§1यह बिज़नेस क्या है

लकड़ी के पल्प को बारीक करके पैड के आकार में दबाया जाता है, नॉन-वोवन कपड़े और प्लास्टिक की पिछली परत में लपेटकर सील किया जाता है, रिलीज़ पेपर के साथ गोंद लगाया जाता है और पैकिंग से पहले UV रोशनी में कीटाणुरहित किया जाता है। रिपोर्ट में लाइन की क्षमता 50 नग प्रति मिनट है। लक्ष्य हैं गाँव और कम आय वाली महिलाएँ जो ब्रांडेड पैड नहीं ख़रीद पातीं, साथ ही स्कूल, NGO और दवा दुकानें।

क्षमता: प्रति मिनट 50 नग, रोज़ 18,000, साल में 43,20,000; पहले साल 50% = 21,60,000 नग।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

महिला उद्यमी, स्वयं सहायता समूह या NGO जिसकी स्कूलों, गाँवों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं तक पहुँच हो।

किसके लिए नहीं

जो शहर के सुपरमार्केट में बड़े ब्रांडों से सीधी लड़ाई की योजना रखता है।

फ़ायदे

  • असली सामाजिक ज़रूरत, ख़ासकर गाँवों में
  • कम जगह और छोटी मशीनें
  • थोक ख़रीदार: स्कूल, NGO, सरकारी कार्यक्रम
  • महिला स्वयं सहायता समूहों के लिए उपयुक्त

नुकसान

  • दुकानों और टीवी पर बड़े ब्रांड हावी
  • प्रति नग कम दाम, इसलिए ज़्यादा मात्रा बेचनी पड़ती है
  • साफ़-सफ़ाई और गुणवत्ता कड़ी रखनी होती है
  • रिपोर्ट में पतला मुनाफ़ा (पहले साल ₹2.76 लाख)

कौन-से हुनर चाहिए

  • स्वच्छ उत्पादन
  • गुणवत्ता जाँच (सोखने की क्षमता, रिसाव)
  • समुदाय और संस्थाओं को बिक्री
  • जागरूकता का काम

कठिनाई 2/5 क्यों: मशीनें सरल; असली चुनौती गुणवत्ता, भरोसा और ख़रीदारों तक पहुँच।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • गाँव और कम आय वाली महिलाएँ (रिपोर्ट का मुख्य लक्ष्य)
  • स्कूल, छात्रावास और NGO
  • सरकारी स्वास्थ्य कार्यक्रम

कैसे बिकता है

  • दवा और जनरल स्टोर
  • स्वयं सहायता समूह और आशा नेटवर्क
  • संस्थागत टेंडर

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार 2018 में भारत का सैनिटरी नैपकिन बाज़ार 51.15 करोड़ अमेरिकी डॉलर का था।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
पल्वराइज़र (पल्प के लिए; एक ऑपरेटर)1—
नैपकिन प्रेस मशीन1—
नैपकिन सीलिंग मशीन (लगभग 20 सेकंड प्रति नैपकिन)1—
गमिंग सेट (हाथ से, 40 मिनट में 500 नैपकिन)1—
UV स्टरलाइज़र (18 गेज स्टील, तीन 12 इंच UV ट्यूब)1—
पूरा मशीन सेट (ऊपर का)1 सेट₹5.50 lakh (transport extra)

स्रोत: PMEGP sample project report — Sanitary Napkin Making (prepared by Udyami/Samadhan)

  • नॉन-वोवन कपड़ा, 18 GSM₹280 प्रति किलो; ₹0.08 प्रति नग
  • प्लास्टिक शीट, 15 GSM₹230 प्रति किलो; ₹0.06 प्रति नग
  • सुपर-एब्ज़ॉर्बेंट पल्प शीट₹220 प्रति किलो; ₹0.22 प्रति नग
  • रिलीज़ पेपर, 35 GSM₹175 प्रति किलो; ₹0.09 प्रति नग
  • लकड़ी की पल्प शीट₹0.10 प्रति नग

स्रोत: PMEGP sample project report — Sanitary Napkin Making (prepared by Udyami/Samadhan)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. GST और उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. राज्य औषधि नियंत्रण विभाग से लाइसेंस (रिपोर्ट में नाम)
  3. सैनिटरी नैपकिन के लिए BIS मानक IS 5405 — इसका पालन करें, और ख़रीदार या टेंडर माँगें तो प्रमाणन लें
  4. प्लास्टिक और ठोस कचरा नियमों के तहत EPR पंजीकरण
  5. ज़रूरत अनुसार फ़ायर / प्रदूषण पंजीकरण; ट्रेडमार्क

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP और MUDRA लागू; बिना गिरवी क़र्ज़ के लिए CGTMSE; महिला उद्यमियों के लिए Stand-Up India (₹10 लाख से क़र्ज़)।

§7पैसा

निवेश का आधार: समाधान रिपोर्ट: सारांश पेज पर ₹6.99 लाख (प्लांट और मशीनरी ₹6.49 लाख + फ़र्नीचर ₹0.50 लाख); कार्यशील पूँजी ₹3.33 लाख जोड़कर लागत तालिका ₹10.32 लाख। पाठ में मशीन सेट ढुलाई से पहले ₹5.50 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹3.33 लाख; बैंक सीमा ₹3.00 लाख।

रिपोर्ट पर साल नहीं छपा — मशीन और कच्चे माल के आज के दाम पता करें।

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§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

9619.00किसी भी सामग्री के सैनिटरी पैड, टैम्पोन, नैपकिन और ऐसी वस्तुएँ
  • कम दाम वाले पैड सहायता एजेंसियाँ पड़ोसी देशों के लिए ख़रीदती हैं; टेंडर में जाँच रिपोर्ट माँगी जाती है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • गुणवत्ता की शिकायत से भरोसा जल्दी टूटता है
  • कच्चे माल के दाम बढ़ना
  • टेंडर के भुगतान में देरी
  • इस्तेमाल पैड के निपटान के नियम कड़े होना

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: सैनिटरी नैपकिन बनाना की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (GST और उद्यम (Udyam) पंजीकरण, राज्य औषधि नियंत्रण विभाग से लाइसेंस (रिपोर्ट में नाम)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Sanitary Napkin Making (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।