§1यह बिज़नेस क्या है
रेगुलेटेड DC पावर सप्लाई AC बिजली को ऐसे तय DC वोल्टेज में बदलती है जो भार बदलने पर भी स्थिर रहता है। इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोगशालाएँ, उद्योग, संचार विभाग, अनुसंधान विभाग और कॉलेज इनसे सर्किट चलाते और जाँचते हैं। KVIC प्रोफ़ाइल एक छोटी जोड़ने-और-जाँचने वाली इकाई की है जो ऑसिलोस्कोप, मीटर और हाथ के औज़ारों से साल में 1,000 सप्लाई बनाती है।
क्षमता: साल में 1,000 पावर सप्लाई।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
इलेक्ट्रॉनिक्स डिप्लोमा या डिग्री वाला व्यक्ति जो कॉलेजों, प्रयोगशालाओं और वर्कशॉप को बेच सके।
किसके लिए नहीं
जिसकी इलेक्ट्रॉनिक्स में कोई पृष्ठभूमि न हो।
फ़ायदे
- बहुत कम निवेश (₹4.20 लाख)
- कॉलेजों, प्रयोगशालाओं और सर्विस सेंटरों में स्थिर ख़रीदार
- हुनर किसी भी इलेक्ट्रॉनिक्स डिप्लोमा में सीखा जाता है
- ऑर्डर पर मनचाहे वोल्टेज बना सकते हैं
नुकसान
- बाज़ार छोटा और मुनाफ़ा मामूली
- सस्ती आयातित सप्लाई से होड़
- माल वापसी से बचने के लिए अच्छी जाँच ज़रूरी
- पुर्ज़ों के दाम अक्सर बदलते हैं
कौन-से हुनर चाहिए
- सर्किट जोड़ना और सोल्डरिंग
- ऑसिलोस्कोप और मीटर से जाँच
- पुर्ज़ों की ख़रीद
- संस्थागत बिक्री और टेंडर
कठिनाई 2/5 क्यों: छोटी, हुनर पर टिकी इकाई; साल में 1,000 नग बेचने के लिए संस्थानों से पहचान चाहिए।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- इलेक्ट्रॉनिक्स प्रयोगशालाएँ और अनुसंधान विभाग
- कॉलेज, ITI और पॉलिटेक्निक
- उद्योग और संचार विभाग
- इलेक्ट्रॉनिक्स मरम्मत और सर्विस सेंटर
कैसे बिकता है
- संस्थानों को सीधी बिक्री
- प्रयोगशाला उपकरण विक्रेता
- सरकारी और संस्थागत टेंडर
जानने लायक
- प्रोफ़ाइल के अनुसार ट्रांज़िस्टर और IC वाले उपकरणों को तय रेगुलेटेड DC वोल्टेज चाहिए, इसलिए ये सप्लाई ज़्यादातर इलेक्ट्रॉनिक व्यवस्थाओं का हिस्सा हैं।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| ड्रिलिंग मशीन (1/2"), बेंच ग्राइंडर, डुअल-ट्रेस ऑसिलोस्कोप (10 MHz), डिजिटल वोल्टमीटर (4½ अंक), मल्टीमीटर, ट्रू-RMS मीटर, डिमरस्टैट (4 और 8 A), पैनल मीटर, HV टेस्टर, रिओस्टैट, मेगर, हाथ के औज़ार, जिग और फ़िक्सचर, दफ़्तर का सामान और फ़र्नीचर | 1 lot | ₹1,25,000 (including pre-operative expenses) |
स्रोत: KVIC Project Profile — Regulated D.C. Power Supplies (PMEGP)
- इलेक्ट्रॉनिक पुर्ज़े और कल-पुर्ज़ेप्रोफ़ाइल में साल का ₹10,00,000
- लेबल और पैकिंग सामग्रीसाल का ₹35,000
स्रोत: KVIC Project Profile — Regulated D.C. Power Supplies (PMEGP)
Building Business Bazaar में सप्लायर
Applied Electronics Ltd · Mumbai →Bharat Electronics Ltd · Bengaluru →Noble Electronics · Delhi →Chaudhary Trading Co · Delhi →Golden Engineering Industries · Delhi →Integral Systems and Components (P) Ltd · Bengaluru →Kiber India · Mumbai →M R Electronics Components Limited · Chennai →Nippen Electrical Instruments · Mumbai →Pieco Electronics and Electricals Limited · Mumbai →Transtronix India Pvt. Ltd · Delhi →Uptron India Ltd · Lucknow →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam)
- GST
- उत्पाद अधिसूचित इलेक्ट्रॉनिक्स श्रेणी में आए तो अनिवार्य पंजीकरण योजना (CRS) के तहत BIS पंजीकरण
- स्थानीय निकाय का व्यापार लाइसेंस
§6योजनाएँ और सब्सिडी
KVIC प्रोफ़ाइल PMEGP के लिए बनी है; इतने कर्ज़ के लिए MUDRA शिशु या किशोर ठीक है।
§7पैसा
निवेश का आधार: KVIC प्रोफ़ाइल: उपकरण ₹1.25 लाख (ड्रिलिंग मशीन, बेंच ग्राइंडर, 10 MHz डुअल-ट्रेस ऑसिलोस्कोप, 4½-अंक डिजिटल वोल्टमीटर, मल्टीमीटर, ट्रू-RMS मीटर, डिमरस्टैट, पैनल मीटर, HV टेस्टर, रिओस्टैट, मेगर, जिग और फ़िक्सचर, दफ़्तर का सामान, शुरुआती ख़र्च) + कार्यशील पूँजी ₹2.95 लाख = ₹4.20 लाख; ज़मीन अपनी, शेड किराए का।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): हर चक्र के लिए कार्यशील पूँजी ₹2.95 लाख; कच्चा माल (पुर्ज़े) साल का ₹10.00 लाख।
KVIC प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम जाँच लें।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें
- माल भेजने से पहले 8 अंकों की ITC(HS) लाइन DGFT या अपने कस्टम ब्रोकर से पक्की कर लें।
- पहली खेप भेजने से पहले DGFT से आयात-निर्यात कोड (IEC) लेना होगा।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- आयात से होड़
- पुर्ज़ों की कमी
- वारंटी में माल वापसी
- संस्थानों से धीमा भुगतान
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: रेगुलेटेड DC पावर सप्लाई की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam), GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
रेगुलेटेड DC पावर सप्लाई शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
