§1यह बिज़नेस क्या है
बड़ी काँच कंपनियों से ख़रीदा सादा शीट काँच ग्राहक के नाप पर घिसा और काटा जाता है, धोया जाता है, किनारे पॉलिश होते हैं, खाँचे या छेद बनते हैं, फिर टफ़निंग भट्ठी में गरम करके हवा के ब्लोअर से तेज़ी से ठंडा किया जाता है। काँच कई गुना मज़बूत हो जाता है और टूटने पर छोटे भोथरे टुकड़ों में बिखरता है। यह दरवाज़ों, पार्टीशन, रेलिंग, दुकान के सामने, फ़र्नीचर की ऊपरी सतह, गाड़ियों और ग्रीनहाउस में लगता है।
क्षमता: साल में 48,000 वर्ग मीटर टफ़न्ड काँच; ₹850 प्रति वर्ग मीटर पर बिक्री।
§2क्या यह आपके लिए है?
किसके लिए
काँच प्रोसेसिंग या भवन सामग्री बिक्री का अनुभव रखने वाला, जिसके बिल्डरों से संपर्क हों, जैसा रिपोर्ट कहती है।
किसके लिए नहीं
कम निर्माण गतिविधि वाले छोटे शहर में बैठा व्यक्ति।
फ़ायदे
- आधुनिक इमारतों में दरवाज़े, पार्टीशन और बाहरी दीवारों में टफ़न्ड काँच लगता है
- शीट काँच बड़ी कंपनियों से आसानी से मिलता है
- रिपोर्ट में अच्छा मार्जिन (कर से पहले लगभग 13%)
- हर ऑर्डर नाप पर कटता है, इसलिए स्थानीय सेवा जीतती है
नुकसान
- ₹1.32 करोड़ की भट्ठी और प्रोसेसिंग मशीनें
- बाज़ार ज़्यादातर स्थानीय — जगह तय करती है कि काम चलेगा या नहीं
- कठोर करने के बाद काँच काटा नहीं जा सकता, इसलिए नाप की ग़लती महँगी
- ढुलाई और सँभालने में टूट-फूट
कौन-से हुनर चाहिए
- भट्ठी चलाना और काँच कठोर करना
- सटीक कटाई और किनारे का काम
- साइट पर नाप लेना
- बिल्डरों और फ़ैब्रिकेटरों को बिक्री
कठिनाई 4/5 क्यों: महँगी भट्ठी, कुशल प्रोसेसिंग और ऐसा बाज़ार जो पास में होना चाहिए।
§3बाज़ार
कौन ख़रीदता है
- बिल्डर और आवास परियोजनाएँ
- एल्युमिनियम और काँच फ़ैब्रिकेटर
- फ़र्नीचर बनाने वाले
- रेलवे, हवाई अड्डे और व्यावसायिक इमारतें
कैसे बिकता है
- सीधे प्रोजेक्ट ऑर्डर
- काँच डीलर और फ़ैब्रिकेटर
जानने लायक
- रिपोर्ट माँग बढ़ने को सबके लिए आवास और किफ़ायती आवास कार्यक्रमों से जोड़ती है।
- प्रशिक्षण CGCRI कोलकाता और IRDT कानपुर में मिलता है (रिपोर्ट में नाम है)।
§4कच्चा माल और मशीनें
| सामान | संख्या | लागत |
|---|---|---|
| टफ़निंग भट्ठी | 1 | — |
| एयर ब्लोअर | 1 | — |
| हाइड्रोलिक उपकरण | 1 लॉट | — |
| साँचे और ब्लोइंग बॉक्स | 1 लॉट | — |
| किनारा घिसने की मशीन | 1 | — |
| वर्टिकल नॉचिंग मशीन | 1 | — |
| वर्टिकल ग्राइंडिंग मशीन | 1 | — |
| बिजली पैनल और वितरण बॉक्स | 1 लॉट | — |
| कुल प्लांट और मशीनरी | — | ₹131.50 lakh |
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Toughened Glass Products (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
- अलग-अलग मोटाई का सादा शीट (फ़्लोट) काँचAsahi, Modiguard और Saint-Gobain जैसी बड़ी कंपनियों से (रिपोर्ट में नाम है)
स्रोत: SIDBI Stand-Up Mitra project profile — Toughened Glass Products (2018) — निजी गाइड — स्थानीय रूप से पक्का करें
Building Business Bazaar में सप्लायर
Centre for the Development of Glass Industry (CDGI), Firozabad · Firozabad →Central Glass and Ceramic Research Institute (CSIR-CGCRI), Kolkata · Kolkata →Andrew Yule and Co. Ltd · Kolkata →Associated Erectors · Kolkata →Haryana Sheet Glass Works Ltd · Sonipat →Hindusthan Pilkington Glass Works Ltd. · Assansol →Indo Asahi Glass Works Ltd · Hazaribag →Punam Machine and Tools · Kolkata →Saraikela Glass Works Ltd · Singhbum →Shree Vallabha Glass Works · Anand →Triveni Sheet Glass Works Ltd · Prayagraj →
§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन
- उद्यम (Udyam) पंजीकरण
- GST
- BIS प्रमाणन — अपने उत्पादों के लिए सुरक्षा काँच का गुणवत्ता नियंत्रण आदेश (QCO) जाँचें
- जहाँ लागू हो, राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति
- फ़ैक्टरी लाइसेंस और फ़ायर NOC
§6योजनाएँ और सब्सिडी
PMEGP के लिए बहुत बड़ी; CGTMSE बिना गिरवी बैंक लोन की गारंटी दे सकता है और Stand-Up India SC/ST व महिला उद्यमियों को पैसा देता है।
§7पैसा
निवेश का आधार: ज़मीन ₹22 लाख + भवन ₹29 लाख + प्लांट और मशीनरी ₹131.50 लाख + फ़र्नीचर और बिजली फ़िटिंग ₹5 लाख + शुरुआती ख़र्च ₹3 लाख + कार्यशील पूँजी का हिस्सा ₹13.82 लाख = ₹204.32 लाख। पैसा: प्रमोटर ₹81.73 लाख, बैंक ₹122.59 लाख।
चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): कुल ₹47.18 लाख (माल ₹8.80 लाख, वसूली ₹34 लाख, ऊपरी ख़र्च ₹4.38 लाख); अपना हिस्सा ₹13.82 लाख, बैंक ₹33.36 लाख। ज़्यादातर पैसा ख़रीदारों की उधारी में फँसता है।
Stand-Up Mitra प्रोफ़ाइल 2018 में अपलोड हुई; प्रोफ़ाइल पर साल नहीं छपा है। मशीनों और कच्चे माल के दाम अब ज़्यादा होंगे।
§8निर्यात की संभावना
निर्यात परिषद / बोर्ड: Not verified yet
- अभी तक कोई HS कोड या निर्यात संस्था सरकारी सूची से जाँची नहीं गई है।
§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं
- शीट काँच के दाम बढ़ना
- टूट-फूट और अपने-आप चटकने की शिकायतें
- बिल्डरों से देर से भुगतान
- पास की प्रोसेसिंग इकाइयों से मुक़ाबला
§1030 / 60 / 90 दिन की योजना
यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।
- दिन 1–30: टफ़न्ड (कठोर) काँच बनाना की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
- दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (उद्यम (Udyam) पंजीकरण, GST), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
- दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।
§11किससे जुड़ें
एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें
§12देखें
इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।
टफ़न्ड (कठोर) काँच बनाना शुरू करना है?
DPR, लोन फ़ाइल या रजिस्ट्रेशन — WhatsApp पर पूछें।
¶स्रोत
डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।
