§1यह बिज़नेस क्या है
बॉल मिल, ट्रिपल रोल मिल और प्लैनेटरी मिक्सर से पिगमेंट (रंग-कण) को वार्निश, रेज़िन और तेल के माध्यम में फैलाया जाता है; तैयार पेस्ट या तरल स्याही की जाँच करके पैक किया जाता है। ख़रीदार पैकेजिंग छापाख़ाने, अख़बार, प्रकाशक और व्यावसायिक प्रिंटर हैं। (PMEGP शीर्षक में 'प्रिंटर इंक' लिखा है, पर रिपोर्ट की प्रक्रिया और बाज़ार छपाई की स्याही के हैं।)
क्षमता: 10 घंटे की शिफ़्ट में रोज़ 200 किलो; पहले साल 30%।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
रसायनज्ञ या स्याही के धंधे का व्यक्ति, जिसके प्रिंटरों से संपर्क हों।
किसके लिए नहीं
जिसके पास रंग मिलाने का हुनर या प्रिंटरों से संपर्क नहीं।
फ़ायदे
- छपी पैकेजिंग बढ़ने से स्याही की माँग बढ़ रही है
- बहुत से छोटे प्रिंटर पास के सप्लायर को पसंद करते हैं
- बैच में बनती है — ग्राहक के हिसाब से रंग बनाना आसान
- मध्यम निवेश
नुकसान
- रिपोर्ट के अनुसार 550 से ज़्यादा निर्माता और बहुत से असंगठित खिलाड़ी
- रंग मिलाने के लिए कुशल तकनीशियन चाहिए
- विलायक और पिगमेंट को सावधानी से सँभालना पड़ता है
- ख़रीदार उधार की उम्मीद रखते हैं
कौन-से हुनर चाहिए
- पिगमेंट फैलाना और रंग मिलाना
- प्रयोगशाला जाँच (गाढ़ापन, चिपचिपाहट, सूखना)
- रसायनों को सुरक्षित सँभालना
- प्रिंटरों को बेचना
कठिनाई 3/5 क्यों: रंग का तकनीकी हुनर और धंधे के संपर्क चाहिए।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- पैकेजिंग छापाख़ाने
- अख़बार और प्रकाशक
- व्यावसायिक और प्रचार सामग्री छापने वाले
कैसे बिकता है
- छापाख़ानों को सीधी सप्लाई
- स्याही डीलर
जानने लायक
- रिपोर्ट के अनुसार 2021–22 में भारत में छपाई की स्याही की माँग लगभग 4,10,000 टन थी, जो पिछले दस साल में लगभग 7.5% सालाना बढ़ी।
- माँग में छपी पैकेजिंग का हिस्सा लगभग 27%, अख़बारों का 20%, और व्यावसायिक व विज्ञापन छपाई का लगभग 19% है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| बॉल मिल | 1 | ₹2,50,000 |
| ट्रिपल रोल मिल | 1 | ₹5,00,000 |
| वार्निश केतली | 1 | ₹1,90,000 |
| प्लैनेटरी मिक्सर | 1 | ₹1,80,000 |
| पॉट मिल | 1 | ₹70,000 |
| प्रयोगशाला और अन्य उपकरण | 1 lot | ₹1,50,000 |
स्रोत: PMEGP sample project report — Printer Ink (prepared by Udyami/Samadhan)
- पिगमेंट (काली स्याही के लिए कार्बन ब्लैक, सफ़ेद के लिए टाइटेनियम डाइऑक्साइड)पहले साल कुल कच्चा माल ₹36.00 लाख
- बाँधने वाले पदार्थ — वार्निश और रेज़िनपिगमेंट को ले जाते और काग़ज़ पर चिपकाते हैं
- एक्सटेंडर, अपारदर्शी बनाने वाले पदार्थ और प्लास्टिसाइज़र
- वाहक — पेट्रोलियम तेल, सोयाबीन तेल या पानीफ़्लेक्सो स्याही के लिए पानी
स्रोत: PMEGP sample project report — Printer Ink (prepared by Udyami/Samadhan)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Pioneer Engineering Co · Mumbai →A.P.V. Engineering Co. Ltd · Kolkata →Adair Dutta and Co · Kolkata →Amic Industries (P) Ltd · Kolkata →Associated Instruments Mfg (India) Ltd. · Kolkata →Associated Pigments Ltd · Kolkata →Bajaj Oil Mills · Howrah →Calcutta Industrial Chemicals and Minerals Co. Pvt. Ltd. · Kolkata →Calcutta Paints and Driers Pvt Ltd · Kolkata →Chamicolour Private Limited · Mumbai →D.K Engg. Works · Kolkata →Gandhi Parekh Investment Corpn. Private Limited · Mumbai →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
- फ़ायर NOC (विलायक भंडारण)
- जहाँ लागू हो, फ़ैक्टरी लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- Stand-Up IndiaCentralबंद₹10 लाख – ₹1 करोड़ कर्ज़
₹17.56 लाख: PMEGP; MUDRA ₹20 लाख तक; बिना गिरवी कर्ज़ के लिए CGTMSE; SC/ST और महिलाओं के लिए Stand-Up India।
§7पैसा
निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹13.40 लाख + फ़र्नीचर ₹0.60 लाख + कार्यशील पूँजी ₹3.56 लाख = ₹17.56 लाख (टर्म लोन ₹12.60 लाख, कार्यशील पूँजी ₹3.20 लाख, अपना ₹1.76 लाख)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): ₹3.56 लाख (बैंक ₹3.20 लाख); 10 दिन का स्टॉक और ख़रीदारों को 12 दिन का उधार।
रिपोर्ट पर साल नहीं छपा; इसमें 2021–22 के बाज़ार आँकड़े हैं — मशीनों के आज के दाम जाँचें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
- HS कोड WCO HS 2022 सूची से हैं; 8 अंकों वाली ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की करें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना ज़रूरी है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- रंग की शिकायत और माल लौटना
- पिगमेंट और विलायक का दाम बढ़ना
- विलायक से आग
- डूबा हुआ उधार
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: छपाई की स्याही (प्रिंटिंग इंक) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
छपाई की स्याही (प्रिंटिंग इंक) शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
