§1यह बिज़नेस क्या है
कटे हुए राजमा को कंपन वाली छलनी पर पहले साफ़ किया जाता है, फिर चुंबकीय सेपरेटर, डी-स्टोनर और ग्रैविटी सेपरेटर से गुज़ारा जाता है, एक जैसे रूप के लिए रंग से छाँटा जाता है, तौला और पैक किया जाता है। इसमें न पकाना है न पिसाई। राजमा (DPR इसे खोलर कहती है) उत्तर भारत की मुख्य दाल है, जो मुख्यतः जम्मू-कश्मीर, उत्तराखंड, हिमाचल और महाराष्ट्र में उगती है।
क्षमता: 300 किलो प्रति घंटा; सालाना 7,20,000 किलो राजमा से 10% बर्बादी के बाद 6,48,000 किलो पैक राजमा। DPR पहले साल 30% (1,94,400 किलो) से शुरू करके पाँचवें साल 50% तक जाती है।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
राजमा उगाने वाले इलाक़े का दाल व्यापारी या FPO, जो साफ़ किए ब्रांडेड पैक बेचना चाहता हो।
किसके लिए नहीं
जिसके राजमा इलाक़ों में ख़रीद-संपर्क या वितरण नेटवर्क न हों।
फ़ायदे
- राजमा-चावल उत्तर भारत में रोज़ का खाना है — लगातार माँग
- न पकाना, न पिसाई — केवल सफ़ाई, छँटाई और पैकिंग
- DPR में कम ब्रेक-ईवन (27%)
- रंग से छँटाई से एक जैसा, अच्छा दिखने वाला पैक
नुकसान
- पहले साल पतला मुनाफ़ा (₹1.67 लाख)
- अकेले कलर सॉर्टर की क़ीमत ₹6.00 लाख
- पहाड़ी राजमा मौसमी है और दूर के इलाक़ों से आता है
- मंडी में सस्ते बिकने वाले खुले राजमा से मुक़ाबला
कौन-से हुनर चाहिए
- आकार, रंग और नमी से राजमा की ग्रेडिंग
- कलर सॉर्टर चलाना
- थोक और किराना बिक्री
- स्टॉक नियंत्रण और कीट प्रबंधन
कठिनाई 2/5 क्यों: सफ़ाई और पैकिंग सरल है; अच्छी ख़रीद और ब्रांड बनाना मुनाफ़ा तय करते हैं।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- किराना दुकानें
- थोक व्यापारी और वितरक
- होटल, ढाबे और कैटरर
- सुपरमार्केट
कैसे बिकता है
- थोक व्यापार
- आधुनिक रिटेल और ऑनलाइन
- संस्थाओं को आपूर्ति
जानने लायक
- DPR पहले साल 1 किलो का पैकेट ₹70 का मानती है, हर साल ₹4 बढ़ता।
- DPR बताती है कि रेडी-टू-ईट और नाश्ते के उत्पादों में दालों का उपयोग बढ़ रहा है।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| कंपन वाला प्री-क्लीनर (300 किलो/घंटा) | 1 | ₹1,50,000 |
| डी-स्टोनर | 1 | ₹1,75,000 |
| चुंबकीय सेपरेटर | 1 | ₹1,00,000 |
| ग्रैविटी सेपरेटर | 1 | ₹1,30,000 |
| कलर सॉर्टिंग मशीन | 1 | ₹6,00,000 |
| तौल और पैकिंग मशीन | 1 | ₹3,80,000 |
| बिन, ट्रॉली, कन्वेयर, साइलो, तौल मशीन, बकेट एलिवेटर | — | ₹3,50,000 |
स्रोत: NIFTEM-K project profile — Kholar (Rajma) Processing Unit (PMFME model DPR) (2022)
- कटाई के बाद का राजमागहाई के बाद स्थानीय बाज़ार से; पहले साल ₹43 किलो
- पैकिंग सामग्री1 किलो के पैकेट / बोरियाँ
स्रोत: NIFTEM-K project profile — Kholar (Rajma) Processing Unit (PMFME model DPR) (2022)
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- FSSAI लाइसेंस
- उद्यम (Udyam)
- GST
- ख़रीद के लिए मंडी लाइसेंस (राज्य के नियम)
- पैक सामान के लिए लीगल मेट्रोलॉजी पंजीकरण
§6योजनाएँ और सब्सिडी
- PMFMECentralअस्पष्ट35% सब्सिडी, अधिकतम ₹10 लाख
- AIFCentralअस्पष्ट3% ब्याज छूट, ₹2 करोड़ तक
- PMEGPCentralचालू15–35% सब्सिडी
- CGTMSECentralचालूबिना कोलैटरल, ₹10 करोड़ तक
- MudraCentralचालू₹20 लाख तक कर्ज़, बिना कोलैटरल
PMFME (DPR इसी का मॉडल है, ₹10 लाख तक 35% सब्सिडी), AIF (सफ़ाई और ग्रेडिंग प्राथमिक प्रसंस्करण है), PMEGP और CGTMSE लागू। DPR में बैंक वित्त ₹18.80 लाख (सावधि ऋण ₹12.29 लाख + कार्यशील पूँजी ₹6.51 लाख) है, जो MUDRA की ₹20 लाख सीमा के भीतर है।
§7पैसा
निवेश का आधार: NIFTEM-K की PMFME मॉडल DPR: कुल ₹29.59 लाख = प्लांट और मशीनरी ₹18.85 लाख + अन्य संपत्ति ₹3.50 लाख + कार्यशील पूँजी ₹7.24 लाख। जगह किराए पर (पहले साल किराया ₹3.60 लाख)।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹7.24 लाख (बैंक सीमा ₹6.51 लाख): 7 दिन का राजमा और पैक माल स्टॉक में, ख़रीदारों को 10 दिन की उधारी। पहले साल राजमा ₹43 किलो माना गया है; 1 किलो का पैकेट ₹70 में बिकता है।
DPR पर वर्ष छपा नहीं है; NIFTEM-K ने इसे जुलाई 2022 में प्रकाशित किया — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
निर्यात परिषद / बोर्ड: APEDA
- दालों की व्यापार नीति अक्सर बदलती है — भेजने से पहले DGFT की ताज़ा अधिसूचनाएँ और 8-अंकीय ITC(HS) कोड जाँच लें।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- फ़सल के बाद राजमा के दामों में उतार-चढ़ाव
- रखे राजमा में कीड़े
- खुले माल से सस्ती होड़
- दालों के आयात या स्टॉक-सीमा नीति में बदलाव
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: राजमा सफ़ाई और पैकिंग यूनिट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (FSSAI लाइसेंस, उद्यम (Udyam)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
राजमा सफ़ाई और पैकिंग यूनिट शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
