§1यह बिज़नेस क्या है

साँचे CAD सॉफ़्टवेयर पर सही गेट, दीवार की मोटाई, ढलान और बनावट के साथ डिज़ाइन होते हैं, फिर स्टील या एल्युमिनियम के ब्लॉक को खराद, मिलिंग, घिसाई, स्पार्क कटाई, पॉलिश और ताप-उपचार से तैयार किया जाता है। तैयार साँचे देने से पहले इकाई की अपनी इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनों पर आज़माए जाते हैं। उपकरण के पुर्ज़े, डिब्बे, ऑटो पुर्ज़े और प्रोफ़ाइल बनाने वाली प्लास्टिक इकाइयाँ इन्हें ख़रीदती हैं।

क्षमता: एक्सट्रूज़न और इंजेक्शन मोल्डिंग के लिए साल में 100 टन साँचे और डाई; पहले साल 40% और पाँचवें साल 75% पर। बिक्री भाव ₹150–800 प्रति kg।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

ITI, डिप्लोमा या इंजीनियरिंग पढ़ा व्यक्ति, जिसे टूल रूम या प्लास्टिक मोल्डिंग का अनुभव हो।

किसके लिए नहीं

जिसके पास सटीक मशीनिंग का हुनर न हो।

फ़ायदे

  • कच्चा माल बिक्री का लगभग एक-तिहाई — ऊँचा मूल्य संवर्धन
  • हर उद्योग में प्लास्टिक का उपयोग बढ़ रहा है
  • दुनिया भर में साँचा बनाने का काम एशिया की ओर आ रहा है (रिपोर्ट)
  • अपनी मोल्डिंग मशीनों से ट्रायल और छोटा उत्पादन संभव

नुकसान

  • हर साँचे का डिज़ाइन और ट्रायल लंबा चलता है
  • कुशल टूल मेकर और CAD/CAM डिज़ाइनर चाहिए
  • कम टन के लिए मशीनों में भारी निवेश
  • भुगतान अक्सर साँचा पास होने के बाद ही आता है

कौन-से हुनर चाहिए

  • साँचा डिज़ाइन (गेट, ठंडक, ढलान)
  • CNC, EDM और पॉलिश
  • इंजेक्शन मशीनों पर साँचे का ट्रायल
  • साँचों की लागत और भाव

कठिनाई 5/5 क्यों: ऊँचे हुनर का सटीक काम और लगभग ₹2 करोड़ निवेश।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • इंजेक्शन मोल्डिंग और ब्लो मोल्डिंग इकाइयाँ
  • घरेलू उपकरण और इलेक्ट्रॉनिक्स बनाने वाले
  • ऑटो पुर्ज़े बनाने वाले
  • डिब्बे, ढक्कन और प्रोफ़ाइल बनाने वाले

कैसे बिकता है

  • प्लास्टिक इकाइयों से सीधे ऑर्डर
  • OEM में वेंडर पंजीकरण

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार ऊँचे दबाव वाले इंजेक्शन पुर्ज़ों को छोड़कर ज़्यादातर प्लास्टिक साँचे एल्युमिनियम मिश्रधातु के बनते हैं।
  • प्रशिक्षण केंद्र: इंडो जर्मन टूल रूम (अहमदाबाद, राजकोट, चेन्नई) और CTTC भुवनेश्वर।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
हैकसॉ मशीनें2₹1,60,000
CNC खराद1₹5,00,000
सटीक खराद2₹6,00,000
अटैचमेंट वाला सटीक CNC मशीनिंग सेंटर1₹12,00,000
भारी मिलिंग मशीन1₹6,50,000
वायर-कट EDM / स्पार्क कटाई मशीनें2₹18,00,000
भारी रेडियल ड्रिल1₹3,00,000
सटीक हाइड्रोलिक घिसाई मशीनें2₹10,00,000
लैपिंग/पॉलिश मशीनें2₹2,80,000
ताप-उपचार सुविधा1₹3,00,000
इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनें (साँचे के ट्रायल के लिए)2₹12,00,000
औज़ार और गेज1 लॉट₹3,00,000

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Tool Room for Plastic Die Making (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

  • कार्बन स्टील₹50–85 प्रति kg
  • एल्युमिनियम मिश्रधातु₹120–250 प्रति kg
  • टूल स्टील₹150–400 प्रति kg
  • बेरिलियम-कॉपर मिश्रधातु (जल्दी ठंडा होने वाले हिस्सों के लिए)₹2,500–3,500 प्रति kg

स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Tool Room for Plastic Die Making (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST
  3. ज़िला उद्योग केंद्र (DIC) में राज्य औद्योगिक पंजीकरण
  4. फ़ैक्टरी नक़्शा मंज़ूरी और फ़ायर NOC
  5. ताप-उपचार भट्ठी के लिए चिमनी या ब्लोअर (प्रदूषण नियम)
  6. निर्यात के लिए IEC कोड

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP के लिए बहुत बड़ी; CGTMSE बिना गिरवी बैंक लोन की गारंटी दे सकता है और Stand-Up India SC/ST व महिला उद्यमियों को पैसा देता है।

§7पैसा

निवेश का आधार: ज़मीन ₹30 लाख + भवन ₹60 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹89.35 लाख + फ़िक्सचर और बिजली फ़िटिंग ₹4 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹2.50 लाख + कार्यशील पूँजी का हिस्सा ₹9.11 लाख = ₹194.96 लाख। पैसा: प्रमोटर ₹55.57 लाख, बैंक लोन ₹139.39 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कुल ₹14.87 लाख (माल ₹2.08 लाख, वसूली ₹6.52 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹4.19 लाख, घटाकर लेनदार ₹2.08 लाख); अपना हिस्सा ₹9.11 लाख, बैंक ₹5.76 लाख।

Stand-Up Mitra प्रोफ़ाइल 2018 में अपलोड हुई; प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है। मशीनों और कच्चे माल के दाम अब ज़्यादा होंगे।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet

  • अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • ट्रायल फ़ेल होने पर साँचे में दोबारा काम
  • पास होने तक भुगतान अटकना
  • मुख्य टूल मेकर का चले जाना
  • टूल स्टील और बेरिलियम-कॉपर के दाम बढ़ना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: प्लास्टिक साँचे और डाई बनाने का टूल रूम की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

प्लास्टिक साँचे और डाई बनाने का टूल रूम शुरू करना है?

DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।

DPR / लोन फ़ाइल बनवाएँ

स्रोत

  1. SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Tool Room for Plastic Die Making (2018)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।