्टिकल तकनीशियन जो पहले से किसी ऑप्टिशियन के साथ काम करता हो।
किसके लिए नहीं
जिसे लेंस घिसाई का प्रशिक्षण नहीं।
फ़ायदे
- बहुत छोटा निवेश
- प्रोफ़ाइल में आकार के हिसाब से अच्छी बचत
- चश्मों की लगातार ज़रूरत
- छोटे किराए के शेड से चलता है
नुकसान
- ज़्यादातर ऑप्टिशियन अब फ़ैक्ट्री में बने प्लास्टिक लेंस लेते हैं
- सही पावर पाने के लिए बारीक हुनर चाहिए
- छोटा स्थानीय बाज़ार
- काँच के ब्लैंक कुछ ही सप्लायरों से मिलते हैं
कौन-से हुनर चाहिए
- लेंस घिसाई और पॉलिश
- नुस्ख़ा पढ़ना और पावर जाँचना
- फ़्रेम के आकार में किनारे काटना
- ऑप्टिशियनों से व्यवहार
कठिनाई 3/5 क्यों: शुरू करना सस्ता, पर प्रशिक्षित हाथ और काँच के लेंस ख़रीदने वाला बाज़ार चाहिए।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- ऑप्टिशियन और चश्मे की दुकानें
- आँखों के क्लिनिक
कैसे बिकता है
- ऑप्टिशियनों को सीधी सप्लाई
- ऑप्टिकल थोक व्यापारी
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल में स्फ़ेरिकल, सिलिंड्रिकल, फ़्यूज़्ड बाइफ़ोकल लेंस और धूप के चश्मे शामिल हैं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| मोटर के साथ दो-स्पिंडल अर्ध-स्वचालित सिलिंड्रिकल लेंस घिसाई-पॉलिश मशीन | 1 | — |
| मोटर के साथ एक-स्पिंडल स्फ़ेरिकल लेंस घिसाई-पॉलिश मशीन | 1 | — |
| हरे सिलिकॉन कार्बाइड पहिये और मोटर के साथ हाथ की एजिंग मशीन | 1 | — |
| जाँच उपकरण | 1 set | — |
| सभी उपकरण मिलाकर (KVIC कुल) | 1 lot | ₹1,00,000 |
स्रोत: KVIC Project Profile — Ophthalmic Lens Grinding (PMEGP)
- चश्मे के कच्चे काँच के ब्लैंकप्रोफ़ाइल में कच्चा माल साल में ₹6.00 लाख
- लेबल और पैकिंग सामानसाल में ₹25,000
स्रोत: KVIC Project Profile — Ophthalmic Lens Grinding (PMEGP)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST पंजीकरण
- स्थानीय निकाय से ट्रेड लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CM YUVAUPचालू₹5 लाख तक, बिना ब्याज
PMEGP (प्रोफ़ाइल उसी के लिए), MUDRA शिशु या किशोर, और यूपी में CM-YUVA क्योंकि परियोजना ₹5 लाख से कम है।
§7पैसा
निवेश का आधार: KVIC प्रोफ़ाइल: उपकरण ₹1.00 लाख (दो-स्पिंडल अर्ध-स्वचालित सिलिंड्रिकल लेंस घिसाई-पॉलिश मशीन, एक-स्पिंडल स्फ़ेरिकल लेंस मशीन, हाथ की एजिंग मशीन, जाँच उपकरण) + कार्यशील पूँजी ₹1.60 लाख = ₹2.60 लाख। वर्कशेड किराए का।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹1.60 लाख; कच्चा माल साल में ₹6.00 लाख।
KVIC प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम पता करें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: FIEO (Federation of Indian Export Organisations)
- HS शीर्षक ITC(HS) 2022 सूची से है; 8 अंकों वाली सही लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना होगा।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- प्लास्टिक और कोटेड लेंसों की ओर झुकाव
- ग़लत पावर से माल वापस
- छोटे कस्बे में कम ख़रीदार
- काँच टूटना
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: चश्मे के लेंस की घिसाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
चश्मे के लेंस की घिसाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
