§1यह बिज़नेस क्या है

छपे हुए PE-कोटेड काग़ज़ और तले की रील से ऑटोमैटिक मशीन पेपर कप बनाती है। ख़रीदार हैं थोक वितरक, चाय-कॉफ़ी स्टॉल, दफ़्तर, कैटरर और इवेंट वाले। पेपर प्लेट/कटोरी भी इसी तरह के काम हैं, पर यहाँ लागत कप की दी गई है।

क्षमता: यूपी: 3,000 कप प्रति घंटा, ~90 लाख कप प्रति साल। ni-msme: 73,000 कप प्रति दिन, 2.2 करोड़ प्रति साल।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

जो वितरक-थोक विक्रेता नेटवर्क बना सके, एक-दो मशीन से शुरू करे और छपाई के ऑर्डर ले सके।

किसके लिए नहीं

जो सिर्फ़ मशीन लगाकर माल अपने-आप बिकने की उम्मीद रखता हो।

फ़ायदे

  • सिंगल-यूज़ प्लास्टिक पर रोक से माँग बढ़ी
  • मशीन ऑटोमैटिक — कम मज़दूर
  • कस्टम छपे कप (ब्रांड लोगो) पर अच्छा रेट
  • कच्चा माल देश में आसानी से मिलता है

नुकसान

  • बहुत सारे नए खिलाड़ी — दाम की लड़ाई
  • काग़ज़ की रील के दाम बढ़ें तो मार्जिन दबता है
  • सस्ता चीनी या दूसरे राज्य का माल मुक़ाबला करता है
  • मशीन ख़राब तो उत्पादन बंद

कौन-से हुनर चाहिए

  • मशीन चलाना और डाई सेटिंग
  • काग़ज़ का GSM/क्वालिटी पहचानना
  • थोक मार्केटिंग
  • प्रति 1000 कप लागत निकालना

कठिनाई 2/5 क्यों: मशीन चलाना आसान, असली काम बेचना और दाम की लड़ाई झेलना।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • चाय की दुकानें, रेस्टोरेंट और फ़ास्ट-फ़ूड दुकानें
  • आईटी कंपनियों, स्कूलों, कॉलेजों और फ़ैक्टरियों की कैंटीन
  • कैटरर, शादियाँ, समारोह और त्योहार
  • होटल, बैठकें और रेलवे
  • घर

कैसे बिकता है

  • काग़ज़ उत्पादों के विक्रेता और थोक व्यापारी
  • सुपरमार्केट
  • कैंटीन, कैटरर और चाय की दुकानों को सीधी आपूर्ति
  • दुकान के लोगो वाले छपे हुए कप

जानने लायक

  • दोनों रिपोर्टों के अनुसार प्लास्टिक कप की जगह काग़ज़ के कप आने से माँग बनी रहेगी।
  • आम तौर पर कप 50 ml से 250 ml के होते हैं; यूपी रिपोर्ट में बिक्री दर ₹45 प्रति 100 कप है।
  • उत्पादन में बचा रद्दी काग़ज़ रीसाइक्लिंग करने वालों को बेचा जा सकता है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
पूरी तरह ऑटोमैटिक पेपर कप मशीन (50–60 कप प्रति मिनट, 50–340 ml कप, 3.5 kW)1—
पेपर कप बनाने की मशीन1₹8.50 lakh
डाई (कप के साइज़ के लिए)3₹1.50 lakh (₹50,000 each)

स्रोत: UP MSME 1-Connect (Govt of UP, RAMP) – Project Report: Paper Cup Manufacturing Unit (2024) · ni-msme Hyderabad project profiles compiled on Bihar Udyami portal (Project_profiles.pdf)

  • छपा हुआ PE-कोटेड काग़ज़ (कप की दीवार)ni-msme प्रोफ़ाइल में ₹92 प्रति किलो; खाद्य-योग्य, एक तरफ़ कोटिंग
  • तले के लिए काग़ज़ का रोलni-msme प्रोफ़ाइल में ₹78 प्रति किलो; यूपी रिपोर्ट में ₹70 प्रति किलो
  • कटे हुए काग़ज़ के ब्लैंकयूपी रिपोर्ट: 1.785 किलो ब्लैंक (₹150) और 500 ग्राम तले का रोल से 100 ml के 1,000 कप बनते हैं
  • पैकिंग सामग्रीni-msme प्रोफ़ाइल में ₹25,000 प्रति माह

स्रोत: ni-msme Hyderabad project profiles compiled on Bihar Udyami portal (Project_profiles.pdf) · UP MSME 1-Connect (Govt of UP, RAMP) – Project Report: Paper Cup Manufacturing Unit (2024)

कच्चे माल के डेटाबेस में

डुप्लेक्स और कोटेड पेपरबोर्ड →

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam)
  2. GST
  3. UPPCB सहमति (ग्रीन/व्हाइट श्रेणी जाँच लें)
  4. खाद्य-संपर्क ग्रेड काग़ज़ का आपूर्तिकर्ता प्रमाणपत्र

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

~₹21–24 लाख निर्माण: PMEGP और CGTMSE सीधे लागू; MUDRA ₹20 लाख तक; SC/ST/महिला के लिए Stand-Up India।

§7पैसा

निवेश का आधार: न्यूनतम = यूपी रिपोर्ट की कुल परियोजना लागत ₹21.03 लाख। अधिकतम = ni-msme पेपर कप प्रोफ़ाइल का कुल पूँजी निवेश ₹23.86 लाख (स्थायी ₹10.70 लाख + 3 महीने की कार्यशील पूँजी ₹13.16 लाख)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): काग़ज़ की रील का स्टॉक सबसे बड़ा ख़र्च — ni-msme प्रोफ़ाइल में कच्चा माल ₹3.75 लाख प्रति माह।

यूपी 2024; ni-msme प्रोफ़ाइल का वर्ष छपा नहीं है।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

4823.69काग़ज़ या पेपरबोर्ड की ट्रे, डिश, प्लेट, कप और ऐसी ही चीज़ें (बाँस वाली को छोड़कर)

निर्यात परिषद / बोर्ड: CAPEXIL

  • CAPEXIL में काग़ज़, पेपरबोर्ड और काग़ज़ उत्पादों का अलग पैनल है।
  • 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • कच्चे काग़ज़ का दाम
  • दाम का मुक़ाबला
  • मशीन बंद रहना
  • PE-कोटेड कप पर नीति बदलना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: पेपर कप निर्माण यूनिट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

पेपर कप निर्माण यूनिट शुरू करना है?

DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

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स्रोत

  1. UP MSME 1-Connect (Govt of UP, RAMP) – Project Report: Paper Cup Manufacturing Unit (2024)
  2. ni-msme Hyderabad project profiles compiled on Bihar Udyami portal (Project_profiles.pdf)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।