§1यह बिज़नेस क्या है

तारकशी में सख़्त लकड़ी, आम तौर पर शीशम, में खाँचे काटकर उनमें धातु का पतला तार बिठाया जाता है, फिर हथौड़े से बराबर करके पॉलिश की जाती है। इकाई गहनों के डिब्बे, नेमप्लेट, ट्रे, लैंप, मेज़ और सजावटी सामान बनाती है। रिपोर्ट मैनपुरी की कला पर आधारित है, जो ज़िले का 'एक ज़िला एक उत्पाद' (ODOP) है।

क्षमता: 10 घंटे की पाली में रोज़ 60 नग; पहले साल 60% क्षमता मानी गई।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

मैनपुरी के आसपास का कारीगर परिवार या शिल्प उद्यमी, जो कुशल कारीगर सँभाल सके और मेलों व सजावट की दुकानों में बेच सके।

किसके लिए नहीं

जो मशीन से ढेर सारा माल बनाना चाहता है; यह हाथ का काम है, जहाँ गुणवत्ता से दाम तय होता है।

फ़ायदे

  • मैनपुरी में ODOP सहायता वाली जानी-मानी कला, इसलिए प्रशिक्षण और मेले आसानी से मिलते हैं
  • मशीनरी सस्ती (₹3 लाख) — असली क़ीमत कुशल हाथ के काम की है
  • सामान उपहार और सजावट में बिकता है, जहाँ ख़रीदार डिज़ाइन के पैसे देता है
  • रिपोर्ट के अनुसार सूरजकुंड और लखनऊ के शिल्पग्राम जैसे मेलों में बिक्री

नुकसान

  • प्रशिक्षित जड़ाई कारीगर चाहिए; अनाड़ी हाथ लकड़ी और तार ख़राब कर देते हैं
  • धीमा, बारीक काम — ज़्यादा नग नहीं बनते
  • शीशम का दाम और उपलब्धता वन नियमों से बदलती है
  • बिक्री मेलों, त्योहारों और एम्पोरियम के ऑर्डर पर निर्भर

कौन-से हुनर चाहिए

  • तार जड़ाई और लकड़ी की फ़िनिशिंग
  • डिब्बों, नेमप्लेट और सजावटी सामान का डिज़ाइन
  • शिल्प मेलों और एम्पोरियम में बिक्री
  • लकड़ी और धातु तार की लागत का हिसाब

कठिनाई 3/5 क्यों: मशीनरी सस्ती है, पर कुशल जड़ाई कारीगर और पक्का बिक्री रास्ता चाहिए।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • उपहार और घर-सजावट के ख़रीदार
  • हस्तशिल्प एम्पोरियम और सजावट की दुकानें
  • शिल्प मेलों के दर्शक

कैसे बिकता है

  • सूरजकुंड और लखनऊ शिल्पग्राम जैसे शिल्प मेले (रिपोर्ट में नाम)
  • ODOP और ज़िला उद्योग केंद्र का प्रचार
  • अपना शोरूम या ऑनलाइन शिल्प स्टोर

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार मैनपुरी ज़िले में लगभग 700 लोग तारकशी से रोज़ी कमाते हैं।
  • कच्चा माल सबसे बड़ी लागत: पहले साल ₹41.04 लाख की बिक्री में ₹22.68 लाख।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
लकड़ी काटने की मशीन1₹2.50 lakh
बफ़िंग मशीन1₹20,000
अन्य औज़ार और उपकरण—₹30,000

स्रोत: PMEGP sample project report — Tarkashi Handicraft (prepared by Udyami/Samadhan)

  • शीशम की लकड़ीडिब्बों, नेमप्लेट और फ़र्नीचर के लिए आधार
  • धातु की चादर / तार (पीतल, ताँबा या चाँदी)बारीक तार काटकर खाँचों में ठोका जाता है
  • गोंद, पॉलिश मोम, रेगमाल पत्थरजोड़ने और फ़िनिशिंग के लिए

स्रोत: PMEGP sample project report — Tarkashi Handicraft (prepared by Udyami/Samadhan)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. उद्यम (Udyam) पंजीकरण
  2. GST पंजीकरण
  3. स्थानीय निकाय का ट्रेड लाइसेंस
  4. कारीगर कार्ड / हस्तशिल्प पंजीकरण (मेलों के लिए उपयोगी)

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

₹11.16 लाख की इस विनिर्माण इकाई पर PMEGP लागू; MUDRA से ₹20 लाख तक कर्ज़; CGTMSE से बिना गारंटी कवर।

§7पैसा

निवेश का आधार: नमूना रिपोर्ट में कुल ₹11.16 लाख: मशीनरी ₹3.00 लाख, निर्माण कार्य ₹4.00 लाख, फ़र्नीचर ₹0.50 लाख, कार्यशील पूँजी ₹3.66 लाख। ज़मीन अपनी या किराए की। वित्त: टर्म लोन ₹6.75 लाख, कार्यशील पूँजी कर्ज़ ₹3.29 लाख, अपना हिस्सा ₹1.12 लाख।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कार्यशील पूँजी ₹3.66 लाख (बैंक कैश क्रेडिट ₹3.29 लाख); कच्चा माल और तैयार माल 15 दिन का, ख़रीदारों को 15 दिन का उधार।

नमूना रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों के आज के दाम ज़रूर जाँचें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

निर्यात से पहले HS कोड DGFT ITC(HS) सूची में पक्का करें

4420लकड़ी की पच्चीकारी और जड़ाऊ लकड़ी; गहनों के डिब्बे; लकड़ी की मूर्तियाँ और सजावटी सामान

निर्यात परिषद / बोर्ड: Export Promotion Council for Handicrafts (EPCH)

  • हस्तशिल्प निर्यात से पहले IEC लें और EPCH में पंजीकरण (RCMC) कराएँ।
  • कुछ देशों के लिए लकड़ी के सामान पर धूमन (फ़्यूमिगेशन) और पादप-स्वच्छता प्रमाणपत्र चाहिए।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • कुशल कारीगरों की कमी
  • पॉलिश के समय गर्मी से लकड़ी चटकना या तार उखड़ना
  • त्योहारों के बाहर बिक्री धीमी
  • बाज़ार में सस्ती नक़ल

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: तारकशी हस्तशिल्प (लकड़ी में तार जड़ाई) की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST पंजीकरण), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

तारकशी हस्तशिल्प (लकड़ी में तार जड़ाई) शुरू करना है?

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Tarkashi Handicraft (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।