§1यह बिज़नेस क्या है

जिस घिसे टायर का ढाँचा ठीक है, उसे साफ़ करके जाँचा जाता है, घिसाई (बफ़िंग) की जाती है, कुशन कंपाउंड लगाकर प्रीक्योर्ड ट्रेड की पट्टी चढ़ाई जाती है, फिर बॉन्डर में भाप से पकाया जाता है। रिपोर्ट कार टायरों के लिए बनी है। ट्रांसपोर्टर, टैक्सी मालिक और कार मालिक रिट्रेड टायर इसलिए लेते हैं क्योंकि ये नए टायर से सस्ते पड़ते हैं।

क्षमता: रोज़ 20 कार टायर, साल में 6,000 (8 घंटे, 300 दिन); योजना पहले साल 70% और पाँचवें साल 90% पर चलती है।

§2क्या यह आपके लिए है?

किसके लिए

टायर या ट्रांसपोर्ट के धंधे से जुड़ा व्यक्ति जिसके बेड़े वालों और टैक्सी चलाने वालों से संपर्क हों।

किसके लिए नहीं

जिसके ट्रांसपोर्टरों से संपर्क नहीं हैं, या जो यह नहीं परख सकता कि टायर का ढाँचा रिट्रेड के लायक सुरक्षित है या नहीं।

फ़ायदे

  • रिट्रेड नए टायर से सस्ता पड़ता है, इसलिए ट्रांसपोर्टर बार-बार आते हैं
  • सेवा का काम — टायर का ढाँचा ग्राहक ख़ुद लाता है
  • सड़क पर गाड़ियाँ बढ़ने के साथ माँग बढ़ती है
  • प्रीक्योर्ड तरीके से फ़ैक्टरी में बना ट्रेड पैटर्न मिलता है

नुकसान

  • ब्रेक-ईवन 55% पर ऊँचा है — लगातार काम चाहिए
  • ट्रेड रबर सबसे बड़ा ख़र्च है और उसका दाम रबर के भाव के साथ बदलता है
  • बहुत ख़राब ढाँचे लौटाने पड़ते हैं, जिससे काम छूटता है
  • ग्राहकों को घटिया रिट्रेड से सुरक्षा का डर रहता है

कौन-से हुनर चाहिए

  • ढाँचे में कट, प्लाई की ख़राबी और बीड की हालत की जाँच
  • बफ़र, बिल्डर, बॉन्डर और बॉयलर चलाना
  • पकाने के तापमान और समय पर गुणवत्ता नियंत्रण
  • बेड़े के मालिकों और टायर डीलरों को बिक्री

कठिनाई 3/5 क्यों: भाप से पकाने और ढाँचे की जाँच में हुनर चाहिए, और 55% ब्रेक-ईवन के लिए पक्के ग्राहक चाहिए।

§3बाज़ार

कौन ख़रीदता है

  • ट्रांसपोर्टर और बेड़े के मालिक
  • टैक्सी और कार मालिक
  • बस और ट्रक चलाने वाले (रिपोर्ट के अनुसार व्यावसायिक गाड़ियों में रिट्रेडिंग बढ़ रही है)

कैसे बिकता है

  • स्थानीय ट्रांसपोर्टरों का सीधा काम
  • घिसे टायर इकट्ठा करने वाले टायर डीलर और दुकानें
  • बेड़ों के साथ बार-बार के ठेके

जानने लायक

  • रिपोर्ट के अनुसार रिट्रेड टायर नए से लगभग 30% सस्ता है और नए टायर का 80% तक काम देता है।
  • रिपोर्ट कहती है कि भारत में लगभग आधी रिट्रेडिंग प्रीक्योर्ड (ठंडे) और आधी पारंपरिक (गरम) तरीके से होती है।
  • ट्रक और बस में रेडियल टायरों का बढ़ता इस्तेमाल बढ़त का सबसे बड़ा कारण बताया गया है।

§4कच्चा माल और मशीनें

सामानसंख्यालागत
धूल इकट्ठा करने वाले यंत्र सहित बफ़िंग मशीन, बिल्डर, टायर बॉन्डर (ट्रक / तीन-टायर LCV / कार) क्योरिंग रिम और बिजली की चरखी के साथ1₹8,50,000
वर्क बेंच, एनवेलप / टायर स्टैंड और गैन्ट्री1₹75,000
बॉयलर, 300 किलो/घंटा1₹4,50,000
एयर कंप्रेसर, 100 पाउंड दबाव, 5 HP मोटर के साथ1₹70,000
सहायक सामान: पाइप फ़िटिंग, बिजली फ़िटिंग, रिट्रेडिंग औज़ार, ट्रॉली वाली चरखीएकमुश्त₹1,00,000

स्रोत: PMEGP sample project report — Automobile Tyre Retreading (prepared by Udyami/Samadhan)

  • प्रीक्योर्ड ट्रेड रबरपूरी क्षमता पर साल में 28 टन, ₹1,15,000 प्रति टन
  • कुशन कंपाउंडसाल में 2,800 लीटर, ₹120 प्रति लीटर
  • वल्कनाइज़िंग घोलसाल में 100 लीटर, ₹120 प्रति लीटर
  • एनवेलपसाल में 6,000 नग, ₹30 प्रति नग

स्रोत: PMEGP sample project report — Automobile Tyre Retreading (prepared by Udyami/Samadhan)

§5लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन

  1. GST पंजीकरण (रिपोर्ट में लिखा)
  2. उद्यम (Udyam) पंजीकरण (रिपोर्ट में उद्योग आधार लिखा है, जिसकी जगह अब उद्यम है)
  3. अपने ब्रांड नाम का ट्रेडमार्क (वैकल्पिक, रिपोर्ट में लिखा)
  4. अगर आपका बॉयलर बॉयलर अधिनियम के दायरे में आता है तो राज्य बॉयलर निरीक्षणालय में पंजीकरण
  5. राज्य प्रदूषण बोर्ड की सहमति और स्थानीय निकाय से व्यापार लाइसेंस

यह रजिस्ट्रेशन हम करवा सकते हैं

§6योजनाएँ और सब्सिडी

PMEGP (रिपोर्ट इसी के लिए बनी है), ₹20 लाख तक के कर्ज़ के लिए MUDRA और बिना गारंटी कर्ज़ के लिए CGTMSE।

§7पैसा

निवेश का आधार: प्लांट और मशीनरी ₹15.45 लाख + फ़र्नीचर ₹1.25 लाख + कार्यशील पूँजी ₹5.56 लाख = ₹22.26 लाख; ज़मीन और भवन अपना या किराए का (ख़र्च में नहीं जोड़ा)।

चालू पूँजी (वर्किंग कैपिटल): प्रोजेक्ट लागत में कार्यशील पूँजी ₹5.56 लाख (बैंक से ₹5.00 लाख): 15 दिन का कच्चा माल और 15 दिन के तैयार टायर।

रिपोर्ट पर साल नहीं छपा है — मशीनों और कच्चे माल के आज के दाम पता करें।

लोन फ़ाइल कैसे बनाएँ

§8निर्यात की संभावना

रिट्रेडिंग स्थानीय सेवा है; रिपोर्ट में निर्यात की बात नहीं है।

§9जोखिम — लोग कहाँ नाकाम होते हैं

  • ट्रेड उखड़ने से शिकायतें और भरोसा टूटना
  • रबर के दामों में उतार-चढ़ाव
  • कम काम से यूनिट ब्रेक-ईवन से नीचे रहना
  • बॉयलर और भाप से सुरक्षा

§1030 / 60 / 90 दिन की योजना

यह आम योजना है, जो हर बिज़नेस पर लागू होती है। इस बिज़नेस की ख़ास योजना शोध के बाद जोड़ी जाएगी।

  1. दिन 1–30: टायर रिट्रेडिंग यूनिट की एक चालू यूनिट देखने जाएँ, 10 खरीदारों से दाम और मात्रा पूछें, और 3 सप्लायरों से कोटेशन लें।
  2. दिन 31–60: Udyam (उद्यम) रजिस्ट्रेशन और ज़रूरी लाइसेंस (GST पंजीकरण (रिपोर्ट में लिखा), उद्यम (Udyam) पंजीकरण (रिपोर्ट में उद्योग आधार लिखा है, जिसकी जगह अब उद्यम है)), प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR), और योजना या लोन की फ़ाइल।
  3. दिन 61–90: जगह और मशीनें, ट्रायल उत्पादन, और पहले 10 ग्राहकों तक माल।

§11किससे जुड़ें

अभी जाँचा नहीं गया

एसोसिएशन, क्लस्टर और ट्रेनिंग संस्थान — इनकी सूची बन रही है। जुड़ें

§12देखें

इस बिज़नेस पर अभी कोई एपिसोड नहीं आया है। पॉडकास्ट पर शो जल्द आ रहे हैं।

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स्रोत

  1. PMEGP sample project report — Automobile Tyre Retreading (prepared by Udyami/Samadhan)

डेटा की समीक्षा: 6 अक्टूबर 2026. कोई गलती दिखी? हमें बताएँ. सिर्फ़ जानकारी के लिए — यह कानूनी या वित्तीय सलाह नहीं है।